Saturday, December 3, 2016

चोर, बेईमान, कमीशनखोर बैंक मैनेजरों के कारण हुई जनता को परेशानी, मोदी की नोटबंदी को लगाया चूना


New Delhi 03 December 2016: नोटबंदी का आज 25वां दिन है लोग सैलरी पाने के बाद भी खाली हाँथ हैं अब अभी बड़ी मात्रा में कैश इधर उधर कर दिया जा रहा है । रिजर्व बैंक का एक बयान आया है कि वहाँ से भारी मात्रा में कैश भेजा जा रहा है तो ये कैश जा कहाँ रहा है कौन गायब कर दे रहा है भारी मात्रा में कैश, कल कई बैंक अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया है लेकिन सूत्रों की मानें तो ऐसे हजारों बैंक मैनेजर हैं जिन्होंने इस तरीके के गड़बड़झाले किये हैं । प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी का बहुत बड़ा निर्णय ऐसे ही नहीं ले लिया था, इसके लिए पूरी तैयारी की गयी थी, सभी तकलीफों और उठाये जाने वाले क़दमों पर विचार किया गया था लेकिन मोदी सरकार को यह नहीं पता था कि हजारों बैंक मैनेजर चोर और बेईमान निकल जाएंगे और जनता को पैसे देने के बजाय ये चोरों और बेईमानों के साथ मिलकर उनका काला धन सफ़ेद करने लगेंगे। 

चोर और बेईमान बैंक मैनेजरों ने मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम को कमजोर साबित कर दिया, हजारों चोर बैंक मैनजरों ने ऐसी लूट मचा रखी है कि पूछो मत। ये भ्रष्टाचारियों से मिलकर उनके कालेधन को सफ़ेद कर रहे हैं और बदने में करोड़ों रुपये की रिश्वत खा रहे हैं लेकिन जब गरीब जनता कैश काउंटर पर पहुँचता है तो ये कहते हैं कि कैश ख़त्म हो गया है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार बैंक कर्मियों की तारीफ की है लेकिन कर्मचारी तो काम करते हैं लेकिन बैंक मैनेजर अपने घर से बेईमानों और भ्रष्टाचारियों से डील करके आते हैं। जाते समय वे अपने साथ लाखों के नए नोट ले जाते हैं और भ्रष्टाचारियों से कमीशन लेकर उनसे पुराने नोट लेकर अगले दिन वापस आ जाते हैं। 

अगर ये बेईमान बैंक मैनेजर इमानदारी से काम करते तो जनता को इतनी तकलीफ ना होती और ना ही कैश के लिए मारामारी होती, आज हालात यह हो गए हैं कि लोग कैश के लिए टूट पड़ रहे हैं, लोग बैंकों और ATM के बाहर बड़ी बड़ी लाइनें देखकर इतने डर जाते हैं कि वे दो चार महीनों का जुगाड़ करके रखना चाहते हैं, पहले लोग अपने सारे पैसे बैंकों में रखते थे और 1000-500 रुपये ही कैश रखते थे और जब जरूरत पड़ती थी तो ATM से जाकर निकाल लेते थे लेकिन अब लोग इतना डर गए हैं अपने घर में 5000-10000 रखना चाहते हैं। लोग डर गए हैं कि अगर कैश ख़त्म हो गया तो उन्हें बैंकों और ATM के बाहर लाईन में लगना होगा।

धनकुबेरों ने अपना कालाधन सफ़ेद करने के लिए बैंक मैनेजरों के साथ साथ गाँठ कर ली और लाखों लोगों ने अपना बहुत सारा कालाधन सफ़ेद कर लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैंक वालों की तारीफ करते नहीं थकते, मोदी कहते हैं कि बैंक वाले रात दिन काम कर रहे हैं लेकिन सूत्रों की मानें तो बैंक वाले ही मोदी की फजीहत करवा रहे हैं। वो रात दिन काम तो कर रहे हैं ये सच है लेकिन रात दिन काम वो कमाने के लिए कर रहे हैं। देश में हर तरह के आदमी हैं कुछ बैंक वाले अच्छा काम भी कर रहे हैं लेकिन कुछ बैंक वालों ने अंधेरगर्दी मचा रक्खी है। बैंकों के पिछले दरवाजों ने जानकर नोट बदले जाने की ख़बरें पूरे देश से आ रहीं हैं। 

एक दिन पहले  बेंगलुरु में पौने पांच करोड़ जब्त किये गए जिनमे अधिकतर नए नोट और कुछ सौ सौ के नोटों की गड्डियां भी थीं। कल ही एक भाजपा युवा नेता के पास से कई  लाख बरामद लिए गए जिनमे दो हजार के नए नोट थे। ये सब कहाँ से आ रहा है, कौन ऐसा कर रहा है। सूत्रों की मानें तो ये सब बैंक वाले ही कर रहे हैं । आम जनता को बैंक का बीस फीसदी भी नहीं मिल पा रहा है, अस्सी फीसदी नोट पिछले दरवाजे से गायब कर दिए जा रहे हैं। जिन बैंक वालों की प्रधानमंत्री तारीफ कर रहे हैं उन्ही बैंक वालों ने सरकार को जमकर चूना लगाया है और किचकिच कराई है।

विपक्ष ने नोटबंदी को मुद्दा बनाया तो जनता की परेशानी देखकर, बैंक के बाहर लगी लाइनों को देखकर और इन लाइनों को लंबी करने के जिम्मेदार कमीशनखोर बैंक वाले ही हैं। देश में हर रोज कहीं न कहीं से भारी मात्रा में नए नोट बरामद किये जा रहे हैं ये कहाँ से आ रहे हैं इसका जबाब किसी के पास नहीं है जबकि सोशल मीडिया के माध्यम से देश के लोग बैंक वालों को ही इसका जिम्मेदार मान रहे हैं। जनता लाइन में खड़ी रहती है बैंक में कैश समाप्त हो जाता है।
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