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Friday, February 23, 2018

बड़ा फैसला, सरकारी स्कूलों की 6,9,11 कक्षा में पढने वाली छात्राओं को साइकिल देंगे मुख्यमंत्री खट्टर

बड़ा फैसला, सरकारी स्कूलों की 6,9,11 कक्षा में पढने वाली छात्राओं को साइकिल देंगे मुख्यमंत्री खट्टर

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चंडीगढ़, 23 फरवरी- हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा ने बताया कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 6वीं, 9वीं तथा 11वीं कक्षाओं में पढऩे वाले अनुसूचित जाति के जिन विद्यार्थियों का स्कूल उनके गांव से 2 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित है, उन विद्यार्थियों को प्रदेश सरकार द्वारा नि:शुल्क साईकिल उपलब्ध करवाई जाएगी। इस योजना को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज मंजूरी दे दी है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि विद्यार्थी अपनी पंसद की साईकिल खरीद कर उसका बिल स्कूल में जमा करवा देंगे तो साईकिल की राशि उस विद्यार्थी के बैंक खाता में ‘डायरेक्ट फंड ट्रांसफर योजना’ के तहत भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकता अनुसार 20 इंच तथा 22 इंच ऊंचाई वाली साईकिलें उपलब्ध करवाई जाएंगी। इनमें 20 इंच की साईकिल के लिए विभाग द्वारा 2525 रूपए तथा 22 इंच की साईकिल के लिए 2775 रूपए विद्यार्थी को दिए जाएंगे।

श्री शर्मा ने बताया कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 6वीं ,9वीं तथा 11वीं कक्षाओं में पढऩे वाले अनुसूचित जाति के प्रत्येक विद्यार्थी को साईकिल मुहैया करवाने के लिए स्कूल मुखिया तथा स्कूल प्रबंध कमेटी की जिम्मेवारी लगाई गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं। उन्होंने बताया कि ‘अपग्रेडेशन ऑफ मैरिट ऑफ एस.सी. स्टूडेन्टस योजना’ के अन्तर्गत छात्रावास में रहने वाले नौंवी से बारहवीं कक्षा तक के अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं आयोजित करके प्रतियोगिता हेतु तैयारी करवाई जाती है। वर्तमान में यह योजना श्रीमद्भगवद गीता सीनियर सैकण्डरी स्कूल, कुरुक्षेत्र में चलाई जा रही है।
शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में सफाई तथा जान जोखिम में लगे लोगों के बच्चों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृति योजना के अन्तर्गत डे-स्कोलर पहली से 10वीं कक्षा तक के छात्रो के लिए 110 रुपये प्रति मास छात्रवृति और 750 रुपये तदर्थ वार्षिक अनुदान प्रदान किया जाता है। छात्रावास में रहने वाले बच्चों को (10 मास के लिए) 700 रुपये प्रतिमास छात्रवृति प्रदान की जाती है तथा 1,000 रुपये की वार्षिक तदर्थ अनुदान प्रदान किया जाता है।