Sunday, February 5, 2017

प्लीज पापा मुझे बचा लो, मैं मरना नहीं चाहती


नई दिल्ली 5 फरवरी : वो जीना चाहती है बार बार कहती है पापा मुझे बचा लोग प्लीज मैं मरना नहीं चाहती लेकिन पापा के पास बहाने के लिए आंसुओं के सिवा कुछ नहीं है इसलिए बच्ची जब भी पापा से जिंदगी की फरियाद करती है पापा की आँखों से सिर्फ आंसू टपकते हैं । सात वर्ष की ये गुड़िया जिसका नाम सिद्घी है इसका लीवर खराब है और लीवर ट्रांसप्लांट से ही इसकी जान बच सकती है लेकिन उसके लिए कम से कम बीस लाख रूपये चाहये जो बच्ची के माँ बाप के लिए पहाड़ जैसी रकम है । बच्ची के  पिता पंडित चतुरनारायण ने उसे दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलयरी सर्जरी (आईएलबीएस) में भर्ती कराया है। उन्हें उम्मीद है कि कोई उनकी मदद करेगा और गुड़िया असमय मौत की गोंद में नहीं सो सकेगी । कोई न कोई इंसान गुड़िया के लिए भगवान् बन जायेगा ।

नव दुनिया की एक खबर के मुताबिक़ भानपुर भोपाल के रहने वाले चतुरनारायण पुजारी हैं। सिद्घी के अलावा उनके दो बेटे हैं। दोनों स्कूल में पढ़ते हैं। चतुरनारायण ने बताया कि करीब छह महीने पहले सिद्घी के पेट में दर्द और उल्टी होने लगी। उसे पीपुल्स मेडिकल कॉलेज, मिरैकल अस्पताल, लखनऊ के पीजीआई अस्पताल और दिल्ली के सर गंगाराम राम अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया। आखिर में डॉक्टरों यही कहा कि लिवर ट्रांसप्लांट के अलावा बच्ची को बचाने का कोई विकल्प नहीं है। छह महीने से आधा दर्जन अस्पतालों में इलाज के बाद अब उनके पास बिल्कुल पैसे नहीं बचे हैं। लाखों रुपए उधारी हो गए हैं।


पं. चतुरनारायण के मित्र पं. अमितानंद लिवर ट्रांसप्लांट के लिए पैसे जुटाने के खातिर जगह-जगह सुंदर कांड का पाठ कर रहे हैं। इस दौरान वे वहां मौजूद श्रद्घालुओं को सिद्घी को बचाने के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि बच्ची की हालत को देख काफी लोग दान के लिए आगे आ रहे हैं। दो-तीन दिन में 35 हजार रुपए इकठ्ठे हो गए हैं। मदद के लिए सिद्घी के पिता चतुरनारायण से मोबाइल नंबर 9827256179 पर संपर्क कर सकते हैं।
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