Thursday, November 17, 2016

नोटबंदी का समर्थन कर रहे हैं किसान लेकिन गेहूं बेंच ला रहे हैं सामान


Haryana News
बाबैन, 17 नवम्बर (राकेश शर्मा): 500 व 1000 हजार के नोट बंद करना सरकार का यह फैसला सराहनीय कार्य है इससे कालेधन की समस्या से निजात मिलेगी, जबकी दिक्कतें झेलने के बावजूद यह कहना है क्षेत्र के लोगों का। लेकिन आम आदमी को रोजमर्रा के कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण गुरबक्स सिंह, हरिवन्द्र सिंह, शेर सिंह, नरेश कुमार, अमित कुमार व सुशील कुमार कहना है कि जब से सरकार के द्वारा नोट बंद किए है तब से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में कोई सामान लेने के लिए आपस में उधार कर रहा है और कह रहा है कि कल ए.टी.एम. या बैंक से पैसे निकलवा कर उन्हें दे देगा। लेकिन बैंक व एटीएम के बाहर लंबी कतार लगी होने के कारण उधारी वाले के पैसे वापिस नहीं हो पाती जिससे आगे उन्हें उधार देना भी बंद हो गया है। 

ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोग तो दुकानदार के पास सामान लेने के लिए 500 व 1000 हजार का नोट लेने से इंकार कर देते है गरीब वर्ग के लोग अपने घर में रखे गेंहू के ढोल से गेंहू बेचकर अपने परिवार को दो वक्त की रोटी का जुगाड़ कर रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि बैंक मे ंपैसा लेने के लिए सुबह से लाईन में लग जाते है और जब दोपहर तक उनका नंबर आता है तो बैंक अधिकारी उनको कहता है कि बैंक में कैश खत्म हो गया है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि बैंकों में कैश की समस्या को जल्द से जल्द ठीक किया जाए नहीं तो गरीब व्यक्ति को दो वक्त की रोटी के लाले पड़ जाएगें।
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