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Thursday, May 4, 2017

 विधानसभा में पारित किया गया प्रस्ताव, हरियाणा का अलग से होगा उच्च न्यायालय

विधानसभा में पारित किया गया प्रस्ताव, हरियाणा का अलग से होगा उच्च न्यायालय

चंडीगढ़, 4 मई - आज हरियाणा विधानसभा ने चण्डीगढ़ में ही हरियाणा का अलग उच्च न्यायालय बनाने के लिए पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 में समुचित संशोधन करने के लिए आवश्यक कानून बनाने हेतु संसद से अनुरोध करने के निमित एक प्रस्ताव पारित किया गया।  शिक्षा एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री रामबिलास शर्मा ने सरकारी संकल्प प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद के 214 में प्रावधान है कि प्रत्येक राज्य के लिए पृथक उच्च न्यायालय होगा जबकि हरियाणा के सिवाय सभी नवसृजित राज्यों झारखंड,छत्तीसगढ़ और उतराखंड के लिए उनके पृथक उच्च न्यायालय उपलब्ध हैं।

    श्री शर्मा ने सदन को अवगत करवाया कि हरियाणा को अस्तित्व में आए 50 वर्ष हो गए हैं परंतु अभी तक हरियाणा के लिए अलग से उच्च न्यायालय नहीं बन पाया। हरियाणा की जनता को सांझा उच्च न्यायालय में कार्यभार की अधिकता से मुकद्दमों के लंबित रहने और मामलों के निपटान में देरी सहित अनेक कष्ट उठाने पड़े हैं। वर्तमान में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में न्यायधीशों के 85 पद स्वीकृत हैं जबकि हरियाणा से केवल 18 न्यायाधीश हैं। इसी प्रकार अधिवक्ताओं से सीधे न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए हरियाणा राज्य से 23 पद स्वीकृत हैं जिसके विरूद्ध हरियाणा के 13 न्यायाधीश ही नियुक्त हैं। हरियाणा के अधिवक्ताओं को भी उच्च न्यायालय पीठ में समुचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है। 

श्री शर्मा ने इस बात की भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने 22 अप्रैल 2017 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान स्वर्ण जयंती वर्ष में पृथक उच्च न्यायालय बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का अनुरोध किया था। उन्होंने बताया कि हरियाणा विधानसभा पंजाब पुनर्गठन अधिनियम,1966 के तहत हरियाणा की राजधानी होने के नाते चंडीगढ़ में हरियाणा के लिए अलग उच्च न्यायालय स्थापित करने के लिए पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 में समुचित संशोधन के लिए आवश्यक कानून बनाने हेतु संसद से अनुरोध करने के प्रस्ताव को पारित किया जाए। 

Tuesday, May 2, 2017

अचानक फरीदाबाद में हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक

अचानक फरीदाबाद में हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक

Haryana-Cabinet-Meeting-At-Surajkund-Faridabad
फरीदाबाद 2 मई: फरीदाबाद का सूरजकुण्ड एक बार फिर चर्चाओं में है। आज यहां हरियाणा सरकार की केबीनेट बैठक हुई, जिसमें महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में सभी मंत्रियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई केबीनेट बैठक में जहां मंत्रियों को हिदायत दी गई कि वे जनता से मिलने का अपना समय बढ़ाए, वहीं कार्यकर्ताओं के भी निरंतर सम्र्पक में रहे। बैठक में फैसला लिया गया कि सचिवालय आम जनता के लिए पहले और तीसरे मंगलवार को खुला रहेगा। विधायकों की नाराजगी को नकारते हुए कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड ने कहा कि हम सब साथ है और साथ रहेगें। विधायकों की अपनी समस्या थी, जो उन्होने लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखी। 

 बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड ने बताया है कि सरकार के ढाई साल के काम-काज की समीक्षा की गई और अगले ढाई साल में कोन सी नई योजनाएं लानी है, उन पर विचार किया गया। मुख्यमंत्री और मंत्रियों की घोषणाएं समय पर पूरी हो और उनका मूल्यांकन हो, इस पर भी बात की गई। सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं को निर्धारित लक्ष्य तक पूरा करने की बात दोहराई गई। बैठक में मंत्रियों को हिदायत दी गई कि वे जनता और कार्यकर्ताओं से मिलने का समय बढ़ाएं और इसे निधार्रित करें। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब सचिवालय आम लोगों के आवागमन के लिए माह के पहले और तीसरे मंगलवार को खुला रहेगा। आगामी विधानसभा सत्र में मुख्य मुद्दा जीएसटी विधेयक और बागवानी विश्वविधालयों का नाम बदलने का होगा। विधायकों की नाराजगी के बारे में धनखड ने कहा कि सभी विधायक बैठक में आते है और सभी साथ है। कुछ विधायकों ने अपनी समस्या लोकतांत्रिक ढंग से रखी थी। 

Tuesday, April 18, 2017

Cabinet Meeting: 18 से 70 वर्ष आयु के लोगों के लिए PM सुरक्षा बीमा योजना लाने का निर्णय

Cabinet Meeting: 18 से 70 वर्ष आयु के लोगों के लिए PM सुरक्षा बीमा योजना लाने का निर्णय


चंडीगढ़, 18 अप्रैल - हरियाणा सरकार ने एक प्रमुख नीतिगत निर्णय के दृष्टिगत प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) स्कीम के तहत 18 से 70 वर्ष आयु समूह के सभी हरियाणावासियों को दुर्घटना बीमा कवरेज प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके प्रीमियम की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। 
    मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिपरिषद की एक बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया। 
    दुर्घटना के कारण मृत्यु होने की स्थिति में और दुर्घटना के कारण पूर्ण या दोनों आंखों की हानि या हाथ या पैर या एक आंख की दृष्टि तथा एक हाथ या एक पैर के उपयोग की हानि होने की स्थिति में बीमित राशि प्रत्येक के लिए दो लाख रुपये होगी। इसी प्रकार, दुर्घटना के कारण एक आंख की दृष्टि या पूर्ण दृष्टि की हानि या एक हाथ या एक पैर के उपयोग की हुई हानि की बीमा राशि एक लाख रुपये होगी।

    यह योजना वार्षिक अवधि वाली एक दुर्घटना बीमा योजना होगी, जिसका प्रतिवर्ष नवीनीकरण होगा। यह योजना दुर्घटना में मृत्यु एवं विकलांगता को कवर करेगी। यह योजना बैंकों द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी और इसका संचालन सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कम्पनियों व अन्य सामान्य बीमा कम्पनियों द्वारा किया जाएगा। आधार से जुड़े बचत बैंक खातों वाले 18 से 70 वर्ष की आयु वर्ग के सभी हरियाणा निवासी इस योजना के पात्र होंगे।
इस बीमा योजना की अवधि एक वर्ष अर्थात पहली जून से 31 मई तक होगी। लाभार्थियों को इस योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रारूप पर नामित बचत बैंक खाते से 31 मई तक ऑटो-डैबिट अदायगी करानी अनिवार्य होगी। बहरहाल, आवेदक प्रविष्टि या ऑटो डैबिट के लिए लम्बे समय तक की अवधि के लिए भी अपनी सहमति दे सकता है।
उदाहरण के तौर पर बीमा योजना का प्रीमियम 12 रुपये वार्षिक होगा, जो प्रारम्भ में आवेदक के बचत खाते से ऑटो डैबिट सुविधा के माध्यम से पहली जून या उससे पहले इस योजना के अन्तर्गत काट लिया जाएगा तथा बाद में सरकार द्वारा लाभार्थी के बैंक से सूचना प्राप्ति के बाद यह राशि राज्य सरकार द्वारा लाभार्थी के खाते में सीधे जमा करवा दी जाएगी। व्यक्ति  की दुर्घटना कवरेज 70 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर या बैंक खाता बंद होने पर अथवा नवीनीकरण के समय बीमा कवर को चालू रखने लायक बैलेंस न होने पर समाप्त हो जाएगी। इसी प्रकार, यदि किसी कारण से बीमा सुरक्षा समाप्त हो जाती है तो उसे दोबारा चालू करने का निर्णय लेने का अधिकार बीमा कम्पनी के पास होगा। ऑटो डैबिट विकल्प देने वाले व्यक्तियों की राशि उसी माह विशेषत: मई में सहभागी बैंकों द्वारा काट ली जाएगी। बैंकों द्वारा बीमा कम्पनी की तरफ प्रीमियम हेतू देय राशि उसी माह में प्रेषित कर दी जाएगी।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के क्रियान्वयन के साथ वर्तमान राजीव गांधी परिवार बीमा योजना 31 मार्च, 2017 से बंद हो जाएगी। इस योजना की बीमा शुरूआत तिथि 1 जून, 2016 होगी और इस वर्ष यानि पहली जून, 2016 से 31 मई, 2017 के दौरान स्वयं नामाकन करवाने वाले लाभपात्र प्रीमियम की प्रतिपूर्ति प्राप्त करने के पात्र होंगे। इस योजना की आगामी वार्षिक नवीनीकरण तिथि प्रतिवर्ष पहली जून होगी।
Haryana Cabinet Meeting Decision

Haryana Cabinet Meeting Decision

चंडीगढ़, 18 अप्रैल - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मंत्री परिषद की बैठक में तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए अलग से प्रविष्टि सृजित करने और तकनीकी शिक्षा विभाग से सम्बन्धित हरियाणा सरकार कार्य (आबंटन) नियम, 1974 के अन्तर्गत संशोधन या सुधार और अपग्रेड करने को स्वीकृति प्रदान की है।
    तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा निपटाए जाने वाले विषयों/ योजनाओं में जोड़ी जाने वाली/ हटाई जाने वाली योजनाओं व विषयों में निम्र शामिल हैं :-
1.    कार्मिक, सामान्य प्रशासन, प्रशासनिक सुधार एवं प्रशिक्षण विभाग को आबंटित विषयों को छोडक़र प्रशासनिक नियंत्रण विभाग के तहत अधिकारियों व कर्मचारियों से सम्बन्धित स्थापना मामले शामिल हैं। 
2.    डिप्लोमा स्तर के संस्थानों को संबद्धता प्रदान करना।
3.    परीक्षा करवाना, सम्बन्धित नियम बनाना तथा डिप्लोमा प्रदान करना।
4.    सभी शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं वित्तीय मामलों का निपटान।
5.    सभी सरकारी बहुतकनीकी संस्थानों एवं दूसरे सरकारी तकनीकी संस्थानों के आय-व्यय खातों का निरीक्षण एवं लेखा परीक्षण करना।
6.     सभी सरकारी सहायता प्राप्त तकनीकी संस्थानों के आय-व्यय खातों का निरीक्षण एवं लेखा परीक्षण करना।
7.    विभाग के योजना एवं गैर योजनागत बजट को तैयार करना और विभिन्न योजनाओं (योजना एवं गैर योजना) के क्रियान्वयन की निगरानी करना।
8.    तकनीकी शिक्षा के विस्तार, सुधार एवं विकास के लिए विभिन्न योजनाओं की परियोजना रिपोर्ट तैयार करना। 
9.    छात्रों के लिए छात्रवृत्ति/ भत्ता तथा दूसरी सुविधाएं उपलब्ध करवाना।
10.    डिप्लोमा, पोस्ट डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्सों के स्तर पर तकनीकी शिक्षा का विकास एवं बढ़ावा देना।
11.    औषधीय शिक्षा।
12.    समाज के कमजोर वर्ग से सम्बन्धित छात्रों के लिए योजना बनाना।
13.    सभी स्तर पर तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए नीतियां बनाना।
14.    सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पोस्ट डिप्लोमा, स्नात्क और स्नातकोत्तर पर तकनीकी शिक्षा का विनियमन एवं मानकीकरण।
15.    तकनीकी शिक्षा से सम्बन्धित सभी सरकारी संस्थानों या तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा खोले जाने वाले संस्थानों का प्रशासन एवं नियंत्रण।
16.    तकनीकी शिक्षा विभाग के दायरे में आने वाले सभी सरकारी एवं निजी संस्थानों के परीक्षा, दाखिले, फीस और सभी सम्बन्धित मामलों को विनियमित करना।
17.    तकनीकी शिक्षा के विकास के लिए फण्ड की व्यवस्था करना तथा निजी सरकारी भागीदारी द्वारा तकनीकी शिक्षा में निवेश को बढ़ावा देना।
18.     विभिन्न स्कीमों के तहत भारत सरकार से फण्ड जुटाना एवं इन स्कीमों को क्रियान्वित करना तथा विभिन्न स्कीमों के तहत फण्ड की अदायगी करना।
19.    सभी अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के द्वारा मंजूर किए गये कोर्स जैसे इंजीनियरिंग, एमबीए, एमसीए, होटल प्रबन्धन एवं केटरिंग तकनीक, फार्मेसी, वास्तुकला एवं डिप्लोमा इत्यादि का विनियमन एवं निगरानी।
20.    तकनीकी शिक्षा में मानव संसाधनों की जरूरतों की मैपिंग तथा राज्य की जरूरतों के हिसाब से मानव संसाधनों का नियोजन करना, तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं शुरू करना।
21.    सभी स्तर पर तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता के लिए राज्य / निजी एवं डीम्ड विश्वविद्यालयों से सभी तकनीकी संस्थानों की मूलभूत संरचना, संकाय, मशीनरी उपकरण तथा दूसरी सुविधाओंं को जांचने के लिए निरीक्षण एवं निगरानी करना।
22.    तकनीकी शिक्षा संस्थानों तथा कोर्सों का पुनर्गठन करना।
23.    तकनीकी शिक्षा में राज्य तथा अन्तर्राज्यीय समन्वय।
24.    तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम एवं प्रशिक्षण।
25.    निम्रलिखित सहित तकनीकी शिक्षा से सम्बन्धित सभी मामले :-
    क.    हरियाणा राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2008।
    ख.    निजी तकनीकी संस्थान (दाखिले एवं फीस निर्धारण का विनियमन) अधिनियम, 2012।
    ग.    हरियाणा राज्य तकनीकी शिक्षा समिति।

Monday, March 6, 2017

Haryana Budget 2017-18: Highlights

Haryana Budget 2017-18: Highlights

Haryana Budget 2017-18: Highlights
चंडीगढ़ 6  मार्च  2017: प्रदेश के वित्त मंत्री आज विधानसभा में वर्ष 2017-18 का वजट पेश कर रहे हैं । कैप्टन अभिमन्यु बजट पेश करने सपरिवार विधानसभा पहुंचे । बजट 2017-18 की मुख्य विशेषताएं
पहली बार
        व्यय के योजना एवं गैर-योजनागत वर्गीकरण को समाप्त करना।
        बजट को राजस्व एवं पूंजीगत वर्गीकरण के रूप में प्रस्तुत करना।
        प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए निधि प्रवाह बारे एक स्पष्ट दृष्टिकोण रखने के उद्देश्य से संसाधनों के आवंटन को यथासम्भव ग्रामीण और शहरी श्रेणियों में वर्गीकृत करना।
आर्थिक स्थिति - सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी)
        सकल राज्य घरेलू उत्पाद ने स्थिर मूल्यों (2011-12) पर वर्ष 2014-15 के 5.7 प्रतिशत की तुलना में 2015-16 में 9.0 प्रतिशत की उच्च वृद्धि दर्ज की गई।
        वर्ष 2016-17 में भी सकल राज्य घरेलू उत्पाद 8.7 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है और वर्ष 2017-18 में यह 9.0 प्रतिशत से अधिक रहने की संभावना है।
        पिछली सरकार के गत पांच वर्ष के कार्यकाल के दौरान जीएसडीपी विकास दर कभी भी 9.0 प्रतिशत तक नहीं पहुंच पाई। यह वर्ष 2010-11 में 7.4 प्रतिशत, 2011-12 में 8.0 प्रतिशत, 2012-13 में 7.7 प्रतिशत, 2013-14 में 8.2 प्रतिशत और 2014-15 में 5.7 प्रतिशत तक कम हो गई थी।
        वर्ष 2014-15 में प्रति व्यक्ति आय की विकास दर 5.8 प्रतिशत के अखिल भारतीय आंकड़े की तुलना में 4.0 प्रतिशत थी। प्रति व्यक्ति आय की विकास दर वर्ष 2015-16 में 6.6 प्रतिशत के अखिल भारतीय आंकड़े की तुलना में 7.5 प्रतिशत हो गई। वर्ष 2016-17 में प्रति व्यक्ति आय की विकास दर 7.2 प्रतिशत रहने की संभावना है, जबकि अखिल भारतीय प्रति व्यक्ति आय 5.9 प्रतिशत की दर से बढऩे की उम्मीद है।
        प्राथमिक क्षेत्र (कृषि और सम्बद्ध क्षेत्र) ने वर्ष 2014-15 में 2 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि की तुलना में वर्ष 2015-16 में 3.2 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है। इसके 7.0 प्रतिशत की दर से बढऩे का अनुमान है।
        द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग) ने वर्ष 2015-16 में 7.7 प्रतिशत की ठोस वृद्धि दर्ज की है, जबकि वर्ष 2014-15 में यह मात्र 2.3 प्रतिशत थी। वर्ष 2016-17 में इस क्षेत्र की विकास दर 6.1 प्रतिशत अनुमानित है।
        तृतीयक (सेवा) क्षेत्र ने वर्ष 2015-16 में 10.9 प्रतिशत की आकर्षक विकास दर दर्शायी है, जबकि वर्ष 2014-15 में यह 10.3 प्रतिशत थी। वर्ष 2016-17 में इस क्षेत्र की विकास दर 10.8 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
        सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी वर्ष 2014-15 में 49.6 प्रतिशत से बढक़र वर्ष 2015-16 में 50.7 प्रतिशत और वर्ष 2016-17 में 51.7 प्रतिशत हुई है।
        द्वितीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी गत तीन वर्षों के दौरान लगातार कमोबेश 30 से 31 प्रतिशत के बीच रही।
        प्राथमिक क्षेत्र की हिस्सेदारी में गिरावट का

Friday, March 3, 2017

शिकायतें दर्ज करवाने के लिए हरियाणा के सभी पुलिस थानों में फ्री रजिस्ट्रेशन डैस्क स्थापित किए गये

शिकायतें दर्ज करवाने के लिए हरियाणा के सभी पुलिस थानों में फ्री रजिस्ट्रेशन डैस्क स्थापित किए गये

चण्डीगढ़, 3 मार्च - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि लोगों को अपनी शिकायतों दर्ज करवाने के लिए प्रत्येक पुलिस थाने में फ्री रजिस्ट्रेशन डैस्क स्थापित किए गये हैं। इसके अलावा, जिला स्तर पर कर्मियों के विवादों को आपसी सहयोग के माध्यम से निपटाने के लिए कम्युनिटी लेजन ग्रुप भी स्थापित किए गये हैं और आगामी वित्त वर्ष में 5 नये पुलिस पब्लिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे, वहीं पुलिस कर्मचारियों के लिए 3600 नये मकान बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में 5000 पुलिस सिपाही पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है, जिसे शीघ्र ही पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, 5432 सिपाहियों की भर्ती और 380 सब-इंस्पैक्टर की भर्ती की प्रक्रिया भी चल रही है, जो अगले वित्त वर्ष के दौरान पूरी कर ली जाएगी। 
मुख्यमंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर की गई चर्चा का उत्तर दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष डकैती की 25 घटनाएं कम हुई हैं। लूटमार की 202 घटनाएं कम हुई हैं, झगड़ों के दौरान चोट मारने की 120 घटनाएं कम हुई हैं। महिलाओं से छेड़छाड़ की 88 घटनाएं कम हुई हैं और दहेज प्रताडऩा के 233 मुकदमें कम हुए हैं। उन्होंने बताया कि छोटे मोटे विवादों को आपस में मिलकर सुलझाया जाता है, जिसमें सामाजिक लोगों की मध्यस्थता या कोई कानूनी कार्यवाही की आवश्यकता हो तो उस पर कानूनी कार्यवाही की जाती है।

उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी प्रक्रियाओंं को अपनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 6 प्रतिशत से बढक़र 8 प्रतिशत हो गई है और आगामी वर्ष तक 10 प्रतिशत तक कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों के 1581 नये पद सृजित किए गये हैं। इसके अलावा, महिला पुलिस वोलंटियर योजना को भी करनाल और महेन्द्रगढ़ जिलों में क्रियान्वित किया गया है। ये महिला पुलिस वोलंटियर लोगों और पुलिस के बीच एक सेतु का काम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है। इसी बजह से पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अपराध में कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस ने अपराध के मामलों को भी अधिक संख्या में निपटाने में सफलता प्राप्त की है, जिसके तहत हत्या के 84 प्रतिशत मामलों को सुलझाया गया है, वहीं बलात्कार के 93 प्रतिशत, दहेज हत्या के 97 प्रतिशत, दहेज प्रताडऩा के 89 प्रतिशत, महिलाओं से छेड़छाड़ के 92 प्रतिशत, महिला अपहरण के 85 प्रतिशत, डकैती के 75 प्रतिशत और अपहरण के 74 प्रतिशत मामलों को सुलझाया गया है।

उन्होंने बताया कि कुण्डली-मानेसर-पलवल एक्सप्रैस-वे पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक्सप्रैस-वे पर प्रत्येक 10 किलोमीटर की दूरी पर पुलिस चौकी और प्रत्येक जिले में ट्रैफिक पुलिस थाना स्थापित किया जा रहा है। हरियाणा से गुजरने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रत्येक 20 किलोमीटर की दूरी पर पुलिस पब्लिक पार्टनरशिप से पुलिस सहायता केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन सहायता केन्द्रों पर समुचित पुलिस बल, पुलिस की पीसीआर वैन, राइडर मोटरसाइकिल, सीसीटीवी कैमरे, रडार, प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर लगभग पूरी हो चुकी है और भविष्य में हरियाणा से गुजरने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गोंं को भी इस परियोजना के अन्तर्गत लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महिला पुलिस थाना के अतिरिक्त उपमण्डल स्तर पर महिला हैल्प डैस्क बनाए गये हैं ताकि महिलाओं को अपनी शिकायत दर्ज करवाने में कोई दिक्कत न आए। इसके अलावा, इन महिला थानों में काउंसलिंग सैंटर भी बनाए जा रहे हैं तथा बाल विवाह और घरेलू हिंसा को रोकने के लिए प्रोटेक् शन अधिकारी भी उपलब्ध करवाए गये हैं। पुलिस कर्मचारियों के लिए केन्द्रीय वरिष्ठता के प्रस्ताव को मंजूरी देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है इससे उनकी वरिष्ठता के मामले सुव्यवस्थित हो सकेंगे। पुलिस कल्याण कोष में मैचिंग ग्रांट स्कीम के तहत चार करोड़ रुपये की राशि दी गई है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी को हरियाणा स्वर्ण जयंती पुलिस मैडल से नवाजा गया है। इससे प्रत्येक पुलिसकर्मी का मनोबल बढ़ा है। नागरिकों की शिकायतें ऑन लाइन दर्ज कराने के लिए हरसमय पोर्टल बनाया गया है, जिसमें 1,09,336 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें सेे 98 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है। हरसमय पोर्टल पर एनआरआई सैल का भी प्रावधान किया गया है ताकि एनआरआई हरियाणावासियों की समस्याओं का शीघ्र निपटान किया जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों व प्राइवेट संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत जनता के सहयोग से अब तक 2 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, हरियाणा से गुजरने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों, गुरुग्राम और अन्य शहरों में भी सभी चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य शुरू किया जा चुका है। पुलिस आधुनिकीकरण में वर्ष 2016 में 18 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध को रोकने के लिए भी पुलिस विभाग ने विभिन्न कदम उठाए हैं।

Wednesday, March 1, 2017

ख्वाइश तो बड़ी बेवफा होती है, पूरी होते ही बदल जाती है, CM खट्टर

ख्वाइश तो बड़ी बेवफा होती है, पूरी होते ही बदल जाती है, CM खट्टर

चण्डीगढ़,1 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जो विधानसभा में सदन के नेता भी है ने कहा कि जाट आंदोलनकारियों से सरकार खुले मन से बातचीत करने को तैयार है। आंदोलनकारी नेताओं के सुझाव पर ही मुख्य सचिव श्री डी एस ढेसी की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक कमेटी का गठन किया गया है।  विपक्षी पार्टियों के नेताओं को भी सहयोग करना चाहिए न कि किसी के जज्बातों से खिलवाड़ करनी चाहिए, सदन के अंदर या सदन के बाहर हमारे वैचारिक मतभेद हो सकते हैं किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने से बचना चाहिए। सरकार न्यायालय में विचाराधीन मुद्दों को छोडक़र शेष मामलों के समाधान के लिए विधानसभा की कमेटी या मंत्री समूह की उपसमिति भी गठित करने को तैयार है। 
    मुख्यमंत्री आज हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान विपक्ष के नेता श्री अभय सिंह चौटाला, विधायक, डॉ. रघवीर कादियान व निर्दलीय विधायक श्री जय प्रकाश द्वारा 15 अन्य विधायकों के  साथ जाट समुदाय के सदस्यों द्वारा विभिन्न स्थानों पर दिए जा रहे अनिश्चितकालीन धरनों के सम्बन्ध में सदन में दिए गए स्थगन प्रस्तावों पर अपना जवाब दे रहे थे। 

    उन्होंने सदन को अवगत करवाया कि यह कहना बिल्कुल गलत है कि सरकार आंदोलनकारियों के साथ बातचीत नहीं करना चाहती अथवा उनकी तर्कसंगत मांगों को स्वीकार नहीं करना चाहती। यह आरोप कि कुछ मंत्रियों और सत्तापक्ष के नेता साम्प्रदायिक विभाजन करने का प्रयास कर रहे हैं या आंदोलनकारियों से बातचीत न करने का दोहरा खेल खेल रहे हैं, आधारहीन, असत्य तथा मिथ्या है। वास्तव में, प्रदेश में शांति और सद्भाव का वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सभी सम्भव प्रयास किए हैं।
शांतिपूर्ण ढंग से किए जा रहे धरना प्रदर्शन के लिए  सर्व समाज के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने सदन को अवगत करवाया कि  36 बिरादरियों के भाईचारे को बनाए रखना हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। पिछले वर्ष के जाट आंदोलन और इस वर्ष के जाट आंदोलन के मंतव्य में अंतर यह है कि पिछले वर्ष आंदोलन में उपद्रवी घुस गए थे और आंदोलन हिंसक हुआ था। इस वर्ष शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन पिछले एक माह से चल रहा हैंं। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के हर आवश्यक एहतियातिक कदम उठाए जा रहे हैं।
    उन्होंने सदन को इस बात की भी जानकारी दी कि आंदोलनकारी अब गोल-पोस्ट बदल रहे है।  पहले उनकी सात मांगे थीं, उसके बाद 17 मांगों का मांग पत्र दिया गया और अब 11 मांगों का एक और मांग-पत्र मिला है इस प्रकार अब कुल 28 मांगें शािमल हैं।    उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान एक दिन में सम्भव नहीं है। न्यायालय द्वारा समय-समय पर निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कल भी पंजाब एवं हरियाणा  उच्च न्यायालय में जाट आरक्षण की सुनवाई है। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2010-2012 में भी जाट आरक्षण के दौरान मामले दर्ज हुए थे जिनमें से आज भी कई मामले लम्बित है। उन्होंने सदन को विश्वास दिलवाया कि निर्दोष  लोगों को छोड़ दिया गया है और दोषियों पर कार्यवाही की गई है। न्यायालय द्वारा न्याय प्रक्रिया के माध्यम से मामलों पर जमानत दी जा रही है। 
     मुख्यमंत्री ने शायरी अंदाज में कहा कि ‘खुवाईश तो बड़ी बेवफा होती है, पूरी होते ही बदल जाती है,चेहरे वही हो तो कोई अजीब बात नहीं, लेकिन रवैया बदल जाए तो चिंताजनक है।’
    उन्होंने सदन को इस बात से भी अवगत करवाया कि केन्द्र सरकार ने जाटों को पिछड़े वर्ग में शामिल करने के लिए केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री वैंकया नायडु  की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। 
उन्होंने  कहा कि  शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश तथा सरकारी नौकरियों में आरक्षण से सम्बन्धित जाट समुदाय की मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने हरियाणा पिछड़ा वर्ग (नौकरियों एवं शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश आरक्षण) अधिनियम 2016, जिसमें जाट, रोड़, बिश्नोई, जट सिक्ख, मूला जाट/मुस्लिम जाट और त्यागी जातियों को आरक्षण का प्रावधान था, को पारित करके दिनांक 12 मई 2016 को अधिसूचना जारी कर दी थी। इस अधिनियम के प्रावधानों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई और अदालत ने दिनांक 26 मई 2016 को यह आदेश दिया कि इस अधिनियम की अनुसूची-।।। में वर्णित, (सैक्शन 3 और 4 में संदर्भित), शीर्षक पिछड़ा वर्ग ब्लाक सी के अन्तर्गत, जातियों को इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार सरकारी सेवा में कोई भी नियुक्ति और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश न दिया जाए। यह मामला अभी भी हाईकोर्ट के विचाराधीन है और सुनवाई के लिए अगली तारीख 2 मार्च 2017 लगाई गई है।

    इसी प्रकार, एक दूसरी रिट याचिका नं० 3897/2016 (ओ. एंड एम) की सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दिनांक 1 जून 2016 को यह आदेश दिया कि फरवरी 2016 में आरक्षण आंदोलन के सम्बन्ध में विभिन्न थानों में दर्ज हुए सभी मुकदमों के अनुसंधानधिकारी, अनुसंधान की प्रारम्भिक रिपोर्ट अपने-अपने इलाका मजिस्ट्रेट को देंगे, जिसमें इन मुकदमों के अनुसंधान के सम्बन्ध में उठाए गए कदमों का विवरण दिया जाएगा। उन्हें यह भी आदेश दिया गया कि मुकदमों की जिमनियां सम्बन्धी मजिस्ट्रेट के सम्मुख प्रस्तुत की जाएं। सभी विद्वान इलाका मजिस्ट्रेटों को भी निर्देश दिए गए कि वे इन रिपोर्टों और जिमनियों का निरीक्षण करें और अब तक के किए गए अनुसंधान पर अपनी टिप्पणी देकर सम्बन्धित सत्र न्यायाधीशों के माध्यम से हाईकोर्ट को अपनी रिपोर्ट भेजें। इस प्रकार फरवरी 2016 में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के सम्बन्ध में हुई हिंसा और अन्य अपराधों से सम्बन्धित सभी मुकदमों के अनुसंधान की समीक्षा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा की जा रही है। इस सम्बन्ध में पुलिस द्वारा अदालत को सभी मुकदमों की अनुसंधान की वस्तुस्थिति की रिपोर्ट लगातार प्रस्तुत की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जून 2016 में प्रदेश के अनेक स्थानों पर धरने लगाए गए। धरनों के प्रतिनिधियों को यह स्पष्ट किया गया कि सरकार किसी भी निर्दोष व्यक्ति को कष्ट नहीं दिया जाएगा और किसी भी दोषी व्यक्ति को कानून से भागने नहीं दिया जाएगा। यह भी आश्वासन दिया गया था कि सरकार सभी निर्दोष व्यक्तियों और उनके परिवारों के प्रति, जिन्होंने हिंसा के दौरान कष्ट पाया था, के लिये सहानुभूतिपूर्वक रहेगी। इसके उपरांत धरनों को उठा लिया गया था।
    जब वह प्रतीत हुआ कि फिर से 29 जनवरी 2017 से धरने लगाए जाएंगे, जाट समुदाय के नेताओं के साथ 27 जनवरी 2017 को चंडीगढ़ में मीटिंग बुलाई गई। उनकी मांगों को सहानुभूतिपूर्वक सुना गया और उन्हें यह आश्वासन दिया गया कि उनकी सभी जायज मांगों को सरकारी नीतियों और प्रक्रियाओं के दायरे में पूरा किया जाएगा।
    आंदोलनकारियों की आरक्षण से सम्बन्धित मांगों और समस्याओं पर विचार करने के लिये सरकार ने 7 फरवरी 2017 को मुख्य सचिव हरियाणा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया। कोई भी संस्था, वर्ग अथवा व्यक्ति, लिखित या मौखिक रूप से अपने विचार और सुझाव इस कमेटी के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। इस कमेटी का लगातार यह प्रयास रहा है कि संविधान और समय-समय पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के इस सम्बन्ध में दिए गए निर्णय/निर्देश की पृष्ठभूमि में सभी मामलों का हल ढूंढा जाए। इस कमेटी की सभी धरनों के प्रतिनिधियों के साथ पानीपत में दिनांक 11 फरवरी 2017 को बातचीत हुई। उन्होंने 7 मांगों का एक पत्र कमेटी को दिया और यह कहा गया कि सभी मांगों को तुरंत प्रभाव से स्वीकार किया जाए। सरकार ने इस मांगपत्र पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए घायल व्यक्तियों को मुआवजा और मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने जैसी तर्कसंगत मांगों को स्वीकार कर लिया और इन्हें पूरा किया जा रहा है। परंतु मृतकों के कुछ परिजनों, जिन्हें सरकारी नौकरी का प्रस्ताव दिया गया था, ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया है। क्योंकि मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है और कुछ मांगें राज्य सरकार के अधिकारक्षेत्र से बाहर हैं, अत: यह सम्भव नहीं था कि सम्पूर्ण मांगपत्र को तुरंत प्रभाव से स्वीकार किया जाता। धरनों के प्रतिनिधियों के साथ दिनांक 20 फरवरी 2017 को पानीपत में पुन: वार्ता हुई। इन प्रतिनिधियों को यह स्पष्ट कर दिया गया था कि उनकी सभी तर्कसंगत मांगें जो कानून की दृष्टि में उचित थी और राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में थी और जो अदालत के विचाराधीन मामलों से सम्बन्धित नहीं थी, को स्वीकार किया जा सकता है और उन्हें एक तर्कसंगत अवधि में पूरा किया जा सकता है। परंतु यह प्रतिनिधि अपनी मांगों पर अडिग रहे। अब मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि इन्होंने सरकार द्वारा गठित सरकारी अधिकारियों की कमेटी से बातचीत करने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। आंदोलनकारी नेताओं से आगे वार्ता करने के प्रयास लगातार जारी हैं ताकि इस मामले का बातचीत द्वारा शीघ्र-अतिशीघ्र समाधान कर लिया जाए।

Tuesday, February 14, 2017

पहली बार चंडीगढ़ के बजाय फरीदाबाद में हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक, फैसले जानें

पहली बार चंडीगढ़ के बजाय फरीदाबाद में हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक, फैसले जानें

चंडीगढ़, 14 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज सूरजकुण्ड में हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश के छ: मैट्रो के साथ लगते क्षेत्र के लिए पूर्व में बनाई गई ट्रांजिट ओरियंटिड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के क्रियान्वयन के लिए 15 जुलाई, 2017 को प्रकाशित संशोधनों पर आम जनता से मिले सुझावों पर विचार करके नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग द्वारा दिए गये एक प्रस्ताव को स्वीकृृति प्रदान की गई। 
इसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति टीओडी जोन में किसी संस्थागत क्षेत्र में लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा तो उसे आवासीय जोन में उतने ही क्षेत्रफल भूमि सरकार को अंतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) नीति के तहत देनी होगी। सरकार उस भूमि का प्रयोग संस्थानों जैसेकि कॉलेज, अस्पताल, फायर स्टेशन, बिजली, पुलिस थाने के विकास या स्थापना के लिए करेगी।

इस संशोधन से मास रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) परियोजनाओं के अभिनव वित्तपोषण के लिए प्रभावी क्रियान्वयन नीति में सहायता मिलेगी। यह संशोधित नीति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। 
यदि कोई आवेदक सार्वजनिक तथा अर्ध-सार्वजनिक या संस्थागत जोन या सैक्टोरल योजना में संस्थाओं के लिए निर्धारित क्षेत्र में आने वाले टीओडी जोन में लाइसेंस के लिए आवेदन करता है तो आवेदक को टीओडी नीति के अनुसार मिश्रित भूमि उपयोग (70 प्रतिशत आवासीय जमा 30 प्रतिशत वाणिज्यिक) की अनुमति दी जाएगी, लेकिन उसे अंतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) नीति दिनांक 9 फरवरी, 2016 के तहत सरकार को आवासीय क्षेत्र में बराबर भूमि नि:शुल्क उपलब्ध करवानी होगी और टीडीआर नीति के अनुसार फीस और शुल्क देने के बाद वह एक एफएआर का हकदार होगा। यह भूमि उसी विकास योजना के आवासीय जोन में देनी होगी तथा एफएआर को भी उसी योजना में कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। 
स्वतंत्र ग्रुप हाउसिंग कालोनियों के लिए हाइपर या उच्च क्षमता क्षेत्रों में टीडीओ जोन के भीतर न्यूनतम क्षेत्र मानदंड 10 एकड़ के मौजूदा मानदंड की बजाय 4 एकड़ होगा। अन्य श्रेणियों की कालोनियों  के लिए न्यूनतम क्षेत्र मानदंड में कोई बदलाव नहीं होगा। एफएआर, ग्राउंड कवरेज एवं पार्किंग जैसे अन्य योजना मानदंड भी वही रहेंगे। 

 
 
चंडीगढ़, 14 फरवरी- हरियाणा के आबकारी एवं कराधान मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि सरकार ने अधिसूचित किया है कि कोई भी व्यक्ति केवल अपने घर को छोडक़र, ऐसे किसी भी स्थल पर शराब का सेवन नहीं करेगा, जो पंजाब आबकारी अधिनियम, 1914 के तहत इसके लिए लाईसेंसड या प्राधिकृत नहीं है। अत: सडक़ पर या आसपास अथवा पार्क, उद्यान, बाजार में या नदी किनारे शराब का सेवन करना अपराध होगा।
उन्होंने कहा कि चलते या खड़े वाहन में शराब का सेवन करना भी अपराध होगा। किसी उल्लघंन के मामले में आबकारी अधिकारी, जो सहायक आबकारी एवं कराधान  अधिकारी (आबकारी) से कम के रैंक का नहीं होगा, अपराधी, शराब तथा वाहन यदि कोई है, को रोक कर रखेगा और ऐसे मामले में 24 घंटों के भीतर उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त (आबकारी)- सह- जिला कलैक्टर को प्रेषित करेंगे। 
उन्होंने कहा कि कलैक्टर या तो मामले को ट्रायल के लिए अदालत को रैफर कर सकते हैं या प्रथम अपराध के लिए 5,000 रुपये प्रति व्यक्ति, दूसरे तथा इसके उपरांत प्रत्येक अपराध के लिए 10,000 रुपये प्रति व्यक्ति का  जुर्माना लगाकर स्वयं मामले का निपटान कर सकते हैं। 
उन्होंने कहा कि मालिक या परिसर के कब्जाधारक और वाहन के मालिक सहित ऐसे संदिग्ध अपराधी या संबंधित व्यक्ति को एक उचित अवसर दिए बिना जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। यदि अपराधी को शराब पीने के बाद उपद्रव करता पाया जाता है तो इस मामले को ट्रायल के लिए अदालत को रैफर किया जाएगा। कलैक्टर व्यक्ति के साक्ष्य प्रस्तुत करने पर  और उसकी जांच करने के उपरांत कि इस अधिनियम के तहत किए गए अपराध पर आश्वस्त व संतुष्टï होने पर जैसा वे उचित समझे अपराधी या संबंधित व्यक्ति से वसूली जाने वाले जुर्माना राशि निर्धारित करेगा। कलैक्टर धारा 78 के तहत शराब/वाहन को जब्त करने के आदेश पारित करेगा। 
कलैक्टर अपनी संतुष्टिï के लिए अपराधी की जमानत या प्रतिभूति जमा होने पर  अपराधी को छोड़ सकता है। बहरहाल, यदि अपराधी कलैक्टर द्वारा निर्धारित की गई जुर्माना राशि की अदायगी करने का इच्छुक है तो अपराधी को जुर्माने की वसूली पर तुरंत छोड़ दिया जाएगा। यदि अपराधी अपनी वास्तविक पहचान बताने में और कलैक्टर द्वारा निर्धारित की गई जमानत या प्रतिभूति जमा करने में असफल रहता है तो कलैक्टर ऐसे मामले को ट्रायल के लिए क्षेत्र की अदालत को रैफर कर सकता है। यदि असंतुष्टï व्यक्ति अपील प्रस्तुत करता है तो कलैक्टर अपने विवेक पर जब तक अपील लम्बित रहती है तो उस व्यक्ति को निर्दोष मान सकता है। नोटिस की अनुपालना में कोई व्यक्ति सरकारी खजाने से चालान बनवा कर जुर्माने की राशि की अदायगी करेगा और तो ऐसे व्यक्तियों को एक समूचित छूट भी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सूचना निर्धारित करने की तिथि या इसके बार-बार बढ़ाए जाने के बाद भी यदि कोई व्यक्ति जुर्माने की राशि की अदायगी नहीं करता है तो ऐसे व्यक्ति की सम्पत्ति को अटैच करके नीलामी द्वारा जुर्माने की राशि वसूल की जाएगी। 
कलैक्टर सार्वजनिक स्थान पर अपराध तथा शराब पीने के लिए प्रयुक्त किए गए वाहन को जब्त भी कर सकता है और जब्त किए गए वाहन की नीलामी से प्राप्त राशि को इस प्रक्रिया के दौरान हुए खर्च को निकाल कर जुर्माने की अदायगी करेगा। यदि नीलामी में जुर्मान से अधिक राशि मिलती है तो वाहन के मालिक को राशि वापिस कर दी जाएगी। जब्त की गई शराब को उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त की उपस्थिति में नष्टï कर दिया जाएगा।

 

चण्डीगढ़, 14 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज सूरजकुण्ड में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ग्राम पंचायत मुसाअहली, खण्ड फतेहाबाद, जिला फतेहाबाद को उसकी एक कनाल भूमि के एक निजी मालिक की इतनी ही भूमि के साथ तबादले की अनुमति देने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। 
गांव की जिस भूमि का तबादला किया जाना है, वह पहले ही हड्डा रोडी के लिए आरक्षित है। यह भूमि आबादी के निकट है, जबकि हड्डा रोडी निजी मालिक की भूमि पर चारदिवारी बनाकर पहले ही स्थापित की जा चुकी है। 
मंत्रिमंडल ने ग्राम पंचायत आकेडा, खण्ड व जिला रेवाड़ी की आठ कनाल 12 मरला शामलात भूमि के एक निजी मालिक की इतनी ही भूमि के साथ तबादले के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की है क्योंकि दूषित पानी के निपटान के लिए ग्राम पंचायत के पास अन्य भूमि उपलब्ध नहीं है।



चण्डीगढ़, 14 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज सूरजकुण्ड में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के सभी शहरों में समेकित डेरी परिसरों का एक खाका तैयार करने के लिए मंत्रिपरिषद की एक उप-समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।
इस उप-समिति में कृषि मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्रीमती कविता जैन और सहकारिता  राज्यमंत्री श्री मनीष ग्रोवर शामिल होंगे। यह कमेटी एक महीने के अन्दर अपनी रिपोर्ट देगी। 
बैठक में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग को ये भी निर्देश दिए गये कि हर शहर की विकास योजना में चारों ओर कुछ ऐसे क्षेत्र निर्धारित किए जाएं, जहां डेरियों, चारा मण्डी और सब्जी मंडी की स्थापना की जा सके। इन इकाइयों को   समेकित डेरी परिसर कहा जाएगा।

Thursday, February 2, 2017

58 नहीं  60 साल में रिटायर होंगे कर्मचारी, फरीदाबाद, पलवल, पृथला वाले पियेंगे मीठा पानी

58 नहीं 60 साल में रिटायर होंगे कर्मचारी, फरीदाबाद, पलवल, पृथला वाले पियेंगे मीठा पानी

haryana cabinet meeting decisions
चंडीगढ़, 2 फरवरी- हरियाणा सरकार अपने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने पर विचार कर रही है। 
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज यहां निकट पंचकूला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय समिति सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने के विभिन्न पहलूओं का अध्ययन करने के लिए गठित की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री कृष्ण कुमार इस समिति के दो अन्य सदस्य होंगे। यह समिति अपनी रिपोर्ट एक महीने के भीतर सौंपेगी। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, परन्तु 60 वर्ष से कम आयु के हैं, उन्हें रि-इम्प्लोयेड करने पर भी विचार किया जाएगा। 

 
चंडीगढ़, 2 फरवरी- हरियाणा के फरीदाबाद और पलवल जिलों के पृथला, पलवल और बल्लभगढ़ खंडों के गुणवत्ता प्रभावित 84 गांवों में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से नाबार्ड ने ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास निधि (आर.आई.डी.एफ.) की 22वीं खेप के अंतर्गत 157 करोड़ रुपये की ऋण सहायता मंजूर की है। 
यह जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रभावित गांवों में पेयजल की आपूर्ति के लिए रेनीवेल का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना के पूरा होने के पश्चात 3,06,814 लोग लाभान्वित होंगे।
इस मंजूरी के साथ, आरआईडीएफ के तहत हरियाणा सरकार को 4269 परियोजनाओं के लिए मंजूर संचयी सहायता (1995-96 में आर.आई.डी.एफ. की स्थापना से अब तक) 5794 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। अब तक आर.आई.डी.एफ. के अंतर्गत जिन क्षेत्रों में ऋण स्वीकृत किए गए हैं, उनके अंतर्गत सिंचाई, ग्रामीण सडक़ें, पुल, पेयजल वितरण, आंगनवाड़ी, बालिकाओं के लिए स्कूलों में शौचालय ब्लॉक, वेट्नरी औषधालय एवं अस्पताल, सौर ऊर्जा संयंत्र आदि प्रमुख हैं। 
Haryana Cabinet Meeting: 5  की गई  रेंजों की संख्या

Haryana Cabinet Meeting: 5 की गई रेंजों की संख्या

Haryana Cabinet Meeting News
चंडीगढ़, 2 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में रेंजों, जिनकी संख्या अब बढक़र पांच हो गई है, में जिलों के पुन: वितरण और रोहतक में नई कर रेंज के प्रावधान के लिए हरियाणा मूल्य संवर्धन कर नियमों में संशोधन करने के आबकारी एवं कराधान विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। 
अम्बाला रेंज में जिला अम्बाला, यमुनानगर, पंचकूला, कैथल,करनाल एवं कुरुक्षेत्र आएंगे, जबकि फरीदाबाद रेंज में जिला फरीदाबाद (पूर्व), फरीदाबाद(पश्चिम), फरीदाबाद(उत्तर), फरीदाबाद(दक्षिण) एवं पलवल शामिल होंगे, इसीप्रकार, गुरुग्राम रेंज में गुरुग्राम(पूर्व), गुरुग्राम(पश्चिम), गुरुग्राम(उत्तर), गुरुग्राम(दक्षिण)  एवं मेवात शामिल होंगे। 
हिसार रेंज में जिला हिसार, फतेहाबाद, सिरसा,भिवानी और जींद शामिल होंगे। नई रोहतक रेंज में जिला रोहतक, पानीपत, रेवाड़ी, नारनौल, झज्जर तथा सोनीपत शामिल होंगे।

इसके अतिरिक्त, हरियाणा सरकार की गुरुग्राम और मानेसर के बीच मास रेपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (एमआरटीएस) स्थापित करने की योजना है। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई कि एमआरटीएस परियोजना के लिए 365 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने के लिए हरियाणा राज्य उद्योग एवं आधारभूत संरचना विकास निगम द्वारा हुडको से लिये जाने वाले 876 करोड़ रुपये के ऋण के लिए राज्य सरकार गारण्टी देगी। 
यह परियोजना अत्यंत सामरिक महत्व की है और जापान इंटरनेशनल कार्पोरेशन एजेन्सी इस परियोजना के लिए 16,000 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने के लिए सैद्घांतिक रूप से कटिबद्ध है। 
आर्थिक मामले विभाग, केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने अपनी रूलिंग प्लान में इसके लिए प्रावधान भी किया है।

Tuesday, January 3, 2017

BREAKING: 14 IAS और 2 एचसीएस अधिकारियों का तबादला

BREAKING: 14 IAS और 2 एचसीएस अधिकारियों का तबादला

चण्डीगढ़, 3 जनवरी - हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 14 आईएएस और दो एचसीएस अधिकारियों के स्थानान्तरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। 
    खेल एवं युवा मामले विभाग और स्वर्ण जयंती समारोह के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा हरियाणा स्वर्ण जयंती समारोह के प्रधान कार्यकारी अधिकारी डा० के० के० खण्डेलवाल को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा पर्यावरण विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव लगाया है। 
    सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक निगम को लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग का अतिरिक्त मु    ख्य सचिव नियुक्त किया गया है।
    सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खण्डेलवाल को सहकारिता विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है।
    मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। 
    नियुक्ति आदेशों की प्रतीक्षा कर रहे डा० राजा शेखर वुंडरू को सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है।

    पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव श्रीकांत वाल्गद को अम्बाला मण्डल का आयुक्त लगाया गया है।
    ग्राम एवं नगर आयोजना, खान एवं भूविज्ञान विभागों के महानिदेशक तथा सचिव अरुण कुमार गुप्ता को नगर एवं ग्राम आयोजना तथा शहरी सम्पदाएं विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। 
    कार्मिक, प्रशिक्षण, सतर्कता और संसदीय मामले विभागोंं की सचिव और प्रशिक्षण की निदेशक (पदेन) नीरजा शेखर को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद का राज्य परियोजना निदेशक लगाया गया है।
    सामान्य प्रशासन, प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव, हरियाणा सरस्वती हैरिटेज बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पर्यावरण विभाग के महानिदेशक और सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबन्धन-1 विभाग के सचिव, चकबंदी, भू-अभिलेख विभाग के महानिदेशक, विशेष कलैक्टर (मुख्यालय) और विशेष भूमि अर्जन अधिकारी, हरियाणा विजयेन्द्र कुमार को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा हरियाणा राज्य रैजिडेंट डाटाबेस प्राधिकरण का परियोजना निदेशक लगाया गया है।
    शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक तथा विशेष सचिव, राज्य शहरी आजीविका मिशन एवं राज्य शहरी विकास प्राधिकरण के मिशन निदेशक शेखर विद्यार्थी को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा पर्यावरण विभाग का निदेशक एवं विशेष सचिव नियुक्त किया है।
    कृषि विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव भूपेन्द्र सिंह को मुख्यमंत्री का उप-प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है।
    मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग की नियंत्रक एवं विशेष सचिव तथा हरियाणा राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव गीता भारती को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का निदेशक और विशेष सचिव तथा कान्फैड का प्रबन्ध निदेशक नियुक्त किया गया है।
    चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के निदेशक और विशेष सचिव दुष्मंता कुमार बेहरा को कृषि विभाग का निदेशक एवं विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।
    खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव तथा कान्फैड के प्रबन्ध निदेशक रवि प्रकाश गुप्ता को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग का निदेशक और विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।
    पानीपत क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के सचिव त्रिलोक चंद को गुरुग्राम क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का सचिव नियुक्त किया है।
    एनआईटी फरीदाबाद नगरनिगम के संयुक्त आयुक्त भारत भूषण गोगिया को फरीदाबाद क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का सचिव लगाया गया है।
    एचसीएस अधिकारी जितेन्द्र कुमार-2 के नियुक्ति आदेश बाद में जारी किए जाएंगे।

Thursday, December 1, 2016

हाँ मैं अनुभवहीन था विपक्षियों लेकिन अब मैंने बहुत कुछ सीख लिया है, खट्टर

हाँ मैं अनुभवहीन था विपक्षियों लेकिन अब मैंने बहुत कुछ सीख लिया है, खट्टर


चण्डीगढ़, 1 दिसंबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज उद्यमियों तथा निर्यातकों से कहा कि वे अपनी जरूरत अनुसार बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण दें और रोजगार प्रदान करें। इसके लिए जो भी इनफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होगी, वह सरकार मुहैया करवाएगी तथा प्रशिक्षण के लिए सर्टिफिकेट भी सरकार देगी। 

मुख्यमंत्री कल  गुरूग्राम में निर्यातक इकाइयों के लिए आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे। इस समारोह में प्रदेश के उद्योग मंत्री विपुल गोयल भी उनके साथ मौजूद थे। समरोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से चयनित 111 निर्यातक इकाइयों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया, जिसमें सर्वाधिक 21 पुरस्कार गुरूग्राम की इकाइयों को मिले। 

श्री मनोहर लाल ने परम्परागत तरीके से भाषण देकर इतिश्री करने की बजाए निर्यातकों व उद्यमियों से सीधा संवाद किया और उनसे पूछा कि राज्य सरकार द्वारा उद्यमी प्रोत्साहन नीति लागू की गई है, उसके फायदे उन्हें मिल रहे हैं अथवा नहीं। उन्हें अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए कहा गया और साथ में नीति में और बेहतरी के लिए सुझाव भी मांगे गए। मुख्यमंत्री ने सीधा संवाद स्थापित करते हुए कहा कि आप लोगों के प्रैक्टिकल अनुभव हैं, नीति बदलावों का फायदा उठाने में कोई कठिनाई आ रही हो तो बताएं। समारोह में उपस्थित निर्यातकों तथा उद्यमियों ने खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त की और नीति में सुधार के सुझाव भी दिए। 

विपक्षी नेताओं की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरू में उन्हें और राज्य सरकार को अनुभवहीन कहा गया। श्री मनोहर लाल ने माना कि वे अनुभवहीन थे क्योंकि प्रदेश में पहली बार भाजपा की सरकार बनी है और वे स्वयं पहली बार मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने कहा कि पहले 12 महीने हमने बहुत कुछ सीखा, लेकिन लोगों की सेवा किस प्रकार करनी है, यह हमारे लिए नया नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘ईज ऑफ डूईंग बिजनेस’ में पिछले दो साल में हरियाणा देश में 14वें स्थान से 5वें स्थान पर आ गया है। इस मद में हमें 97 प्रतिशत अंक मिले, लेकिन अभी भी हम संतुष्ट नहीं हैं। इससे भी ऊपर आना चाहते हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश, गुजरात, तेलांगाना तथा आंध्र प्रदेश हमारे से आगे हैं। उन्होंने कहा कि 1966 में हरियाणा बना तब साढ़े चार करोड़ रूपए का ही निर्यात यहां से होता था, जो अब बढक़र 69 हजार करोड़ रूपए हो गया है। इसके लिए उन्होंने सभी निर्यातकों को बधाई दी और कहा कि अब 10 वर्ष के बाद यह पुरस्कार वितरण समारोह रखा गया है, लेकिन वे वादा करते हैं कि वार्षिक तौर पर इस प्रकार का समारोह आयोजित किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद पहले साल में प्लानिंग बनाई और विकास के काम किए, लेकिन रोजगार उपलब्ध करवाने का विषय आज भी उनके जहन में खटक रहा है। इसके लिए गुरूग्राम में इस वर्ष मार्च में हैपनिंग हरियाणा सम्मिट आयोजित की गई, जिसमें 549 एमओयू के माध्यम से लगभग 7 लाख करोड़ रूपए निवेश के प्रस्ताव आए। अब हर एमओयू को फलीभूत करने के लिए एक रिलेशनशिप मैनेजर लगाया गया है, जो प्रत्येक एमओयूकर्ता से संपर्क करके प्रक्रिया आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवाओं को रोजगार के लायक बनाने के लिए स्किल डवलपमैंट पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि पढ़े-लिखे होने के बाद उनमें निराशा ना आए और वे अपनी क्षमता में वृद्धि करके रोजगार प्राप्त कर सकें। उन्होंने उद्यमियों का भी आह्वान किया कि वे भी अपनी जरूरत अनुसार प्रशिक्षण देने के लिए अपनी इकाई के निकट स्किल डवलपमैंट सैंटर खोलें, जिसके लिए इनफ्रास्ट्रक्चर सरकार उपलब्ध करवाएगी और प्रशिक्षण प्राप्त कर्ताओं को सर्टिफिकेट भी देगी, परंतु उन्हें रोजगार संबंधित इकाई दे। उन्होंने कहा कि जिला पलवल के बाघोक में विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय खोला जाएगा, जिसकी कक्षाएं अस्थाई रूप से फरीदाबाद में शुरू की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में उद्यमियों को जो स्किल चाहिए, वैसा प्रशिक्षण युवाओं को देने के लिए इस विश्वविद्यालय में कोर्स शुरू करने के सुझाव उद्यमी दें। 

इसके साथ मुख्यमंत्री ने एक नवम्बर हरियाणा दिवस से प्रदेश में शुरू की गई सक्षम युवा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि रोजगार विभाग के माध्यम से स्नातकोत्तर युवाओं को 100 घंटे काम के बदले 9 हजार रूपए देने की योजना शुरू की गई है। अब तक इस योजना के तहत प्रदेश में 3500 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। यदि उद्यमियों को भी स्नातकोत्तर युवाओं की आवश्यकता हो, तो वे रोजगार विभाग के पास अपनी मांग भेज सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब दूसरे चरण में विज्ञान और कॉमर्स स्नातकों के लिए स्कीम बनाई जाएगी। 

गुरूग्राम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरूग्राम विकास प्राधिकरण (जीडीए) बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। यह हरियाणा का पहला प्राधिकरण होगा और उनका मानना है कि इसके बनने से गुरूग्राम वासियों की अधिकतर समस्याएं दूर हो जाएंगी। 
इससे पहले प्रदेश के उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि निर्यातक इकाइयों को पिछले 10 साल में पुरस्कार नहीं दिए गए। मनोहर सरकार ने ना केवल पुरस्कार पुन: शुरू किए हैं, बल्कि पुरस्कारों की राशि भी तीन गुणा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निर्यात काफी बढ़ा है, जिसके लिए उन्होंने उद्यमियों तथा उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि उद्योग नीति में कई बदलाव किए गए हैं, लेकिन हम सफल तब होंगे, जब हमारे प्रदेश के उद्यमी दूसरे उद्यमियों को हरियाणा में लाएं और अपनी इकाई का विस्तार भी करें। उन्होंने कहा कि अच्छा काम कर रही औद्योगिक इकाइयों को इनसैंटिव देने की व्यवस्था भी नीति में की गई है। 
उद्योग विभाग के प्रधान सचिव देवेन्द्र सिंह ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि प्रदेश में जल्द ही नई आईटी पॉलिसी बनाई जाएगी। उन्होंने प्रदेश की उद्योग नीति पर प्रकाश डाला। हरियाणा राज्य औद्योगिक संरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक सुधीर राजपाल ने विस्तार से नई उद्यमी प्रोत्साहन नीति-2015 के बारे में चर्चा की और बताया कि किस प्रकार नियमों का सरलीकरण किया गया है। सूर्या रोशनी लिमिटेड के चेयरमैन जेपी अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे।

इस अवसर पर प्रदेश के उद्योग मंत्री विपुल गोयल, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव देवेन्द्र सिंह, हरियाणा डेयरी विकास प्रसंघ लिमिटेड के चेयरमैन जी एल शर्मा, एचएसआइआइडीसी के प्रबंध निदेशक सुधीर राजपाल, उद्योग विभाग के निदेशक अशोक सांगवान, गुरूग्राम मंडल के आयुक्त डा. डी सुरेश, उपायुक्त टी एल सत्यप्रकाश, पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Friday, November 4, 2016

‘ऐ खुदा, मुझको वह खुदाई न दे कि मुझे मेरे सिवा कुछ दिखाई न दे’, अनिल विज

‘ऐ खुदा, मुझको वह खुदाई न दे कि मुझे मेरे सिवा कुछ दिखाई न दे’, अनिल विज


Haryana Minister Anil Vij
चंडीगढ़, 4 नवम्बर- हरियाणा खेल एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा का इतिहास मात्र 50 वर्षों का नही बल्कि हजारों वर्ष पुराना है। इस देवभूमि को स्वर्णिम हरियाणा के तौर पर विकसित करने के लिए प्रदेश के सभी वर्तमान व पूर्व विधायकों, सांसदों एवं जनता को अपना योगदान देना चाहिए।
श्री विज आज हरियाणा विधानसभा के स्वर्ण जयंती सत्र के दौरान सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश को स्वर्णिम बनाने के लिए स्वर्ण जयंती वर्ष को मनाने का निर्णय लिया है, जिसके लिए राज्य के सभी वर्तमान एवं पूर्व सांसदों व विधायकों को इस संबंध में अपने सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया गया था। परन्तु प्रदेश की विपक्षी पार्टियां कांग्रेस व इनेलो इस बारे में कोई सकारात्मक सुझाव नही दे सकी और मात्र राजनैतिक स्वार्थों की पूर्ति व श्रेय लेने की होड़ में सत्र का समय नष्टï करती रही।

खेल मंत्री ने कांग्रेस व इनेलो पर कटाक्ष करते हुए दोहे के रूप में कहा कि ‘ऐ खुदा, मुझको वह खुदाई न दे कि मुझे मेरे सिवा कुछ दिखाई न दे’। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व इनेलो हरियाणा के इतिहास को मात्र 50 वर्षों का मानते हैं। परन्तु महाभारत काल के दौरान जिस धर्मक्षेत्र कुरूक्षेत्र की चर्चा होती है, उसका क्षेत्र तो वर्तमान हरियाणा व पंजाब से भी कहीं अधिक और प्राचीन रहा था। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी में खुदाई से मिले प्रमाणों से यह साफ हो रहा कि यह शहर कभी विश्व की राजधानी रहा होगा। राखीगढ़ी में मिले शहर जैसे विकसित पक्के मकानों व उनमें बनी रसोइयों, पक्की गलियों व नालियां इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा का अस्तित्व हड़प्पा एवं मोहनजोदड़ों से भी प्राचीन रहा होगा।

श्री विज ने कहा कि वर्तमान हरियाणा के विकास में जिस भी व्यक्ति का योगदान रहा है, इसके लिए वे उन्हें साधुवाद देते हैं। परन्तु एक नवम्बर 1966 को भाषाई आधार पर बने हरियाणा को आज भी इस बात की प्रतिक्षा है कि किस प्रकार पंजाब द्वारा दबाए गऐ हिन्दी भाषी क्षेत्रों को हरियाणा में शामिल किया जाए। इसलिए सभी राजनैतिक दलों को इस बात पर भी विचार करना चाहिए कि आज तक हरियाणा क्यों नही अपनी अलग राजधानी एवं उच्च न्यायालय बना सका है और इस कार्य को कैसे अंजाम दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर भी विचार करना चाहिए कि आज तक की सरकारें ऐसा करने में क्यों नहीं सक्षम रही है।

Thursday, November 3, 2016

खट्टर ने दिया हरियाणा के कर्मचारियों को बड़ा तोहफा

खट्टर ने दिया हरियाणा के कर्मचारियों को बड़ा तोहफा

Good-news-for-haryana
चण्डीगढ, 3 नवम्बर- हरियाणा सरकार ने प्रदेश के स्वर्ण जयंती वर्ष में अपने कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। भविष्य में राज्य सरकार के कर्मचारियों को गृह निर्माण, वाहन, विवाह इत्यादि विभिन्न प्रकार के ऋण पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से उपलब्ध करवाये जाएंगे। 
हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की उपस्थिति में आज इस संबंध में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी. राघवेन्द्रा राव तथा बैंक के कार्यकारी निदेशक श्री संजीव शरण ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।

इस अवसर पर वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के निर्देश पर राज्य के स्वर्ण जयंती वर्ष में हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जो अपने कर्मचारियों को बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवायेगा। उन्होंने कहा कि अब हरियाणा के कर्मचारी अपने डीडीओ के माध्यम से तुरन्त प्रभाव से आवेदन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि 15 दिन के अंदर इसकी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिये गये हैं। इससे कर्मचारी अपनी निर्धारित ऋण-सीमा से अधिक ऋण लेने के पात्र होंगे और उन्हें पात्रता के लिए विशेषाधिकार कोटा प्रक्रिया तथा आंशिक ऋण स्वीकृति से छूट मिल जायेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया से सरकारी कर्मचारियों को सरकार की वर्तमान ब्याज दर 8 प्रतिशत पर ही ऋण प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा कर्मचारियों को ऋण प्रदान करने के लिए जो बजट राशि आबंटित की जाती रही है, वह राशि भविष्य में प्रदेश के विकास के लिए प्रयोग की जा सकेगी। इससे राज्य के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि बैंक के माध्यम से कर्मचारियों को दक्ष, किफायती, आसान, जल्दी और प्रभावी तरीके से ऋण मिलेगा। 
पंजाब नेशनल बैंक के कार्यकारी निदेशक श्री संजीव शरण ने बताया कि हरियाणा में पंजाब नेशनल बैंक सबसे बड़ा राष्ट्रीयकृत बैंक है। राज्य के सभी जिलों में इसकी 509 शाखाएं चल रही हैं। उन्होंने बताया कि ऋण सम्बन्धी कार्यों के लिए बैंक द्वारा सैक्टर 14, पंचकूला में मुख्य प्रबंधक स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी की जिम्मेवारी सौंपी गई है, जो सभी आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करेंगे। बैंक की आई.टी.शाखा व प्रदेश सरकार द्वारा ऋण आवेदनों के योजनाबद्ध निपटान के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि पंचकूला शाखा के अलावा चण्डीगढ़ सहित प्रदेश के जिला व ब्लॉक स्तर पर कार्यरत 150 शाखाएं इस कार्य के लिए अपनी सेवाएं प्रदान करेंगी।

Thursday, October 27, 2016

हरियाणा के उद्योगमंत्री ने ठोंका सेना को सलाम, कहा PM मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक करवा बढ़ाया देश का मान सम्मान

हरियाणा के उद्योगमंत्री ने ठोंका सेना को सलाम, कहा PM मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक करवा बढ़ाया देश का मान सम्मान

फरीदाबाद 27 September 2016: उडी हमले के बाद देश के नौजवान काफी गुस्से में थे जिसे देखते हुए 28-29 सितंबर की रात्रि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वही करवाया जिसके लिए देश ने उन्हें प्रधानमंत्री बनाया था । उस रात्रि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अचानक नरेंद्र मोदी फिर देश के हीरो बन गए । हरियाणा के उद्योगमंत्री विपुल गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ करते हुए कहा कि उन्होंने देश का मान सम्मान बढ़ाया है । उन्होंने सेना को सलाम करते हुए कहा कि हमारे जांबाज जवानों की जितनी तारीफ़ की जाये कम होगी क्यू कि वो रात दिन हमारी सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनात रहते हैं और  पाकिस्तानियों को मुहतोड़ जबाब दे रहे हैं ।  

विपुल गोयल कल देश शाम एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे । हरियाणा में भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर उद्योग मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार जनता के उम्मीदों पर पूरी तरह से खरी उतरेगी । उन्होंने फरीदाबाद सहित पूरे हरियाणा की जनता को दीपावली की बधाई दी एक छोटा सा वीडियो देखें ,,,


Wednesday, October 26, 2016

LIVE: Haryana Cabinet Meeting: टोल फ्री हुईं पांच सड़कें, नहीं देना पड़ेगा टोल टैक्स

LIVE: Haryana Cabinet Meeting: टोल फ्री हुईं पांच सड़कें, नहीं देना पड़ेगा टोल टैक्स

चण्डीगढ़, 26 अक्तूबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में पांच टोल प्वाइंट्स को उनके वर्तमान समझौते के समाप्त होने पर बंद करने और अंतरराज्यीय सीमाओं के निकट तीन नए टोल प्वाइंट्स स्थापित करने  के लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृत प्रदान की गई।

    बंद किए जाने वाले पांच टोल प्वाइंट्स में गुरूग्राम-पटौदी सडक़(गुरूग्राम के पास किलोमीटर 10 पर) शामिल है जिसका टोल समझौता 12 दिसम्बर, 2017 को समाप्त हो जाएगा। इसीप्रकार, गुरूग्राम-फारूखनगर-झज्जर सडक़(गुरूग्राम के पास  किलोमीटर 7 पर) का टोल समझौता 27 अगस्त, 2017 को पूरा हो जाएगा। तीसरे टोल प्वाइंट नेवल-घीड़-गढ़ी बीरबल (किलोमीटर 1 और किलोमीटर 52 पर)का टोल समझौता 30 नवम्बर, 2016 को समाप्त हो जाएगा। पेहवा-लाडवा-सहारनपुर-हरिद्वार सडक़(कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र के तीसरे गेट से पेहवा किलोमीटर 98 तक के अनुभाग) का टोल समझौता 15 नवम्बर, 2016 को समाप्त हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, करनाल-रम्भा-इन्द्री-लाडवा सडक़ (किलोमीटर 27 पर) का टोल समझौता 17 अक्तूबर, 2016 को समाप्त हो चुका है लेकिन समझौता 15 नवम्बर, 2016 को समाप्त होगा क्योंकि इसके पास एक महीने का विस्तार समय है।

पलवल-जेवर-अलीगढ़ सडक़, जिला महेन्द्रगढ़ में अटेली से खेड़ी सडक़ और जिला महेन्द्रगढ़ में नारनौल-कोरियावास-रामबास सडक़ से राजस्थान सीमा तक सडक़ों की मरम्मत का कार्य पूरा होने के उपरांत तीन नए टोल प्वाइंट्स स्थापित किए जाएंगे।
Haryana Cabinet Meeting: एक जनवरी को बड़ा तोहफा देंगे खट्टर

Haryana Cabinet Meeting: एक जनवरी को बड़ा तोहफा देंगे खट्टर

Manohar Lal CM Haryana

चंडीगढ़: 26 October 2016:  हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज घोषणा की कि हरियाणा पहली जनवरी, 2016 से अपने कर्मचारियों को सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग(सीपीसी) के लाभ देने वाला देश का पहला राज्य होगा। केन्द्र सरकार के कर्मचारियों को भी इसी तिथि से यह लाभ मिला है।  
    मुख्यमंत्री, जो मंत्रिमंडल की बैठक के उपरांत एक प्रैस सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे, ने कहा कि राज्य सरकार ने मोटे तौर पर केन्द्र सरकार द्वारा 7वें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर अपने कर्मचारियों को दिए गए वेतन पैकेज की तर्ज पर ही अपने कर्मचारियों को संशोधित वेतन पैकेज के लाभ प्रदान करने का सैद्घांतिक निर्णय लिया है। 

    इससे पूर्व, मंत्रिमंडल ने 7वें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन के लिए कमेटी की रिपोर्ट पर विचार करके स्वीकृति प्रदान की। 
    उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर्स और डाटा एन्ट्री आप्रेटर्स जैसे अनुबंध कर्मचारियों तथा आउटसोर्सिंग नीति के तहत लगे अन्य कर्मचारियों को भी उसी अनुपात में लाभ मिलेगा जिस अनुपात में अन्य कर्मचारियों को सीपीसी का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विभाग इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर अपने प्रस्ताव भेजेंगे। इसके अतिरिक्त, पुलिस कर्मियों को अनुज्ञेय जोखिम भत्ता 31 मार्च, 2017 तक जारी रहेगा जबकि पहले यह वर्ष 2015 तक अनुज्ञेय था।  
    कमेटी को 200 से अधिक प्रतिवेदन प्राप्त हुए थे जिन पर रिपोर्ट तैयार करते समय विचार किया गया। 
    बैठक में यह पाया गया कि पांचवें केन्द्रीय वेतन आयोग तक लागू वेतनमान प्रणाली छठे केन्द्रीय वेतन आयोग में पे-बैंड और ग्रेड पे में परिवर्तित हो गई थी। सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग में पे मैट्रिक्स की एक नई प्रणाली शुरू की गई है।

ग्रुप क, ख, ग एवं घ के लगभग 2.5 लाख कर्मचारियों को एक जनवरी, 2016 के उनके मूल वेतन पर 32 प्रतिशत की वृद्घि मिलेगी। वर्तमान 32 ग्रेड पे के स्थान पर 21 पे लेवल निर्धारित किए गए हैं जिनमें से 14 लेवल भारत सरकार के पे लेवल जैसे हैं जबकि सात अलग हैं। पे मैट्रिक्स सरल, आसानी से समझ आने वाला और भारत सरकार के वेतन ढाचें के करीब है। ग्रुप क, ख एवं ग के लगभग दो लाख कर्मचारियों को भारत सरकार के पे मैट्रिक्स के समान पे लेवल मिलेगा। 

केवल 21 पे लेवल लागू किए जाने से काफी हद तक अंतरविभागीय विसंगतियों का निपटान होगा और साथ ही भारत सरकार की तर्ज पर वेतन देने की ग्रुप-ग के कर्मचारियों की मांग पूरी होगी।  
सभी वर्तमान कर्मचारियों के वेतन को 2.57 के फिटमेंट घटक के साथ गुणा करके समान रूप से निर्धारित किया जाएगा और प्राप्त आंकड़े को प्रासंगिक लेवल के उसी या अगले प्रकोष्ठï में रखा जाएगा। 
ग्रुप-घ के पदों को मुख्य कर्मचारी संघों की मांग तथा राज्य की प्रशाासनिक आवश्यकताओं के लिए बरकरार रखा गया है। गु्रप-घ के ग्रेड पे 1300 रुपये और 1400 रुपये का विलय 1650 रुपये के उच्च ग्रेड पे में किया गया है और उनका न्यूनतम वेतन 16900 रुपये होगा।
ग्रुप ग एवं घ के कर्मचारियों  के लिए सुनिश्चित आजीविका प्रगति(एसीपी) और अधिक आर्कषक होगी। उच्च एसीपी ढाचें के कारण लगभग एक लाख कर्मचारी (ग्रुप-ग के 40,000 गु्रप-घ के 60,000) लाभान्वित होंगे। 
मंत्रिमंडल ने हरियाणा सिविल सेवाएं(संशोधित वेतन) नियम, 2016 और हरियाणा  सिविल सेवाएं (सुनिश्चित आजीविका प्रगति) नियम, 2016 पर विचार करके उन्हें स्वीकृति प्रदान की। 
मंत्रिमंडल ने सरकार को रिपोर्ट में प्रस्तावित तर्ज पर वेतन संशोधन के कारण उत्पन्न बकायों की अदायगी के लिए आवश्यकतानुसार उचित दिशा-निर्देश जारी करने के लिए भी प्राधिकृत किया।