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Friday, December 2, 2016

अब जनता को नहीं लूट पाएंगे हरियाणा के राशन डिपो वाले

अब जनता को नहीं लूट पाएंगे हरियाणा के राशन डिपो वाले

चंडीगढ़, 2 दिसंबर- हरियाणा में राज्य के लोगों को राशन डिपुओं के माध्यम से विभिन्न वस्तुएं बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से एफपीएस ऑटोमेशन के तहत दी जा रही हैं,  परंतु जिन डिपुओं पर पीओएस डिवाइस (बिक्री यंत्र) नहीं लगाई गई हैं तथा जहां पर पीओएस डिवाइस, सर्वर व अन्य बिंदुओं पर समस्याएं हो रही हैं, उन डिपुओं पर हरियाणा सरकार ने नवम्बर व दिसम्बर, 2016 की सभी आवश्यक वस्तुओं को पुरानी व्यवस्था अनुसार अर्थात मैनुअली पहले की भांति वितरित करने का निर्णय लिया है। 
    यह निर्णय आज यहां हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में लिया गया। बैठक में राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्ण देव कम्बोज भी उपस्थित थे।

    बैठक में बताया गया कि विभिन्न स्थानों से सूचना के अनुसार पीओएस डिवाइस (बिक्री यंत्र) तथा सर्वर व अन्य तकनीकी खामियां होने के कारण लोगों को वस्तुओं के वितरण में अधिक समय लग रहा है, इसलिए राज्य सरकार ने सर्वर व अन्य तकनीकी बिंदुओं का समाधान होने तक एवं स्टॉप गैप प्रबन्ध के तौर पर, जिन डिपुओं पर पीओएस डिवाइस (बिक्री यंत्र) हो चुकी हैं, उन डिपुओं पर लाभार्थी पीओएस पर अपना अंगूठा लगाने का एक बार प्रयास करेगा तथा उसके 30 सैकिंड के उपरांत उसे सभी आवश्यक वस्तुओं का राशन दे दिया जाएगा। इससे लाभार्थी की समस्त जानकारी बिक्री यंत्र में अंकित हो जाएगी। इस व्यवस्था को लागू करवाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है और उम्मीद है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर यह व्यवस्था सुचारू रूप से प्रारम्भ हो जाएगी।

    बैठक मेें बताया गया कि नवम्बर, 2016 की सभी आवश्यक  वस्तुओं की बिक्री 3 दिसम्बर, 2016 को रात्रि 12 बजे बंद कर दी जाएगी।उसके उपरांत दिसम्बर, 2016 की सभी आवश्यक वस्तुओं का आबंटन कर दिया जाएगा। बैठक में बताया गया कि इस व्यवस्था से जिन लाभार्थियों ने नवम्बर माह में अपना राशन प्राप्त कर लिया है, उन्हें केवल दिसम्बर मास का राशन दिया जाएगा। यदि किसी ने नवम्बर माह का राशन प्राप्त नहीं किया है तो उन्हें दोनों महीनों अर्थात नवम्बर व दिसम्बर का राशन दिया जाएगा। 

    बैठक में बताया गया कि पीओएस के माध्यम से राशन वितरण की समस्याएं अन्य राज्यों में उत्पन्न हुई थी, जिनके समाधान के लिए दो से तीन महीने का समय लगा था। इसी प्रकार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सर्वर व अन्य तकनीकी बिंदुओं पर युद्ध स्तर पर कार्य आरम्भ कर दिया है ताकि एफपीएस ऑटोमेशन व्यवस्था को पूरे राज्य में सुचारू रूप क्रियान्वित किया जा सके और उपभोक्ताओं को उनका राशन पात्रता अनुसार पूरी मात्रा में उचित दरों पर उपलब्ध हो सके।