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Friday, March 17, 2017

खट्टर की कुर्सी खींचते रहे कई धुरंधर, पकड़ कर बैठे रहे गुर्जर, कोई हिला भी नहीं पाया

खट्टर की कुर्सी खींचते रहे कई धुरंधर, पकड़ कर बैठे रहे गुर्जर, कोई हिला भी नहीं पाया

चंडीगढ़ 17 मार्च 2017: लगभग दो हफ्ते से हरियाणा के कई बड़े भाजपा नेताओं के ख़्वाबों में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की कुर्सी दिखती रही होगी । कई नेताओं का नाम मीडिया में भी आ गया कि नेता जी मुख्यमंत्री बनने वाले हैं लेकिन हमारे सूत्र पहले ही दिन से बता रहे थे कि खट्टर की कुर्सी पर आंच नहीं आएगी कोई उस कुर्सी को हिला तक नहीं पायेगा । कल हरियाणा भवन में एक ख़ास बैठक हुई जो सुबह से शाम तक चली और इस खास बैठक का नतीजा वही रहा जो हम पहले से पता रहे थे कि रूठों को मना लिया जाएगा और खट्टर की कुर्सी बचा ली जाएगी । 

बताया जा रहा है कि  दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में भाजपा की इस बैठक में केन्द्रीय मंत्री चौधरी बीरेन्द्र सिंह की पत्नी व विधायक प्रेमलता, उमेश अग्रवाल, नरेश कौशिक, मूलचंद शर्मा सहित कई विधायकों ने बैठक के बाद भी मुखर होकर अपना विरोध जताया था लेकिन उनके विरोध का कुछ खास असर नहीं हुआ । सूत्रों के मुताबिक भाजपा के कुछ विधायकों की खुलेआम बगावत के बाद मुख्यमंत्री खट्टर के लिए पैदा हुए संकट को टालने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का दबाव काम आया और सीएम रूठे विधायकों को मनाने में कामयाब रहे। विधायकों की ओर से पार्टी नेतृत्व को यह संदेश दिया गया है कि दोबारा सरकार बनानी है तो उनके रुके हुए विकास कार्यों की फाइलों को जल्दी से जल्दी हरी झंडी दिखाई जाए।

सूत्रों के अनुसार विधायक दल की बैठक में विरोधियों को बोलने के लिए महज 15 मिनट का वक्त मिला और उसमें भी हालत यह हुई कि मुख्यमंत्री का विरोध करने वाले विधायक के ठीक बगल में उनके समर्थक विधायक को बैठा दिया गया था। बताते हैं कि विधायकों ने इस बैठक में शिकायत की कि अफसरशाही बिलकुल बेलगाम हो चुकी है। वी सतीश ने इन विधायकों से कहा कि उन्होंने उनकी शिकायतों को नोट कर लिया है और वे इन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक पहुंचा देंगे। इन दो हफ़्तों में हरियाणा भाजपा के सीनियर नेता कृष्णपाल गुर्जर जो कई बार विधायक रह चुके हैं, प्रदेश के केबिनेट मंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में फरीदाबाद के सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री हैं । हमें सूत्रों द्वारा खबर मिलती है कि गुर्जर ने खट्टर की कुर्सी को मजबूती से पकड़ रखी है कुछ नहीं होने देंगे । 

सूत्रों के मुताबिक कृष्णपाल गुर्जर बगावत के पहले दिन से ही खट्टर की कुर्सी बचाने में जुटे रहे । और सूत्रों की मानें तो उन्होंने खट्टर की कुर्सी के चारों तरफ एक लक्ष्मण रेखा खींच दी थी जिस कारण कोई उस कुर्सी तक नहीं पहुँच सका । बीच में मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि प्रदेश के आधा दर्जन सांसद और कुछ मंत्री बगावत करने वाले विधायकों का साथ दे रहे हैं और उनके पास से बीस से ज्यादा विधायकों का समर्थन है लेकिन कइयों के मंसूबों पर गुर्जर ने पानी फेर दिया । मोदी के इस भोलेभाले मंत्री का प्रदेश और केंद्रीय राजनीति में कद और ऊंचा हो गया है और इन्हें राजनीति का माहिर खिलाड़ी बताया जा रहा है जो जितनी भी चालें चलते हैं सोंच समझकर चलते हैं और सामने वाले को पस्त कर देते हैं । 

Wednesday, March 1, 2017

ख्वाइश तो बड़ी बेवफा होती है, पूरी होते ही बदल जाती है, CM खट्टर

ख्वाइश तो बड़ी बेवफा होती है, पूरी होते ही बदल जाती है, CM खट्टर

चण्डीगढ़,1 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जो विधानसभा में सदन के नेता भी है ने कहा कि जाट आंदोलनकारियों से सरकार खुले मन से बातचीत करने को तैयार है। आंदोलनकारी नेताओं के सुझाव पर ही मुख्य सचिव श्री डी एस ढेसी की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक कमेटी का गठन किया गया है।  विपक्षी पार्टियों के नेताओं को भी सहयोग करना चाहिए न कि किसी के जज्बातों से खिलवाड़ करनी चाहिए, सदन के अंदर या सदन के बाहर हमारे वैचारिक मतभेद हो सकते हैं किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने से बचना चाहिए। सरकार न्यायालय में विचाराधीन मुद्दों को छोडक़र शेष मामलों के समाधान के लिए विधानसभा की कमेटी या मंत्री समूह की उपसमिति भी गठित करने को तैयार है। 
    मुख्यमंत्री आज हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान विपक्ष के नेता श्री अभय सिंह चौटाला, विधायक, डॉ. रघवीर कादियान व निर्दलीय विधायक श्री जय प्रकाश द्वारा 15 अन्य विधायकों के  साथ जाट समुदाय के सदस्यों द्वारा विभिन्न स्थानों पर दिए जा रहे अनिश्चितकालीन धरनों के सम्बन्ध में सदन में दिए गए स्थगन प्रस्तावों पर अपना जवाब दे रहे थे। 

    उन्होंने सदन को अवगत करवाया कि यह कहना बिल्कुल गलत है कि सरकार आंदोलनकारियों के साथ बातचीत नहीं करना चाहती अथवा उनकी तर्कसंगत मांगों को स्वीकार नहीं करना चाहती। यह आरोप कि कुछ मंत्रियों और सत्तापक्ष के नेता साम्प्रदायिक विभाजन करने का प्रयास कर रहे हैं या आंदोलनकारियों से बातचीत न करने का दोहरा खेल खेल रहे हैं, आधारहीन, असत्य तथा मिथ्या है। वास्तव में, प्रदेश में शांति और सद्भाव का वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सभी सम्भव प्रयास किए हैं।
शांतिपूर्ण ढंग से किए जा रहे धरना प्रदर्शन के लिए  सर्व समाज के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने सदन को अवगत करवाया कि  36 बिरादरियों के भाईचारे को बनाए रखना हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। पिछले वर्ष के जाट आंदोलन और इस वर्ष के जाट आंदोलन के मंतव्य में अंतर यह है कि पिछले वर्ष आंदोलन में उपद्रवी घुस गए थे और आंदोलन हिंसक हुआ था। इस वर्ष शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन पिछले एक माह से चल रहा हैंं। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के हर आवश्यक एहतियातिक कदम उठाए जा रहे हैं।
    उन्होंने सदन को इस बात की भी जानकारी दी कि आंदोलनकारी अब गोल-पोस्ट बदल रहे है।  पहले उनकी सात मांगे थीं, उसके बाद 17 मांगों का मांग पत्र दिया गया और अब 11 मांगों का एक और मांग-पत्र मिला है इस प्रकार अब कुल 28 मांगें शािमल हैं।    उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान एक दिन में सम्भव नहीं है। न्यायालय द्वारा समय-समय पर निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कल भी पंजाब एवं हरियाणा  उच्च न्यायालय में जाट आरक्षण की सुनवाई है। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2010-2012 में भी जाट आरक्षण के दौरान मामले दर्ज हुए थे जिनमें से आज भी कई मामले लम्बित है। उन्होंने सदन को विश्वास दिलवाया कि निर्दोष  लोगों को छोड़ दिया गया है और दोषियों पर कार्यवाही की गई है। न्यायालय द्वारा न्याय प्रक्रिया के माध्यम से मामलों पर जमानत दी जा रही है। 
     मुख्यमंत्री ने शायरी अंदाज में कहा कि ‘खुवाईश तो बड़ी बेवफा होती है, पूरी होते ही बदल जाती है,चेहरे वही हो तो कोई अजीब बात नहीं, लेकिन रवैया बदल जाए तो चिंताजनक है।’
    उन्होंने सदन को इस बात से भी अवगत करवाया कि केन्द्र सरकार ने जाटों को पिछड़े वर्ग में शामिल करने के लिए केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री वैंकया नायडु  की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। 
उन्होंने  कहा कि  शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश तथा सरकारी नौकरियों में आरक्षण से सम्बन्धित जाट समुदाय की मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने हरियाणा पिछड़ा वर्ग (नौकरियों एवं शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश आरक्षण) अधिनियम 2016, जिसमें जाट, रोड़, बिश्नोई, जट सिक्ख, मूला जाट/मुस्लिम जाट और त्यागी जातियों को आरक्षण का प्रावधान था, को पारित करके दिनांक 12 मई 2016 को अधिसूचना जारी कर दी थी। इस अधिनियम के प्रावधानों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई और अदालत ने दिनांक 26 मई 2016 को यह आदेश दिया कि इस अधिनियम की अनुसूची-।।। में वर्णित, (सैक्शन 3 और 4 में संदर्भित), शीर्षक पिछड़ा वर्ग ब्लाक सी के अन्तर्गत, जातियों को इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार सरकारी सेवा में कोई भी नियुक्ति और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश न दिया जाए। यह मामला अभी भी हाईकोर्ट के विचाराधीन है और सुनवाई के लिए अगली तारीख 2 मार्च 2017 लगाई गई है।

    इसी प्रकार, एक दूसरी रिट याचिका नं० 3897/2016 (ओ. एंड एम) की सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दिनांक 1 जून 2016 को यह आदेश दिया कि फरवरी 2016 में आरक्षण आंदोलन के सम्बन्ध में विभिन्न थानों में दर्ज हुए सभी मुकदमों के अनुसंधानधिकारी, अनुसंधान की प्रारम्भिक रिपोर्ट अपने-अपने इलाका मजिस्ट्रेट को देंगे, जिसमें इन मुकदमों के अनुसंधान के सम्बन्ध में उठाए गए कदमों का विवरण दिया जाएगा। उन्हें यह भी आदेश दिया गया कि मुकदमों की जिमनियां सम्बन्धी मजिस्ट्रेट के सम्मुख प्रस्तुत की जाएं। सभी विद्वान इलाका मजिस्ट्रेटों को भी निर्देश दिए गए कि वे इन रिपोर्टों और जिमनियों का निरीक्षण करें और अब तक के किए गए अनुसंधान पर अपनी टिप्पणी देकर सम्बन्धित सत्र न्यायाधीशों के माध्यम से हाईकोर्ट को अपनी रिपोर्ट भेजें। इस प्रकार फरवरी 2016 में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के सम्बन्ध में हुई हिंसा और अन्य अपराधों से सम्बन्धित सभी मुकदमों के अनुसंधान की समीक्षा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा की जा रही है। इस सम्बन्ध में पुलिस द्वारा अदालत को सभी मुकदमों की अनुसंधान की वस्तुस्थिति की रिपोर्ट लगातार प्रस्तुत की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जून 2016 में प्रदेश के अनेक स्थानों पर धरने लगाए गए। धरनों के प्रतिनिधियों को यह स्पष्ट किया गया कि सरकार किसी भी निर्दोष व्यक्ति को कष्ट नहीं दिया जाएगा और किसी भी दोषी व्यक्ति को कानून से भागने नहीं दिया जाएगा। यह भी आश्वासन दिया गया था कि सरकार सभी निर्दोष व्यक्तियों और उनके परिवारों के प्रति, जिन्होंने हिंसा के दौरान कष्ट पाया था, के लिये सहानुभूतिपूर्वक रहेगी। इसके उपरांत धरनों को उठा लिया गया था।
    जब वह प्रतीत हुआ कि फिर से 29 जनवरी 2017 से धरने लगाए जाएंगे, जाट समुदाय के नेताओं के साथ 27 जनवरी 2017 को चंडीगढ़ में मीटिंग बुलाई गई। उनकी मांगों को सहानुभूतिपूर्वक सुना गया और उन्हें यह आश्वासन दिया गया कि उनकी सभी जायज मांगों को सरकारी नीतियों और प्रक्रियाओं के दायरे में पूरा किया जाएगा।
    आंदोलनकारियों की आरक्षण से सम्बन्धित मांगों और समस्याओं पर विचार करने के लिये सरकार ने 7 फरवरी 2017 को मुख्य सचिव हरियाणा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया। कोई भी संस्था, वर्ग अथवा व्यक्ति, लिखित या मौखिक रूप से अपने विचार और सुझाव इस कमेटी के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। इस कमेटी का लगातार यह प्रयास रहा है कि संविधान और समय-समय पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के इस सम्बन्ध में दिए गए निर्णय/निर्देश की पृष्ठभूमि में सभी मामलों का हल ढूंढा जाए। इस कमेटी की सभी धरनों के प्रतिनिधियों के साथ पानीपत में दिनांक 11 फरवरी 2017 को बातचीत हुई। उन्होंने 7 मांगों का एक पत्र कमेटी को दिया और यह कहा गया कि सभी मांगों को तुरंत प्रभाव से स्वीकार किया जाए। सरकार ने इस मांगपत्र पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए घायल व्यक्तियों को मुआवजा और मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने जैसी तर्कसंगत मांगों को स्वीकार कर लिया और इन्हें पूरा किया जा रहा है। परंतु मृतकों के कुछ परिजनों, जिन्हें सरकारी नौकरी का प्रस्ताव दिया गया था, ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया है। क्योंकि मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है और कुछ मांगें राज्य सरकार के अधिकारक्षेत्र से बाहर हैं, अत: यह सम्भव नहीं था कि सम्पूर्ण मांगपत्र को तुरंत प्रभाव से स्वीकार किया जाता। धरनों के प्रतिनिधियों के साथ दिनांक 20 फरवरी 2017 को पानीपत में पुन: वार्ता हुई। इन प्रतिनिधियों को यह स्पष्ट कर दिया गया था कि उनकी सभी तर्कसंगत मांगें जो कानून की दृष्टि में उचित थी और राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में थी और जो अदालत के विचाराधीन मामलों से सम्बन्धित नहीं थी, को स्वीकार किया जा सकता है और उन्हें एक तर्कसंगत अवधि में पूरा किया जा सकता है। परंतु यह प्रतिनिधि अपनी मांगों पर अडिग रहे। अब मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि इन्होंने सरकार द्वारा गठित सरकारी अधिकारियों की कमेटी से बातचीत करने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। आंदोलनकारी नेताओं से आगे वार्ता करने के प्रयास लगातार जारी हैं ताकि इस मामले का बातचीत द्वारा शीघ्र-अतिशीघ्र समाधान कर लिया जाए।

Sunday, December 25, 2016

हरियाणा के भाइयों एवं बहनों, मैंने फिल्म दंगल टैक्स फ्री कर दिया, खट्टर

हरियाणा के भाइयों एवं बहनों, मैंने फिल्म दंगल टैक्स फ्री कर दिया, खट्टर

चंडीगढ़, 25 दिसंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में दंगल फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है। फिल्म में कुश्ती व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रोत्साहित किया गया है। इस लिहाज से राज्य सरकार ने दंगल फिल्म को टैक्स फ्री करने का निर्णय लिया है। 
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार हरियाणवी फिल्मों को भी बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति बनाकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेशभर के सिनेमा घरों के संचालकों के साथ बैठक कर इस विषय पर मंथन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सरकार हरियाणवी फिल्मों को प्रोत्साहन देते हुए नई फिल्म नीति को जारी करने जा रही है। 

Wednesday, November 30, 2016

हरियाणा के सभी 2.5 करोड़ लोगों को जारी किये जाएंगे कम्प्यूटरीकृत स्वास्थ्य कार्ड

हरियाणा के सभी 2.5 करोड़ लोगों को जारी किये जाएंगे कम्प्यूटरीकृत स्वास्थ्य कार्ड

चंडीगढ़, 30 नवंबर- हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश के 2.5 करोड़ नागरिकों को कम्प्यूटरीकृत स्वास्थ्य कार्ड जारी करने का निर्णय लिया है और सभी लोगों के हैल्थ डाटा को विशिष्टï पहचान (यूआईडी) से जोड़ा जाएगा। 

स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिज विज ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि  स्वास्थ्य कार्ड की इस अवधारणा के तहत प्रत्येक व्यक्ति के सभी आवश्यक टेस्ट किए जाएंगे और टेस्ट की रिपोर्ट को कम्प्यूटर और स्वास्थ्य कार्ड पर अपलोड किया जाएगा। अस्पताल द्वारा संबंधित व्यक्ति के स्वास्थ्य की स्थिति के संबंध में प्राथमिक रिपोर्ट दी जाएगी। संबंधित व्यक्ति, यदि चाहे तो, अपने स्वास्थ्य कार्ड का प्रिंट ले सकता है। प्रत्येक व्यक्ति का समस्त सॉफ्ट डाटा केन्द्रीय सर्वर पर संरक्षित किया जाएगा ताकि संबंधित व्यक्ति यूआईडी आधार पर राज्य में किसी भी स्वास्थ्य केन्द्र से यह डाटा प्राप्त कर सके। 

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने इसलिए स्वास्थ्य कार्ड बनाने के लिए अभिरूचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की है। अभिरूचि की अभिव्यक्ति के प्रस्ताव 15 दिसम्बर, 2016 तक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशालय, पंचकूला में जमा करवाने होंगे। 
श्री विज ने कहा कि मरीज की जांच के उपरांत जांच रिपोर्ट मरीज के विशिष्टï स्वास्थ्य पहचान संख्या (यूएचआईडी) के साथ स्वत: ही जुड़ जाएगी। मरीज की सभी टेस्ट रिपोर्ट और प्रदान की गई ओपीडी या इनडोर सेवाएं भी यूएचआईडी से जुड़ जाएंगी। जब कभी मरीज दोबारा उसी अस्पताल या किसी अन्य अस्पताल में जाता है तो डॉक्टर मरीज का समस्त रिकार्ड, जिसमें में पुरानी एवं नई जांच शामिल हैं, को देख सकेगा।


प्रत्येक पंजीकरण के लिए मरीज को आधार कार्ड या राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित कोई अन्य पहचान प्रमाण या निवासी डाटा बेस रिकार्ड जैसे पहचान पत्र का इस्तेमाल करना होगा। पंजीकरण को हरियाणा निवासी डाटा बेस और आधार से जोड़ा जाएगा तथा इस डाटा बेस से प्रमाणीकरण संभव होगा। यूएचआईडी के साथ वैश्विक स्वास्थ्य कार्ड(यूएचसी) बनाने की बाधामुक्त सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य कार्ड बनाने हेतु विद्यमान स्वास्थ्य केन्द्रों में समर्पित मानवशक्ति उपलब्ध करवानी होगी। 

उन्होंने कहा कि कम्पनी या एजेंसी या संस्था को स्वास्थ्य कार्ड बनाने के लिए आधार प्रमाणित बॉयोमीट्रिक मशीनों की व्यवस्था करनी होगी। यूएचसी के पंजीकरण और यूएचआईडी के सृजन के लिए एक अलग कार्यस्थल की पहचान करनी होगी। यह कार्यस्थल सभी जिला अस्पतालों और उप-जिला अस्पतालों में प्रात: एवं सायं की शिफ्ट में कार्य करेगा।  जिनके यूएचआईडी रात की शिफ्ट में सृजित किए जाएंगे केवल उन्हीं मरीजों के कार्ड सुबह की शिफ्ट में बनाए जाएंगे। 

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए सभी कार्य दिवसों पर सामान्य डयूटी शिफ्ट में स्वास्थ्य कार्ड बनाए जाएंगे। एक समर्पित वैबसाइट बनाई जाएगी जिसमें आधार कार्ड प्रक्रिया की भांति गुम हुए यूएचआईडी का पनु: पता लगाने का प्रावधान किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 55 स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए ई-उपचार और एचएमआईएस सुविधा पहले ही अनुमोदित की जा चुकी है तथा इस समय 55 स्वास्थ्य केन्द्रों में से 22 में यह सुविधा क्रियान्वित है। बाद में इस सुविधा का विस्तार और अधिक स्वास्थ्य केन्द्रों में किया जाएगा। स्वास्थ्य कार्डों को स्वास्थ्य विभाग के वर्तमान ई-उपचार और एचएमआईएस सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाना अनिवार्य है। 

श्री विज ने कहा कि इस कार्य के लिए हार्डवेयर स्थापित करने, मानवशक्ति की भर्ती करने और उनके प्रशिक्षण सहित अन्य आधारभूत संरचना के सृजन के साथ सॉफ्टवेयर  तैयार करना होगा। प्रदेश के नागरिकों का डाटा संकलित करने के लिए मजबूत सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होगी। कम्पनी या एजेंसी या संस्थान ने पूर्व में ऐसा कार्य किया हो और अपनी अभिरूचि की अभिव्यक्ति के साथ उसका प्रमाण संलग्न करना होगा अन्यथा उन पर विचार नहीं किया जाएगा। 

Friday, November 11, 2016

दो दिन पहले पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार पर किया था सर्जिकल स्ट्रोक, खट्टर

दो दिन पहले पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार पर किया था सर्जिकल स्ट्रोक, खट्टर

Haryana CM In Ateli
अटेली, 11 नवंबर। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि समाज की भलाई के लिए राजनीति व धर्म को मिलकर काम करना होगा। मनुष्य निर्माण के लिए यह बहुत जरूरी है। समाज में यह धारणा बन गई है कि धर्म और राजनीति को अलग रखना चाहिए लेकिन समाज मेें संपूर्ण सुचिता लाने के लिए इन्हें एक साथ आना ही होगा। मुख्यमंत्री आज अटेली मंडी में श्री स्वामी जगन्नाथ चैरीटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित गुरुजन स्मृति समारोह में मुख्यातिथि के तौर पर बोल रहे थे। 


उन्होंने कहा कि समाज से भ्रष्टाचार के उन्मूलन के लिए प्रधानमंत्री ने दो दिन पहले एक सर्जिकल स्ट्राइक की बजाए सर्जिकल स्ट्रोक किया है। इससे उन लोगों को नींद नहीं आई होगी जो गलत कामों के माध्यम से अपनी तिजोरी भरने में लगे हुए थे। इस स्ट्रोक के बाद आम जनता के मुंह पर खुशी छाई है। 

मुख्यमंत्री ने इससे पहले गांव सुजापुर में 447.98 लाख की लागत से तैयार होने वाले आईटीआई भवन, अटेली-बहरोड़ रोड पर लगभग 25 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले रेलवे ओवर ब्रिज तथा गांव सेहलंग में 27 लाख की लागत से बनने वाले सामुदायिक केंद्र का शिलान्यास किया। 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अटेली हलके को करोड़ों रुपए की सौगात दी। आज सीएम ने राजकीय कालेज में लगभग 4.5 करोड़ की लागत का ऑडिटोरियम, अनाज मंडी में 60 लाख की लागत से किसान भवन, फतनी में मल्टी स्किल सेंटर, पृथ्वीपुरा से कांटी तक का रास्ते पर पक्की सड़क बनाने, इसी गांव में पंचायत भवन व आंगनबाड़ी केंद्र तथा स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन की घोषणा की। इसके अलावा 60 गांवों में नहर आधारित 
इस मौके पर जगन्नाथ चैरीटेबल ट्रस्ट के संरक्षक जगतगुरू हंसादेवाचार्य, स्वर्णानंद सरस्वती, स्वामी धर्मदेव महामंडलेश्वर, महाराज जर्नाधन, पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर सिंह, हरियाणा विस उपाध्यक्ष संतोष यादव, सांसद धर्मवीर सिंह, विधायक डा. अभय सिंह, विधायक ओमप्रकाश यादव, विधायक सुभाष सुधा, विधायक विक्रम सिंह यादव, चेयरमैन हरियाणा एग्रो इंडस्ट्री गोबिंद भारद्वाज, बीजेपी जिला अध्यक्ष शिव कुमार मेहता, मनीष मित्तल, पूर्व जिला अध्यक्ष कंवर सिंह, अजीत सिंह व सत्यवर्त शास्त्री के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
नोटबंदी से बहुत खुश हैं देश के गरीब एवं ईमानदार लोग, खट्टर

नोटबंदी से बहुत खुश हैं देश के गरीब एवं ईमानदार लोग, खट्टर


चंडीगढ़ , 11 नवंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि देश में बदलाव की ब्यार बह रही हैं और पिछले तीन दिनों से देश के गरीब व ईमानदार लोगों के चेहरों पर मुस्कान आई और वहीं कुछ लोगों के चेहरों पर चिंता व मायुसी छाई हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह सब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उठाए गए मजबूत कदमों के माध्यम से हो रहा है, जिन्होंने 500 और 1000 रुपए के करंसी के नोटों को बंद करने का निर्णय लिया है। 

 मुख्यमंत्री ने यह बात आज गुरुग्राम में राष्ट्रपति द्वारा प्रदेश के गोद लिए गए चार गांवों में विभिन्न सुविधाओं के उदघाटन व शुभारंभ करने के दौरान मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए कही। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े करंसी नोट बंद करने के निर्णय से गरीब के चेहरे पर मुुस्कान आई है और इससे काला बाजारी पर रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया यह निर्णय सराहनीय हैं। 

गत दिवस सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सतलुज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) पर दिए गया निर्णय हरियाणा के पक्ष के बाद राज्य सरकार द्वारा विशेष सत्र बुलाने के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोगों को सर्वाेच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना चाहिए और वे इसका स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि  यह निर्णय हरियाणा के पक्ष में आया है और इस संबंध में पहले ही एक सत्र बुलाया जा चुका है, फिलहाल अभी कोई भी विधानसभा का विशेष सत्र नहीं बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर आगे की कार्यवाही सर्वोच्च न्यायालय, राष्ट्रपति और केन्द्र सरकार ने करनी है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसवाईएल का पानी दक्षिण हरियाणा की प्यास बुझाएगा और एसवाईएल के पानी से यहां के लेागों को पीने के पानी के साथ-साथ सिंचाई के लिए भी पानी मिलेगा। 

Wednesday, November 9, 2016

नोट सर्जिकल स्ट्राइक: हरियाणा में सभी पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

नोट सर्जिकल स्ट्राइक: हरियाणा में सभी पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

चंडीगढ़, 9 नवम्बर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने तुरंत प्रभाव से प्रदेश के  सभी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करने के आदेश दिए हैं और सभी गृहरक्षियों को भी डयूटी पर बुलाया जाएगा ताकि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। 
मुख्यमंत्री, जो आज दिल्ली से चंडीगढ़ सडक़ मार्ग से आ रहे थे, ने भी करनाल टोल प्लाजा पर भारी यातायात जाम को खुलवाने में स्वयं अपना योगदान भी दिया। 

चंडीगढ़, 9 नवम्बर- हरियाणा सरकार ने आज तुरंत प्रभाव से दो एचसीएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किये हैं। 
शहरी स्थानीय विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) तथा विशेष सचिव मोनिका मलिक को अपने वर्तमान कार्यभार के अलावा अतिरिक्त श्रम आयुक्त, हरियाणा तथा अतिरिक्त निदेशक, ईएसआई लगाया है। 
    इसके अलावा, एचएसएएमबी, गुरुग्राम के क्षेत्रीय प्रशासक अशोक कुमार गर्ग को अपने वर्तमान कार्यभार के अलावा गुरुग्राम विकास प्राधिकरण के विशेष कार्यकारी अधिकारी के साथ सलंग्न किया है। 

Thursday, November 3, 2016

खट्टर ने दिया हरियाणा के कर्मचारियों को बड़ा तोहफा

खट्टर ने दिया हरियाणा के कर्मचारियों को बड़ा तोहफा

Good-news-for-haryana
चण्डीगढ, 3 नवम्बर- हरियाणा सरकार ने प्रदेश के स्वर्ण जयंती वर्ष में अपने कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। भविष्य में राज्य सरकार के कर्मचारियों को गृह निर्माण, वाहन, विवाह इत्यादि विभिन्न प्रकार के ऋण पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से उपलब्ध करवाये जाएंगे। 
हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की उपस्थिति में आज इस संबंध में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी. राघवेन्द्रा राव तथा बैंक के कार्यकारी निदेशक श्री संजीव शरण ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।

इस अवसर पर वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के निर्देश पर राज्य के स्वर्ण जयंती वर्ष में हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जो अपने कर्मचारियों को बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवायेगा। उन्होंने कहा कि अब हरियाणा के कर्मचारी अपने डीडीओ के माध्यम से तुरन्त प्रभाव से आवेदन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि 15 दिन के अंदर इसकी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिये गये हैं। इससे कर्मचारी अपनी निर्धारित ऋण-सीमा से अधिक ऋण लेने के पात्र होंगे और उन्हें पात्रता के लिए विशेषाधिकार कोटा प्रक्रिया तथा आंशिक ऋण स्वीकृति से छूट मिल जायेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया से सरकारी कर्मचारियों को सरकार की वर्तमान ब्याज दर 8 प्रतिशत पर ही ऋण प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा कर्मचारियों को ऋण प्रदान करने के लिए जो बजट राशि आबंटित की जाती रही है, वह राशि भविष्य में प्रदेश के विकास के लिए प्रयोग की जा सकेगी। इससे राज्य के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि बैंक के माध्यम से कर्मचारियों को दक्ष, किफायती, आसान, जल्दी और प्रभावी तरीके से ऋण मिलेगा। 
पंजाब नेशनल बैंक के कार्यकारी निदेशक श्री संजीव शरण ने बताया कि हरियाणा में पंजाब नेशनल बैंक सबसे बड़ा राष्ट्रीयकृत बैंक है। राज्य के सभी जिलों में इसकी 509 शाखाएं चल रही हैं। उन्होंने बताया कि ऋण सम्बन्धी कार्यों के लिए बैंक द्वारा सैक्टर 14, पंचकूला में मुख्य प्रबंधक स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी की जिम्मेवारी सौंपी गई है, जो सभी आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करेंगे। बैंक की आई.टी.शाखा व प्रदेश सरकार द्वारा ऋण आवेदनों के योजनाबद्ध निपटान के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि पंचकूला शाखा के अलावा चण्डीगढ़ सहित प्रदेश के जिला व ब्लॉक स्तर पर कार्यरत 150 शाखाएं इस कार्य के लिए अपनी सेवाएं प्रदान करेंगी।
गुड़गांव, इंडिया गेट ही नहीं विदेशों में भी होंगे स्वर्ण जयन्ती कार्यक्रम, खट्टर

गुड़गांव, इंडिया गेट ही नहीं विदेशों में भी होंगे स्वर्ण जयन्ती कार्यक्रम, खट्टर

Manohar Lal CM Haryana
चण्डीगढ, 3 नवंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि स्वर्ण जयंती वर्ष के दौरान 1700 करोड रूपए की राशि परियोजनाओं के  क्रियान्वयन के लिए रखी गई हैं, और आगे चलकर यह राशि 5000 करोड रूपए तक जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि यह राशि समारोह के लिए नहीं, बल्कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए हैं। 
मुख्यमंत्री ने यह जानकारी आज यहां पंचकूला में हरियाणा विधानसभा द्वारा आयोजित किए जा रहे हरियाणा के वर्तमान व पूर्व सांसदों व विधायकों के स्वर्ण जयंती सम्मेलन को संबोधित करते हुए दी। 

उन्होंने उपस्थित सभी संासदों व विधायकों को बताया कि अभी हाल ही में गुडगांव में आयोजित किए गए स्वर्ण जयंती उत्सव के उदघाटन समारोह में केवल 7 करोड रूपए का खर्च किया गया है न कि 1700 करोड रूपए का खर्च हुआ है। इस बावत मुख्यमंत्री ने गत 3 अक्तुबर को जारी की गई एक सरकारी प्रैस विज्ञप्ति का भी जिक्र किया जिसकी पहली पंक्ति में ही 1700 करोड रूपए की परियोजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में बताया गया था, जब उन्होंने यह देखा तो इस पर कहा कि यह राशि आगे बढकर 5000 करोड रूपए तक जा सकती है। उन्होंने कहा कि साल भर चलने वाले स्वर्ण जयंती कार्यक्रम गांव स्तर, खंड स्तर, जिला स्तर और मंडल स्तर पर आयोजित किए जाएंगें। उन्होंने कहा कि इसी कडी में दिल्ली के इंडिया गेट में पर भी स्वर्ण जयंती से जुडे कार्यक्रम आयोजित होंगें, वहीं देशभर के बडे शहरों के साथ-साथ विदेशों में भी यह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगें। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई अंतिम सूची नहीं हैं, बल्कि किसानों के उत्थान व विकास के लिए प्रोगेसिव किसान सम्मेलन, दिल्ली के इंडिया गेट पर दस दिन तक चलने वाले हरियाणा उत्सव, गैर सरकारी संस्थाओं के लिए सम्मेलन, महिला सम्मेलन, शहीदों के लिए सम्मेलन, हरियाणा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, जिसमें प्रदेश के प्रत्येक गांव में फिल्म दिखाई जाएगी, रागनी महोत्सव, पशु मेला, स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मेलन, जिला स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम सहित स्वर्ण जयंती के साल में 50 महान विभुतियों याद करते हुए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम वर्षभर चलेंगें। 

इस मौके पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री कंवर पाल, केन्द्रीय इस्पात मंत्री चौ. बीरेन्द सिंह, केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा विधानसभा की उपाध्यक्ष श्रीमती संतोष यादव, हरियाणा के शिक्षा एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री राम बिलास शर्मा सहित अन्य वर्तमान एवं पूर्व केन्द्र व राज्य सरकार के मंत्री, सांसद व विधायक भी उपस्थित थे। 

Tuesday, November 1, 2016

Haryana स्वर्ण जयंती वर्ष: CM खट्टर ने की ये बड़ी घोषणाएं

Haryana स्वर्ण जयंती वर्ष: CM खट्टर ने की ये बड़ी घोषणाएं

Haryana CM Manohar Lal
चंडीगढ़, 1 नवम्बर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर स्नातकोतर बेरोजगार युवाओं के लिए 9 हजार रुपये मासिक मानदेय के साथ सक्षम योजना, भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग, दिव्यांगों के लिए लाभपात्र की अपंगता 70 प्रतिशत घटा कर 60 प्रतिशत करने तथा उन्हें एक लाख विशेष उपकरण वितरित करने के लिए सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में आवश्यक शिविरों का आयोजन करवाने तथा सामाजिक सुरक्षा की विभिन्न पेंशने, जो 1 जनवरी, 2017 से 1600 रुपये मासिक निर्धारित थी को 1 नवंबर, 2016 से 1400 रुपये से बढ़ाकर 1600 रुपये करने की घोषणा की है।

ये घोषणा मुख्यमंत्री ने  हरियाणा स्वर्ण जयंती वर्ष के पूर्व संध्या पर  हरियाणा निवास में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए की। मुख्यमंत्री ने स्वर्ण जयंती वर्ष की बधाई देते हुए सभी मीडिया कर्मियों को गुरुग्राम में आयोजित प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में आने का निमंत्रण भी दिया।

उन्होंने कहा कि सक्षम योजना के तहत वर्तमान में लगभग 1100 स्नातकोतर रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है और 1 नवंबर, 2016 से नया पंजीकरण आरंभ किया जाना है और यह संख्या 30 हजार तक जा सकती है। इस प्रकार उन्हें 27 करोड़ रुपये मासिक का लाभ  दिया जा सकेगा। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों के लिए स्वर्ण जयंती मेडल तथा होमगार्ड का दैनिक भत्ता 300 रुपये से बढ़ाकर पुलिस सिपाही के बराबर 572 रुपये प्रतिदिन करने की घोषणा भी की। इससे लगभग 14025 होमगार्डस को 50 करोड़ रुपये वार्षिक का लाभ होगा।
हरियाणा को भूतपूर्व व सेवारत सैनिकों का प्रदेश बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सेनाओं में हर दसवां सिपाही हरियाणा से है इसलिए सरकार ने इनके कल्याण के लिए स्वर्ण जयंती वर्ष से अलग से भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग घटित करने का निर्णय लिया है। राज्य सैनिक बोर्ड का अस्तित्व पहले की तरह बना रहेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे सैनिक, उनकी विधवाएं या अपाहिज सैनिक जिनको पेशन की जगह केवल वित्तीय सहायता दी जाती है उनकी राशि भी 1500-2000 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा हरियाणा के भारतीय राष्ट्रीय मिलिट्री कॉलेज देहरादून में पढ़ रहे बच्चों को दी जाने वाली 35 हजार रुपये की वार्षिक सहायता को बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार बेसहारा बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक दी जाने वाली मासिक सहायता 500 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये करने तथा स्कूल न जाने वाले दिव्यांग बच्चों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता 700 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने की निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी 1 नवंबर को स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर हरियाणा के लिए अलग से कुछ घोषणाएं कर सकते हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर ग्रामीण चौकीदारों की संख्या में 10 प्रतिशत वृद्धि करने के साथ-साथ उनका मासिक मान दें 8100 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इससे सरकारी खजाने पर 25 करोड़ रुपये वार्षिक का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। इसी प्रकार ग्रामीण चौकीदारों को बैटरी के साथ-साथ साइकिल व छतरी भी प्रदान करने का निर्णय लिया है। विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 1 नवंबर, 2016 से इसे 1400 से  बढ़ाकर 1600 रुपये मासिक करने से वर्तमान में लगभग 22 लाख लाभपात्रों को 88 करोड़ रुपये का लाभ होगा।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि लगभग 400 करोड़ रुपये की पलवल जिले में स्थापित किए जा रहे विश्वकर्मा हरियाणा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति की गई है और श्री राज नेहरू जो कौशल विकास पाठ्यक्रमों के विशेषज्ञ के रूप में जाने जाते हैं, को नया कुलपति बनाया गया। इसी प्रकार गुरुग्राम विकास प्राधिकरण भी 1 नवंबर से अस्तित्व में आ जाएगा और इसके लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के हरियाणा कैडर के अधिकारी वी उमा शंकर को इसका ओ एस डी लगाया गया है। जीडीए के लिए आम जनता के सुझाव मांगने के लिए ड्राफ्ट अधिसूचना जारी की जाएगी।
स्वर्ण जयंती समारोह में अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री के आमंत्रित किए जाने के संबंध में पूछे गए प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि निमंत्रण सभी राज्यों को भेजे गए हैं परन्तु संयोग से पंजाब, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ का दिवस भी 1 नवंबर को पड़ रहा है। जहां पर राज्य अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रम मनाएंगे। कई केन्द्रीय मंत्री को समारोह में भाग लेने की संभावना है।
सतुलज यमुना लिंक नहर तथा राजधानी चंडीगढ़ के संबंध में पूछे गए प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि यह मुद्दा लंबे समय से चला आ रहा है। पंजाब-हरियाणा जब अलग हुए थे तो इसे मैत्रीपूर्ण ढंग से आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता था। अब इसे जनभावनाओं से जोडक़र जटिल बना दिया गया है। न्यायालाय के निर्णय से या केन्द्र सरकार व दोनों राज्यों की सहमति से ही इसका समाधान संभव है। चण्डीगढ़ आज भी हरियाणा की राजधानी है। 
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के वर्षों के कार्यकाल के दौरान दक्षिण हरियाणा में ऐसी-ऐसी टेलों पर नहरी पानी पहुंचाया गया है जहां पांच दशक तक नहीं पहुंचा था।  सरकार ने नहरी प्रणाली के जीर्णोद्घार की 2000 करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजना तैयार की है।  इसके अतिरिक्त, लखवार, रेणुका तथा किसाऊ जैसे अन्य राज्यों में स्थित राष्टï्रीय जल परियोजनाओं से हरियाणा को पानी मिले इसके लिए केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री सुश्री उमा भारती सरकार से भी बातचीत की गई है।

7वें वेतन आयोग के चलते कर्मचारियों को दी जाने वाली देनदारियां व स्वर्ण जयंती समारोह के आयोजन के कारण सरकारी खजाने पर पडऩे वाले अतिरिक्त वित्तीय भार  को कम करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने के सम्बन्ध में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सम्भावित राजस्व  नुकसान  पर अंकुश लगाने की दिशा में पहले ही कदम उठाए है । उन्होंने झज्जर बस अड्डïे का उदाहरण देते हुए कहा कि इस बस अड्डïे के निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट था, जबकि सरकार द्वारा उठाए गए पारदशी कदमों के चलते इसका निर्माण कार्य 32.50 करोड़ रुपये में पूर्ण हो गया। उन्होंने कहा कि ऐसे बहुत से उदहारण है जहां सरकार की कार्यप्रणाली के चलते राजस्व संग्रहण में वृद्घि हुई है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के चलते धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपकरणों, विशेषकर बिजली निगमों को घाटे से उबारने के लिए उदय नाम से योजना क्रियान्वित  की गई है। 
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार के कार्यकाल का तीसरा वर्ष है जो अति महत्वपूर्ण है । सरकार ने पहले दो वर्षों में कार्य प्रणाली को समझा, योजनाएं तैयार की गई, अब इन्हें क्रियान्वित किया जाएगा। अपनी चुनावी घोषणा पत्र में किए गए एक तिहाई से ज्यादा वायदों को पूरा किया जा चुका है और सरकार किए गए अपने हर वायद को पूरा करने में कटीबद्घ है। 

  इस अवसर पर वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी, श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मुख्य सचिव श्री डी.एस.ढेसी., मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक समीर पाल सरो के अलावा विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव व प्रधान सचिव भी उपस्थित थे।

Friday, October 28, 2016

21वीं शताब्दी भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण, राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी

21वीं शताब्दी भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण, राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी

Kaptan Singh Solanki Haryana

फरीदाबाद, 28 अक्टूबर। समस्त विश्व आज भारत को प्रत्येक क्षेत्र में संभावना की दृष्टि से देख रहा है। इसलिए 21वीं शताब्दी भारत वर्ष के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह विचार प्रदेश के महामहिम राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने सैक्टर-21 बी स्थित जीवा संस्थान में धन्वंतरी जयंती को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाए जाने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहे। 

महामहिम राज्यपाल ने कहा कि आज शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र बचा हो जिसमें भारत वर्ष ने विश्व के मानचित्र पर अपनी अनूठी छाप न छोड़ी हो। ऐसे में धन्वंतरि जयंती को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाए जाना स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई दिशाओं ओर पहलुओं को जन्म देता है। इस क्रम में आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार से एक बार फिर से विश्व के मानचित्र पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत वर्ष नए आयाम स्थापित करने में सफल हो पा रहा है। प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि आयुर्वेद मनुष्य को प्राकृति से जोडक़र अध्यात्मकी ओर अग्रसर कर जीवन के मूल उद्देश्य को पूरा करने में सहायक है। इस बात की अहमियता को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार के आयुष विभाग ने आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी को मिलाकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्मदिन दिया है और निकट भविष्य में इसके जनहित में अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आएगें। 

प्रदेश सरकार द्वारा आयुष विभाग के अस्पतालों व औषाधलायों के माध्यम से अच्छे खान-पान व रहन-सहन के प्रति जागरूक किया जा रहा है, साथ ही स्वस्थ्य जीवनशैली अपनाने, रोगियों की मुफ्त जांच, स्वास्थ्य मेले, पंचकर्म जैसी विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं के बारे में भी जानकारी देकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। 
इस मौके पर जीवा आयुर्वेद संस्थान द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में लम्बे समय से किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए महामहिम राज्यपाल ने कहा कि जीवा आयुर्वेद संस्थान के प्रयास अन्य संस्थानों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रेरणा स्त्रोत है।

इस अवसर पर जीवा के चेयरमैन ऋषिपाल चौहान व प्रताप सिंह चौहान ने महामहिम राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया। महामहिम राज्यपाल द्वारा इस अवसर पर आयुर्वेद के क्षेत्र में विशेष योगदान दे रहे विद्धानों व चिकित्सकों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश की मुख्य संसदीय सचिव श्रीमती सीमा त्रिखा, विधायक टेकचंद शर्मा, भाजपा के प्रदेश मीडिय़ा प्रभारी सूरजपाल अम्मू, एच.एस. राणा,  डा. एस.के. ब्रह्मचारी, डा. वी.के.गुप्ता, सपना भार्गव, दिनेश त्यागी, ए.जया कुमार, डा. सत्यनारायण, प्रो. मैथ्यू आर दस्ती, एडविन एफ ब्रियान्ट, सुश्री जया देवी, डा. नरेश शर्मा, ज्योति संग, पुलिस आयुक्त डा. हनीफ कुरैशी, जिला उपायुक्त चन्द्रशेखर सहित अनेकों गणमान्य व्यक्ति व अधिकारी मौजूद थे।

Thursday, October 27, 2016

भाजपा की दो साल की उपलब्धियां, उद्योग मंत्री विपुल गोयल की ज़ुबानी

भाजपा की दो साल की उपलब्धियां, उद्योग मंत्री विपुल गोयल की ज़ुबानी

Haryana Minister Vipul Goel News
फरीदाबाद- सेक्टर-15 ए के जिमखाना क्लब में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग मंत्री विपुल गोयलने दी दिवाली की बधाई और भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर भाजपा सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया.......

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कर दी गई
जनवरी 2016 से लागू होगी सिफारिश
पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन हमारी प्राथमिकता
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
सीएम विंडो के जरिए शिकायतों का निपटारा
म्हारा गांव, जगमग गांव – लाइन लॉस कम से कम किया जा सके।
हरियाणा एक, हरियाणवी एक
स्वच्छ भारत, स्वच्छ हरियाणा
खुले में शौचमुक्त हरियाणा
मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को पंचकूला और सिरसा ग्रामीण को खुले में शौचमुक्त जिला घोषित करने की उपलब्धि हासिल की-
फरीदाबाद के 85 गांव में सफलता मिली
करनाल जिला 31 दिसंबर तक खुले में शौच मुक्त हो जाएगा
8 जिलों यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, फतेहाबाद, गुड़गांव, फरीदाबाद व हिसार को खुले में शौचमुक्त घोषित करने का लक्षय निर्धारित किया गया है

इस बार चिकनगुनिया और डेंगू की वजह से प्रदेश में एक भी मौत नहीं
डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 65 साल कर दी गई है, प्रशासनिक पदों पर 58 है

बुढापा पेंशन 1600 रुपए हो गई है। बीपीएल वालों की नई सूची पर काम जारी
सरस्वती नदी का उद्गम
पाठ्यक्रम में गीता
गोवंश की रक्षा के लिए कानून
ऑनलाइन जमाबंदी
ग्राम सचिवालय का निर्माण
गांवों में स्टेडियम और व्यायामशालाएं
पिछड़े जिलों में शामिल मेवात के लिए 88 घोषणाएं हुई हैं। सड़क निर्माण का काम तेज रफ्तार से चल रहा है। नई आईटीआई हो या पीने के पानी की किल्लत, या फिर शिक्षा में सुधार का काम, सब पर काम हो रहा है।
स्पोर्ट्स कोटा से अप्वॉइंटमेंट के लिए कमेटी का गठन किया गया है
हर घर हरियाली
हर घर हरियाली योजना के तहत हर घर को हरा भरा बनाने के लिए कलमी फलदार पौधों का रोपण
गिद्ध संरक्षण एवं संरक्षण केंद्र, पिंजौर से गिद्धों को पहली बार उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया
चालू वित्त वर्ष में दो करोड़ 7 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य, अब तक  1 करोड़ 77 लाख लगाए गये
मोरनी में हर्बल फोरेस्ट नामक औषधीय उद्यान बनाने की प्रक्रिया शुरू
स्थानीय लोगों को वन एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान से जोड़ने के लिए राज्य में 2200 स्वयं सहायता समूहों एवं 2487 ग्राम वन समितियों का गठन
पीपली के चिड़ियाघर का आधुनिकीकरण पूरा हो गया है
रोहतक चिड़ियाघर का आधुनिकीकरण किया जा रहा है
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प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में अग्रणी
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हरियाणा की रैंकिंग चौदह से चार पर पहुंची
2016-17 में प्रदेश के लिए कुल बजट 88 हजार 781 करोड़, 96 लाख का प्रावधान किया गया
2015-16 के अनुमानों के8.2 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित
2015-16 में प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 65 हजार 204 रुपये का अनुमान,
2014-15 में 1 लाख 50 हजार 260 रुपए थी
प्रदेश की अर्थव्यवस्था का वास्तविक आकलन करने के लिए श्वेत पत्र जारी किया गया



श्रमिकों का सर्वांगीण विकास एवं उत्थान
अकुशल श्रमिकों को 7 हजार 976 रुपए और उच्च कुशल श्रमिकों
10 हजार 180 रुपए वेतन

कुशल श्रमिकों (ए कटेगरी) को - 9 हजार 233 रुपए
और
कुशल श्रमिकों (बी कटेगरी) को 9 हजार 695 रुपए का प्रतिमाह वेतन

देश को नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री हमेशा मिलना चाहिए,  मुनिश्री तरूण सागर

देश को नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री हमेशा मिलना चाहिए, मुनिश्री तरूण सागर

Tarun Muni Sagar  Reached Haryana CM House

चण्डीगढ़  27 October 2016,   हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के आवास पर कल  संत मुनिश्री तरूण सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन दिए और मुख्यमंत्री तथा मंत्रिमंडल के सदस्यों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों को भी अपना आशीर्वाद दिया। 
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि  उनका सौभाग्य है कि संत मुनिश्री तरूण सागर जी महाराज उनके आवास पर पधारे हैं, जिन्होंने जीवन को अलोकिक करने में भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आज वर्तमान राज्य सरकार को दो वर्ष हो गए हैं और इस अवसर पर संत जी का उनको आर्शीवाद मिलेगा। उन्होंने अपनी व सरकार तथा प्रदेश की जनता की ओर से संत मुनिश्री तरूण सागर जी महाराज का अभिनंदन किया तथा अपेक्षा की कि आगे भी उनका इसी प्रकार मार्गदर्शन मिलता रहेगा। 

    इस मौके पर शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा ने कहा कि आज का दिन परम सौभाग्य का दिन हैं, जिसमें राष्ट्र संत मुनिश्री तरूण सागर जी महाराज आज मुख्यमंत्री के आवास पर आर्शीवाद देने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से वाजपेयी जी के लिए 13 का अंक शुभ था, उसी प्रकार 26 का अंक भी शुभ है। उन्होंने कहा कि 26 अगस्त को संत मुनिश्री तरूण सागर जी महाराज के विधानसभा में हुए कड़वे प्रवचनों की धूम पूरी दुनिया में मची थी और उसके बाद एक विवाद हुआ जिसमें इन्होंने प्रतिक्रिया देने वाले को झमा दान दिया। उन्होंने कहा कि संत की परम्परा यही रही है। 

    इसके पश्चात संत मुनिश्री तरूण सागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि नगर में संत का आना भाग्य, संत का अपने घर आना अभाग्य, संतों को याद करना सौभाग्य, संत हमें याद करें महाभाग्य है। उन्होंने कहा कि संत भेष में नेता तो देखें परंतु नेता भेष (मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल)में संत उन्होंने पहली बार देखा है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा शासक देश और प्रदेश को मिलता है तो देश तरक्की करता है। उन्होंने कहा कि अच्छा नेता वहीं है जो इतिहास में लिखा जाता है। संत मुनिश्री तरूण सागर जी महाराज ने कहा कि उन्होंने देखा है कि मुख्यमंत्री ने जो कहा है वहीं किया और करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि देश को प्रधानमंत्री श्री मोदी जैसा मिलना चाहिए जो ईमानदार, दृढ़ साहसी और विश्वास से भरा हो। 

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री व अन्य मंत्रियों सहित गणमान्यों ने संत मुनिश्री तरूण सागर जी महाराज का भव्य स्वागत किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल व शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा को चर्तुमास समिति के पदाधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

    इस मौके पर लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह, परिवहन मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री नायब सिंह सैनी, मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री सुभाष बराला, विधायक श्री ज्ञानचंद गुप्ता और श्रीमती लतिका, मुख्य सचिव श्री डी.एस. ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार श्री जगदीश चौपड़ा, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री नीरज दफ्तुवार, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री अमित आर्य, राजनीतिक सचिव श्री दीपक मंगला सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 

Wednesday, October 26, 2016

 दो साल मैंने खूब विकास करवाया, तीसरे साल खूब रोजगार दूंगा, खट्टर

दो साल मैंने खूब विकास करवाया, तीसरे साल खूब रोजगार दूंगा, खट्टर

चण्डीगढ़, 26 अक्तूबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा है, परंतु हरियाणा में विपक्ष के आरोपों में कोई दम नहीं है। सरकार अपने चुनावी घोषणा पत्र के हर वायदे को पूरा करने के लिए कटिवद्ध है। ये वायदे पांच वर्षों के लिए किए जाते हैं और हमने दो वर्षों में योजना व विकास पर फोक्स किया है, तीसरा वर्ष सरकार का रोजगार का वर्ष होगा।
मुख्यमंत्री आज अपनी सरकार के दो वर्ष पूरे होने तथा हरियाणा मंत्रिमण्डल की आज यहां उनकी अध्यक्षता में हुई बैठक के उपरांत एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।    
पिछले दो वर्षों के कार्यकाल में विपक्ष के हर आरोप का जवाब दिया है और इसका समाधान किया। पिछले वर्ष धान खरीद में विपक्ष ने धान की 1509 किस्म में धांधली का आरोप लगाया था, परंतु सरकार ने विधानसभा सत्र में सभी तथ्य रखकर विपक्ष का मुंह बंद किया। अबकी बार धान खरीद में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 22 प्रतिशत तक की अनुमति दी गई है। किसान, आढती व मिलर के बीच नमी के मुद्दे को लेकर हमेशा से ही सहमति होती रही है। 

    दो वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों के सम्बन्ध में पूछे गये एक प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से राष्ट्रपति संदर्भ के लिए सर्वोच्च न्यायालय में सुनाई के लिए लम्बित सतलुज-यमुना लिंक नहर के मुद्दे की सर्वोच्च न्यायालय में नियमित सुनवाई करवाई और अंतिम फैसला न्यायालय ने रिजर्व रखा है और उन्हें आशा है कि एसवाईएल का फैसला हरियाणा के हित में ही आएगा। 

विपक्ष द्वारा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने के एक अन्य प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों का ठीक से अध्ययन नहीं किया है। यह एक लम्बी रिपोर्ट है। फसल बीमा योजना लागू करना व किसानों को फसल खराबे पर कम से कम 10,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा निर्धारित करना स्वामीनाथन रिपार्ट में शामिल था, परंतु सरकार ने इससे भी बढक़र 12,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा निर्धारित किया है। 
एक प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य होगा, जिसने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की पहल की है। इसी प्रकार, पुलिसकर्मियों के लिए साप्ताहिक अवकाश देने की व्यवस्था करने वाला भी हरियाणा देश मेें पहला राज्य है।

इसी प्रकार, सरकारी नौकरियों में भाई-भतीजावाद व क्षेत्रवाद को समाप्त किया, किसान हितैषी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, ऑनलाइन अध्यापक स्थानान्तरण नीति, खनन के ठेकों की ई-नीलामी, व्यापारियों के लिए ई-रिफंड, मंूग व बाजरे की पहली बार सरकारी मूल्यों पर खरीद, कुण्डली-मानेसर पलवल एक्सपै्रस-वे का कार्य शुरू, चरखी दादरी को प्रदेश का 22वां जिला बनाना तथा जिला प्रशासन मेें विकेन्द्रीयकरण के लिए 10 नये उप-मण्डल, 10 नई तहसील, 3 नई उप-तहसील तथा 14 नये ब्लॉकों का निर्माण करवाना तथा स्नातकोतर युवाओं के लिए 100 घण्टे के काम के बदले 9000 रुपये मासिक मानदेय की व्यवस्था करना उनकी सरकार की मुख्य उपलब्धियां हैं। उन्होंने कहा कि दो वर्षों के दौरान मंत्रिमण्डल तथा विभागों का सही तालमेल व सामजस्य रहा है। 

पंजाब में आगामी वर्ष हो रहे विधानसभा चुनावों के सम्बन्ध में पूछे गये प्रश्र के उत्तर में उन्होंने कहा कि भाजपा-अकाली सरकार ने अच्छा कार्य किया है और वह फिर सत्ता में आ सकती है। 
LIVE: Haryana Cabinet Meeting: टोल फ्री हुईं पांच सड़कें, नहीं देना पड़ेगा टोल टैक्स

LIVE: Haryana Cabinet Meeting: टोल फ्री हुईं पांच सड़कें, नहीं देना पड़ेगा टोल टैक्स

चण्डीगढ़, 26 अक्तूबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में पांच टोल प्वाइंट्स को उनके वर्तमान समझौते के समाप्त होने पर बंद करने और अंतरराज्यीय सीमाओं के निकट तीन नए टोल प्वाइंट्स स्थापित करने  के लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृत प्रदान की गई।

    बंद किए जाने वाले पांच टोल प्वाइंट्स में गुरूग्राम-पटौदी सडक़(गुरूग्राम के पास किलोमीटर 10 पर) शामिल है जिसका टोल समझौता 12 दिसम्बर, 2017 को समाप्त हो जाएगा। इसीप्रकार, गुरूग्राम-फारूखनगर-झज्जर सडक़(गुरूग्राम के पास  किलोमीटर 7 पर) का टोल समझौता 27 अगस्त, 2017 को पूरा हो जाएगा। तीसरे टोल प्वाइंट नेवल-घीड़-गढ़ी बीरबल (किलोमीटर 1 और किलोमीटर 52 पर)का टोल समझौता 30 नवम्बर, 2016 को समाप्त हो जाएगा। पेहवा-लाडवा-सहारनपुर-हरिद्वार सडक़(कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र के तीसरे गेट से पेहवा किलोमीटर 98 तक के अनुभाग) का टोल समझौता 15 नवम्बर, 2016 को समाप्त हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, करनाल-रम्भा-इन्द्री-लाडवा सडक़ (किलोमीटर 27 पर) का टोल समझौता 17 अक्तूबर, 2016 को समाप्त हो चुका है लेकिन समझौता 15 नवम्बर, 2016 को समाप्त होगा क्योंकि इसके पास एक महीने का विस्तार समय है।

पलवल-जेवर-अलीगढ़ सडक़, जिला महेन्द्रगढ़ में अटेली से खेड़ी सडक़ और जिला महेन्द्रगढ़ में नारनौल-कोरियावास-रामबास सडक़ से राजस्थान सीमा तक सडक़ों की मरम्मत का कार्य पूरा होने के उपरांत तीन नए टोल प्वाइंट्स स्थापित किए जाएंगे।
Haryana Cabinet Meeting: एक जनवरी को बड़ा तोहफा देंगे खट्टर

Haryana Cabinet Meeting: एक जनवरी को बड़ा तोहफा देंगे खट्टर

Manohar Lal CM Haryana

चंडीगढ़: 26 October 2016:  हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज घोषणा की कि हरियाणा पहली जनवरी, 2016 से अपने कर्मचारियों को सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग(सीपीसी) के लाभ देने वाला देश का पहला राज्य होगा। केन्द्र सरकार के कर्मचारियों को भी इसी तिथि से यह लाभ मिला है।  
    मुख्यमंत्री, जो मंत्रिमंडल की बैठक के उपरांत एक प्रैस सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे, ने कहा कि राज्य सरकार ने मोटे तौर पर केन्द्र सरकार द्वारा 7वें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर अपने कर्मचारियों को दिए गए वेतन पैकेज की तर्ज पर ही अपने कर्मचारियों को संशोधित वेतन पैकेज के लाभ प्रदान करने का सैद्घांतिक निर्णय लिया है। 

    इससे पूर्व, मंत्रिमंडल ने 7वें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन के लिए कमेटी की रिपोर्ट पर विचार करके स्वीकृति प्रदान की। 
    उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर्स और डाटा एन्ट्री आप्रेटर्स जैसे अनुबंध कर्मचारियों तथा आउटसोर्सिंग नीति के तहत लगे अन्य कर्मचारियों को भी उसी अनुपात में लाभ मिलेगा जिस अनुपात में अन्य कर्मचारियों को सीपीसी का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विभाग इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर अपने प्रस्ताव भेजेंगे। इसके अतिरिक्त, पुलिस कर्मियों को अनुज्ञेय जोखिम भत्ता 31 मार्च, 2017 तक जारी रहेगा जबकि पहले यह वर्ष 2015 तक अनुज्ञेय था।  
    कमेटी को 200 से अधिक प्रतिवेदन प्राप्त हुए थे जिन पर रिपोर्ट तैयार करते समय विचार किया गया। 
    बैठक में यह पाया गया कि पांचवें केन्द्रीय वेतन आयोग तक लागू वेतनमान प्रणाली छठे केन्द्रीय वेतन आयोग में पे-बैंड और ग्रेड पे में परिवर्तित हो गई थी। सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग में पे मैट्रिक्स की एक नई प्रणाली शुरू की गई है।

ग्रुप क, ख, ग एवं घ के लगभग 2.5 लाख कर्मचारियों को एक जनवरी, 2016 के उनके मूल वेतन पर 32 प्रतिशत की वृद्घि मिलेगी। वर्तमान 32 ग्रेड पे के स्थान पर 21 पे लेवल निर्धारित किए गए हैं जिनमें से 14 लेवल भारत सरकार के पे लेवल जैसे हैं जबकि सात अलग हैं। पे मैट्रिक्स सरल, आसानी से समझ आने वाला और भारत सरकार के वेतन ढाचें के करीब है। ग्रुप क, ख एवं ग के लगभग दो लाख कर्मचारियों को भारत सरकार के पे मैट्रिक्स के समान पे लेवल मिलेगा। 

केवल 21 पे लेवल लागू किए जाने से काफी हद तक अंतरविभागीय विसंगतियों का निपटान होगा और साथ ही भारत सरकार की तर्ज पर वेतन देने की ग्रुप-ग के कर्मचारियों की मांग पूरी होगी।  
सभी वर्तमान कर्मचारियों के वेतन को 2.57 के फिटमेंट घटक के साथ गुणा करके समान रूप से निर्धारित किया जाएगा और प्राप्त आंकड़े को प्रासंगिक लेवल के उसी या अगले प्रकोष्ठï में रखा जाएगा। 
ग्रुप-घ के पदों को मुख्य कर्मचारी संघों की मांग तथा राज्य की प्रशाासनिक आवश्यकताओं के लिए बरकरार रखा गया है। गु्रप-घ के ग्रेड पे 1300 रुपये और 1400 रुपये का विलय 1650 रुपये के उच्च ग्रेड पे में किया गया है और उनका न्यूनतम वेतन 16900 रुपये होगा।
ग्रुप ग एवं घ के कर्मचारियों  के लिए सुनिश्चित आजीविका प्रगति(एसीपी) और अधिक आर्कषक होगी। उच्च एसीपी ढाचें के कारण लगभग एक लाख कर्मचारी (ग्रुप-ग के 40,000 गु्रप-घ के 60,000) लाभान्वित होंगे। 
मंत्रिमंडल ने हरियाणा सिविल सेवाएं(संशोधित वेतन) नियम, 2016 और हरियाणा  सिविल सेवाएं (सुनिश्चित आजीविका प्रगति) नियम, 2016 पर विचार करके उन्हें स्वीकृति प्रदान की। 
मंत्रिमंडल ने सरकार को रिपोर्ट में प्रस्तावित तर्ज पर वेतन संशोधन के कारण उत्पन्न बकायों की अदायगी के लिए आवश्यकतानुसार उचित दिशा-निर्देश जारी करने के लिए भी प्राधिकृत किया।
दो साल, मनोहर लाल, जाने क्या क्या हुआ कमाल

दो साल, मनोहर लाल, जाने क्या क्या हुआ कमाल

2 Years Of Haryana BJP Government
Chandigarh 26 October 2016: हरियाणा की भाजपा सरकार ने दो साल पूरे कर लिए हैं । इन दो सालों में सरकार ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं उनमे कुछ ख़ास नहीं दिख रहा है, दो साल मनोहर सरकार ने अब तक दो साल खटारा सरकार के रास्ते पर ही चला है । सरकार ने इन दो वर्षों में कई सारे ढोंग लिए,,हाल के दिनों तक सरकार शिक्षा ग्रहण करते ही नजर आई । सरकार की बड़ी उपलब्धियों में तीन चीजे शामिल हैं जिनमे स्कूलों में गीता का पाठ्यक्रम, गाय की रक्षा और सरस्वती नदी की खोज,,,फिलहाल हरियाणा की जनता इस सरकार ने खुश नहीं है । 

कांग्रेस में सर फुटौअल के कारण खट्टर सरकार का ग्राफ थोड़ा सा बढ़ा है । खट्टर सरकार मजबूत होना चाहती है इस दिशा में सभी प्रयास जारी हैं लेकिन प्रदेश का एक बड़ा वर्ग खट्टर सरकार से नाराज है उस वर्ग के कारण ही खट्टर सरकार कमजोर हुई है । उस वर्ग के लोग रात दिन मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं वो किसी भी पार्टी के हों | 

हरियाणा अब तक को अपने सबसे बारीकी सूत्रों से पता चला है कि  प्रदेश सरकार के एक दो मंत्री भी मुख्यमंत्री बनने का सपना रात दिन देख रहे हैं, जब कोई मनोहर लाल खट्टर को कमजोर मुख्यमंत्री बोलता है तो ऐसे लोग अंदर से कुटिल मुस्कान बिखेरते हैं । फरवरी में हरियाणा जला किसी एक की कमी नहीं थी सब कुछ कुर्सी के लिए हुआ लेकिन किसी कारणवश खट्टर की कुर्सी बच गई । अब भी कुर्सी हिलाने के प्रयास जारी हैं जो लोग  खट्टर के आस पास रहते हैं लेकिन मजबूरी वश उनकी कुर्सी छू नहीं सकते हैं उन्होंने खट्टर की कुर्सी हिलाने के लिए अपने चेलों चपाटों को लगा रक्खा है जो समय समय पर आग उगलते रहते हैं । इशारे समझ जाएँ,,,दो साल में हरियाणा में कुछ ख़ास ऐसा नहीं हुआ जिससे भाजपा लोगों के दिलों तक पहुंची हो सिर्फ ड्रामे और ढोंग हुए हैं,,,बिजली के रेट कई गुना तक बढाए गए हैं, शिक्षा के नाम पर प्रदेश के शिक्षा माफिया जनता को जमकर लूट रहे हैं, प्रदेश में अवैध खनन अवैध अतिक्रमण, गोलमाल सब जारी है । मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ईमानदारी पर कोई शक नहीं है लेकिन आस पास रहने वालों पर शक ही शक है??

Monday, October 24, 2016

अब उपमण्डल स्तर पर भी सीएम विंडो खुलवाएंगे खट्टर, पुलिस विभाग में भी होंगे सुशासन सहयोगी

अब उपमण्डल स्तर पर भी सीएम विंडो खुलवाएंगे खट्टर, पुलिस विभाग में भी होंगे सुशासन सहयोगी


चण्डीगढ़, 24 अक्तूबर - Haryana Ab Tak Report: हरियाणा के एसडीएम कार्यालयों में कदाचार पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी एसडीएम कार्यालयों में एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की जाएगी। इसके अलावा, उपमण्डल स्तर पर भी सीएम विंडो खोली जाएंगी।

इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा कल हरियाणा भवन, नई दिल्ली में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों (सीएमजीजीसीए) के साथ हुई बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में नियुक्त अपने सहयोगियों के साथ तीन घंटे से अधिक समय बिताया। उन्होंने सुशासन सहयोगियों द्वारा किए गये अध्ययन के साथ-साथ उनकी टिप्पणियों और सुझावों में भी गहरी रुचि ली।

अब तक सीएम विंडो जिला मुख्यालय पर खोली गई हैं और इन पर कुल 2.05 लाख शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 1.85 लाख शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है। सीएम विंडो लोगों की सुविधा के लिए इसलिए खोली गई थी ताकि वे अपनी शिकायतें सीधे ही मुख्यमंत्री को भेज सकें और इसके लिए उन्हें चंडीगढ़ न आना पड़े। 

    श्री मनोहर लाल ने कहा कि सुशासन सहयोगियों की टिप्पणियां सुशासन का आधार बन गई हैं, जिनका प्रभाव बाद में महसूस होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का उद्देश्य आमजन को परेशानी मुफ्त सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि हमें सेवाएं प्रदान करने के लिए ‘निहित स्वार्थ’ से अलग हटकर तरीके खोजने होंगे। इसके लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने की जरूरत है ताकि अच्छा कार्य करने वाले लोगों की संख्या बढ़ाई जा सके। 
एसडीएम कार्यालयों के बाद, अगला लक्ष्य क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीए) होंगे, जहां प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाएगा तथा उन्हेें और अधिक नागरिक हितैषी बनाने के लिए प्रक्रियाओं को फिर से संशोधित किया जाएगा।


बैठक में पाया गया कि अधिकतर उद्यमियों के लिए सांझा सेवा केन्द्र (सीएससी) अलाभकारी हैं क्योंकि किसी भी सेवा के लिए उद्यमी को दिया जाने वाला कमीशन अपर्याप्त है। परिणामस्वरूप, उद्यमियों को अपने जीविकोपार्जन के लिए कई कारोबार शुरू करने पड़ते हैं और वे सांझा सेवा केन्द्रों को कम समय दे पाते हैं या सिस्टम से बाहर जाकर अवैध कार्य करते हैं। तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण में भी कमी पाई गई। अलाभकारी राजस्व के बंटवारे और विभागों से सहायता की कमी के कारण भी फाइलों की मंजूरी के लिए अधिकारियों और उद्यमियों के बीच भ्रष्टाचार और मिलीभगत को बढावा मिलता है। इस मामले में मुख्यमंत्री के आदेश दिए हैं कि सेवाओं और उद्यमियों की राजस्व हिस्सेदारी का मूल्य निर्धारण वैज्ञानिक रूप से तय किया जाना चाहिए ताकि यह किसी भी उद्यमी के लिए व्यवहार्य हो सके। परियोजना की निगरानी और उद्यमियों को पेश आने वाले मुद्दों के समाधान के लिए प्रत्येक जिले में एडीसी के पद के नोडल अधिकारी की नियुक्त की जानी चाहिए। 

     आने वाले हफ्तों में, सुशासन सहयोगी पुलिस विभाग के साथ काम करेंगे और वे लंबित शिकायतों और एफआईआर की डेटायुक्त समीक्षा में पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों की सहायता करेंगे तथा पुलिस नियंत्रण कक्ष की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से इसकी प्रक्रिया का अध्ययन करेंगे।  इसके बाद, सुशासन सहयोगी पुलिस थानों में एफआइआर और नागरिक सेवा प्रदायगी प्रक्रिया का भी अध्ययन करेंगे।

इस अवसर, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री नीरज दफ्तुवार, मीडिया सलाहकार श्री अमित आर्य, एडीसी श्री रजनीश गर्ग और मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार श्री ध्रुव मजूमदार भी उपस्थित थे।

Friday, October 21, 2016

BREAKING: 9 IAS, 4 HCS officers transferred in Haryana

BREAKING: 9 IAS, 4 HCS officers transferred in Haryana


चण्डीगढ़ 21 अक्तूबर - हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 9 आईएएस अधिकारियोंं और चार एचसीएस अधिकारियों के स्थानान्तरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।
    श्रीमती रजनी सेखरी सिबल, अतिरिक्त मुख्य सचिव, पशुपालन एवं डेरी विभाग को अपने वर्तमान कार्यभार के अलावा हरियाणा मिनरल्स लि०, नई दिल्ली के चेयरमैन और प्रबन्ध निदेशक का कार्यभार भी सौंपा है। 
    श्री विरेन्द्र सिंह कुंडु, अतिरिक्त मुख्य सचिव, कृषि विभाग को हरियाणा पर्यटन विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव लगाया गया है। 

    श्रीमती सुमिता मिश्रा, प्रधान सचिव, हरियाणा आवास और सांस्कृतिक मामले विभाग को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा अभिलेखागार, पुरातत्व और संग्रहालय विभागों के प्रधान सचिव का कार्यभार सौंपा गया है।
    श्री अभिलक्ष लिखी, प्रधान सचिव, पर्यटन विभाग को कृषि विभाग का प्रधान सचिव निुयक्त किया गया है।
    श्री प्रदीप कासनी, महानिदेशक और सचिव, अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग को हरियाणा भूमि सुधार विकास निगम का प्रबन्ध निदेशक नियु    क्त किया गया है।
    श्री मोहम्मद शाइन, प्रबन्ध निदेशक, सहकारी चीनी मिल प्रसंघ लि० को उच्चतर शिक्षा विभाग का निदेशक व विशेष सचिव तथा एनएचईएबी स्कीम के तहत उच्चतर शिक्षा विभाग में राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद (पदेन) का राज्य परियोजना निदेशक लगाने के साथ-साथ सहकारी चीनी मिल प्रसंघ लि० का प्रबन्ध निदेशक लगाया गया है।

    श्री वजीर सिंह गोयत, निदेशक और विशेष सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य, प्रबन्ध निदेशक, अनुसूचित जाति विकास निगम, पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम तथा हरियाणा भूमि सुधार विकास निगम को अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग का निदेशक और विशेष सचिव तथा हरियाणा अनुसूचित जाति विकास निगम का प्रबन्ध निदेशक, पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम का प्रबन्ध निदेशक लगाया गया है।
    श्री विकास यादव, निदेशक  व विशेष सचिव, उच्चतर शिक्षा और एनएचईएबी स्कीम के तहत उच्चतर शिक्षा में राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद (पदेन) के राज्य परियोजना निदेशक को हरियाणा सहकारी समितियों का रजिस्ट्रार लगाया है।

    श्री अशोक सांगवान, रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, सलाहकार व विशेष सचिव, नागरिक उड्डयन विभाग को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग का निदेशक व विशेष सचिव लगाने के साथ-साथ नागरिक उड्डयन विभाग का सलाहकार और विशेष सचिव का कार्यभार भी सौंपा है।
    श्री राम सरूप वर्मा, विशेष सचिव, सिंचाई विभाग तथा प्रबन्ध निदेशक, एचएसएमआईटीसी को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा हुडा (मुख्यालय), पंचकूला के प्रशासक का कार्यभार भी सौंपा है। 
श्री कुलवंत कुमार कलसन, जोनल प्रशासक, एचएसएएमबी, हिसार को चक्कबंदी रोहतक का सहायक निदेशक नियुक्त किया है।
श्री मनीष कुमार लोहान, सम्पदा अधिकारी, हुडा, पंचकूला को हरियाणा लोक सेवा आयोग का उप-सचिव नियुक्त किया गया है।
श्री सतीश कुमार, उपमण्डल अधिकारी (नागरिक), टोहाना को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा, एचएसएएमबी, करनाल के जोनल प्रशासक का कार्यभार भी सौंपा है।