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Monday, May 29, 2017

BREAKING: हरियाणा आवास बोर्ड ने आवास नीति में बड़ा बदलाव किया

BREAKING: हरियाणा आवास बोर्ड ने आवास नीति में बड़ा बदलाव किया

चंडीगढ़, 29 मई- हरियाणा आवास बोर्ड ने विभिन्न नियमों और विनियमों में संशोधन करने, आवास बोर्ड के हाउसिंग स्टॉक के निपटारे, बीपीएल आबंटन और हरियाणा आवास बोर्ड की स्थानांतरण नीति में संशोधन करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय हरियाणा आवास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जवाहर यादव की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड सदस्यों की 209वीं बैठक में लिए गए। इस बैठक में हरियाणा आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री श्रीकांत वाल्गद, आवास बोर्ड के मुख्य प्रशासक श्री शेखर विद्यार्थी सहित बोर्ड के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

श्री जवाहर यादव ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि हरियाणा आवास बोर्ड (आवंटन प्रबंधन और आवास की बिक्री) विनियम 1972 के नियम 12 को संशोधित किया गया है यदि आवेदक बोर्ड द्वारा घर के प्रस्ताव की तिथि तक अपने आवेदन को वापिस लेने के मामले में 50 प्रतिशत (वर्तमान में यह 10 प्रतिशत) पंजीकरण के समय आवेदन के साथ जमा राशि को जब्त कर लिया जाएगा। बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया कि हरियाणा आवास बोर्ड (आवंटन प्रबंधन और आवास की बिक्री) विनियम 1972 की नियम 13 को भी संशोधित करने का निर्णय लिया गया है यदि आवेदक आवंटित पत्र प्राप्त होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर आवंटित आवास के कब्जे को लेने में विफल हो जाता है, और पंजीकरण के समय आवेदन के साथ जमा राशि का 90 प्रतिश्त (वर्तमान में यह 50 प्रतिशत है) बोर्ड द्वारा जब्त कर लिया जाएगा और बकाया राशि बिना ब्याज के वापिस कर दी जाएगी।
श्री जवाहर यादव ने बताया कि हरियाणा आवास बोर्ड के अनबिके आवासों के निपटारे के लिए भी निर्णय लिए गए हैं, जिसके अनुसार ईडब्लूएस / बीपीएल घरों को ईडब्ल्यूएस / बीपीएल परिवारों को दिए बिना आम जनता को नहीं दिया जा सकता। इसलिए ऐसे सभी घरों को उन श्रेणियों के लिए फिर से विज्ञापित किया जाएगा, जिनके लिए उन्हें शुरू में श्रेणीबद्ध किया गया था।  विज्ञापन में निर्दिष्ट किया जाना चाहिए, कि ये घर दूसरी बार प्रस्तुत किए जा रहे हैं और यदि पर्याप्त आवेदन प्राप्त नहीं होते हैं और घरों को फिर से आवंटित नहीं किया जाता है, तो उन्हें एलआईजी श्रेणी में आम जनता को प्रस्तुत किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इन घरों को किश्त योजना के तहत प्रस्तुत किया जाएगाअर्थात प्रारंभिक प्रारंभ मेंं आवेदन के साथ 10 प्रतिशत, 15 प्रतिशत ड्रा के बाद और 75 प्रतिशत शेष पांच वर्ष के लिए अर्ध वार्षिक किश्तों में आबंटित होगी। इन सभी घरों के लिए जून 2017 के पहले सप्ताह से पहले विज्ञापित किया जाएगा। इन घरों के निपटान के लिए शर्तों / नीतियों में छूट के लिए सरकार का अनुमोदन किया जाएगा। इन शर्तों को इन अनबिके व वापिस किए गए घरों के लिए लागू किया जाएगा और यह एक सामान्य नीति के रूप में शुरू की गई नई योजनाओं के लिए लागू नहीं होगी।
आवास बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि बोर्ड ने बीपीएल आबंटन के मुद्दे पर भी विचार किया, जिसमें आवेदक बीपीएल कार्ड धारक को योजना व पंजीकरण के समय में प्रवर्तन के दौरान रखा गया था, लेकिन जब तक फ्लैट्स का निर्माण किया गया, तब तक उसका नाम जिले के बीपीएल सूची से बाहर था। इसलिए यह निर्णय लिया गया कि ऐसे सभी मामलों में आवंटन के समय को नहीं बल्कि पंजीकरण की अंतिम तिथि पर पात्रता की जांच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बोर्ड ने स्थानांतरण नीति में संशोधन करने का भी निर्णय लिया जिसके अनुसार हरियाणा ग्राम एवं आयोजना विभाग की 8 जुलाई, 2013 की नीति के  मद्देनजर रखते हुए ईडब्ल्यूएस के फ्लैट व आवास इकाई के हस्तांतरण को पांच साल के आवंटन के बाद अनुमति दी जाएगी। इसलिए, आवंटन के लिए मौजूदा 13 से 5 साल के अंतरण के लिए हस्तांतरण की अवधि कम हो जाएगी। चूंकि, अन्य श्रेणियों जैसे एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी घरों के मामले में ऐसी कोई समय सीमा नहीं है, इसलिए, आवंटन के बाद ऐसे मामलों में आवास इकाई के हस्तांतरण की अनुमति दी जाएगी और हरियाणा आवास बोर्ड द्वारा संपूर्ण विचार राशि प्राप्त होने के बाद ही स्वीकृति प्रदान की जाएगी। यदि  आंबटी फ्लैट व आवास इकाई की पूरी राशि आवंटन पत्र जारी करने के तुरंत बाद जमा करवाता देता है तो फ्लैट को किसी दूसरे व्यक्ति को स्थानांतरित करने से उसे रोकने का कोई औचित्य नहीं है।
आवास बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि बीपीएल आवासों को 13 वर्ष की एचपीटीए अवधि पूरी करने के बाद भी हस्तांतरण करने पर पूर्ण प्रतिबंध है, इसलिए सरकार को बीपीएल घरों से संबंधित और अन्य आंबटियों के मामलों में बीपीएल घरों के हस्तांतरण से संबंधित शर्तों में छूट देने के लिए अनुरोध किया जा सकता है।

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री की चेतावनी, ड्यूटी न करनी हो तो स्तीफा दे दें छुट्टीखोर डाक्टर

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री की चेतावनी, ड्यूटी न करनी हो तो स्तीफा दे दें छुट्टीखोर डाक्टर

चंडीगढ़, 29 मई- हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि बिना अनुमति के लम्बे समय से छुट्टïी पर चल रहे चिकित्सक शीघ्र ड्यूटी ज्वाईन या रिजाइन (त्याग पत्र) करें ताकि अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं प्रभावित न हो।  श्री विज ने कहा कि जो डॉक्टर बिना इजाजत के लंबे समय से छुट्टी पर चल रहे हैं, उन्हें इनमें से किसी एक विकल्प का चयन करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे चिकित्सक नौकरी करना चाहते हैं तो उन्हें तुरन्त ज्वाइन करना चाहिए अन्यथा वे नौकरी से रिजाइन कर दें। ऐसा नही करने वाले चिकित्सकों के संबंध में विभाग कानूनी राय लेगा ताकि उन्हें बर्खास्त कर नई भर्ती की जा सके। इसके लिए अधिकारियों को ऐसे डॉक्टरों की पूरी जानकारी एकत्रित करने के आदेश दे दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए चिकित्सकों की कमी को दूर किया जा रहा है। इसके लिए विभाग ने हाल ही में 81 चिकित्सकों की पुन:नियुक्ति की है, जिनमें पूर्व डीजीएचएस, निदेशक तथा सीएमओ स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इससे अस्पतालों ने चिकित्सा सेवाएं सुचारु रूप से चलाने में सहायता मिलेगी। 

भारत को विश्वगुरु बनाएंगे देश के शिक्षित युवा, राजनाथ सिंह

भारत को विश्वगुरु बनाएंगे देश के शिक्षित युवा, राजनाथ सिंह

Home Minister Rajnath Singh
चंडीगढ़, 29 मई- केन्द्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने विद्यार्थियों से आहवान किया कि विश्वविद्यालयों से शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थी भारत को महान बनाने में अपना योगदान दें। इस युवा पीढ़ी के योगदान से भारत फिर से जगत गुरू बन सकेगा और दुनिया को शान्ति का संदेश देगा। श्री सिंह आज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित 30वें दीक्षान्त समारोह में बोल रहे थे। इससे पहले केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश चन्द्र शर्मा, कुलसचिव डॉ. प्रवीण कुमार सैनी भारत की पारम्परिक वेशभूषा से सुसज्जित होकर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा में शामिल हुए और इस दौरान गीता के श£ोकों के साथ मेहमानों का स्वागत हुआ। इसके उपरान्त दीपशिखा प्रज्ज्वलित कर दीक्षान्त समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान कुलपति प्रो. कैलाश चन्द्र शर्मा के अनुरोध पर राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने विधिवत् रूप से दीक्षान्त समारोह शुरू करने की घोषणा की है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा ने विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार तैत्तिरीय उपनिषद शिक्षावल्ली की शिक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को भावी जीवन के लिए अमूल्य शिक्षाएं दी।

इस दीक्षान्त समारोह में केन्द्रीय मंत्री ने विभिन्न विभागों के गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले 59 विद्यार्थियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया और राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने पीएचडी के 318 और एमफिल के 27 विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित की। इसके साथ ही कुलपति ने विभिन्न विभागों की एमए के विद्यार्थियों को डिग्रियां देने की विधिवत रूप से अनुमति प्रदान की। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री, राज्पाल, मुख्यमंत्री औैर शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया।
केन्द्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी और विश्वविद्यालय प्रशासन को ‘डाक्टरेट आफ साईंस’ की मानद उपाधि देने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र की पावन धरा को अतुल्य ज्ञान की धरती की संज्ञा दी गई है और इसी पावन धरा पर अर्जुन को कर्म करने का संदेश देने का काम किया। आज इस पावन धरा के कर्म करने के ज्ञान को युवा पीढ़ी को ग्रहण करना होगा। इस विश्वविद्यालय से डिग्री लेने के बाद जीवन का दूसरा चरण शुरू होगा। युवा पीढ़ी को शिक्षा प्राप्ति तक ही अपने ज्ञान को सीमित नहीं रखना होगा। इस ज्ञान और संस्कार से राष्ट्र और समाज के विकास में अपना योगदान देना होगा तभी इस शिक्षा के मायने सार्थक हो सकेंगे। उन्होंंने कहा कि दुनिया में भारत ही एक ऐसा देश है जो चरित्र निर्माण की शिक्षा देता है। इसलिए सदियों से दुनिया के कोने-कोने से संस्कार और चरित्र निर्माण की शिक्षा लेने के लिए लोग भारत की पावन धरा पर आ रहे हैं।
केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि मानव के जीवन में धन और दौलत छूट जाएं तो कोई गम नहंी करना चाहिए लेकिन चरित्र निर्माण के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करना चाहिए। भारत सांस्कृतिक दृष्टि से चीन पर बिना किसी सैनिक के बल पर 2000 वर्षो से राज कर रहा है। यह केवल देश की संस्कृति और संस्कारों के कारण ही संभव हो पाया है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की पारम्परिक संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं इसके लिए योग, आयुर्वेद, जैविक खेती जैसे विषयों पर बल देने का काम कर रहे हैं। दुनिया के विद्वान भी इसको मानते हैं कि जिस देश में गंगा बहती है उस देश से ज्ञान की प्राप्ति की जा सकती है और इसमें देश के ऋषियों और मुनियों का योगदान रहा है।
उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि देश की संस्कृति और परम्परा के अतीत को कभी भी भूलना नहीं चाहिए। इस देश का गौरवशाली इतिहास है और यह इतिहास हमेशा युवा पीढ़ी को आगे बढने की शक्ति प्रदान करता रहेगा। इतना ही नहीं युवा पीढ़ी का अपने जीवन के ज्ञान को संस्कारों के साथ और संस्कारों को चरित्र के साथ भी जोडना होगा। युवा पीढ़ी को अपने गुरूओं का हमेशा आदर-सत्कार भी करना होगा तभी भारत विकास की राह पर आगे बढ़ पाएगा।
हरियाणा के राज्पाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने डिग्रियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं और दीक्षान्त समारोह के सफल आयोजन पर विश्वविद्यालय प्रशासन को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को डिग्री देकर राष्ट्र और राज्य के विकास में योगदान देने का जो संदेश दिया है उस संदेश को हमेशा अपने जेहन में रखना है। इसी तरह केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री मनोहर लाल को विश्वविद्यालय की तरफ से जो मानद उपाधि दी गई है यह उपाधि भी उनके जीवन को ओर आगे लेकर जाएगी। इस विश्वविद्यालय कैम्पस में 7000 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं अगर इन विद्यार्थियों को विकास की धारा के साथ जोड़ दिया जाए तो राष्ट्र प्रगति की राह पर ओर तेजी से आगे बढ़ेगा।
उन्होंने लिटरेट और एजुकेट के मायनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा से ही जीवन में परिवर्तन लाया जा सकता है। इस शिक्षा से जीवन जीने और उपयोगिता को समझा जा सकता है। विद्यार्थियों को शिक्षित बनाने में शिक्षकों, सरकार, प्रशासन के त्याग, साधना और योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। सभी का एक उद्देश्य है कि प्रत्येक विद्यार्थी को एक अच्छा इंसान बनाया जा सके। जब विद्यार्थी अपने जीवन में राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देता है तभी सभी का लक्ष्य पूरा होता नजर आएगा। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और रवीन्द्रनाथ टैगोर जैसे महान लोगों के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 21वीं शताब्दी भारत की है और इस शताब्दी में युवा पीढ़ी का अहम योगदान रहेगा।
हरियाणा सरकार ने लगभग चार दर्जन अटर्नी अधिकारियों के तबादले किये

हरियाणा सरकार ने लगभग चार दर्जन अटर्नी अधिकारियों के तबादले किये

चण्डीगढ़, 29 मई- हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से अभियोजन विभाग के 13 जिला अटॉर्नी, 19 उप-जिला अटॉर्नी और 16 सहायक जिला अटॉर्नीस के स्थानांतरण और नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। महाधिवक्ता, हरियाणा, चंडीगढ़ के कार्यालय में तैनात जिला अटॉर्नी इंद्रदीप, को रिक्त पद पर जिला अटॉर्नी, कैथल के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        अतिरिक्त निदेशक, सीआईडी, हरियाणा, चंडीगढ़ के कार्यालय में तैनात जिला अटॉर्नी एस.एस.सहरावत को रिक्त पद पर आबकारी एवं कराधान आयुक्त, पंचकूला के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        निदेशक, हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन, करनाल के कार्यालय में तैनात जिला अटॉर्नी शशि कांत शर्मा को रिक्त पद पर जिला अटॉर्नी, करनाल के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।

आबकारी एवं कराधान आयुक्त, पंचकूला के कार्यालय में तैनात जिला अटार्नी दिनेश बजाज को निदेशक, हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन, करनाल के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त विभाग के कार्यालय में तैनात जिला अटार्नी सुभीन दीन भट्टी को रिक्त पद पर मुख्य प्रशासक हुडा, पंचकूला के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        जिला अटॉर्नी झज्जर के कार्यालय में तैनात जिला अटॉर्नी सीमा हुड्डा को रिक्त पद पर आयुक्त, नगर निगम, फरीदाबाद के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
  जिला अटॉर्नी सोनीपत के कार्यालय में तैनात जिला अटॉर्नी संजय हुड्डा को रिक्त पद पर निदेशक, मौलिक शिक्षा, पंचकूला के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        जिला अटॉर्नी फरीदाबाद के कार्यालय में तैनात जिला अटॉर्नी नरसी दास को जिला अटॉर्नी नारनौल के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        जिला अटॉर्नी नारनौल के कार्यालय में तैनात जिला अटॉर्नी आनंद कुमार जागलान को रिक्त पद पर जिला अटॉर्नी, जींद के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है। 
       जिला अटॉर्नी यमुनानगर के कार्यालय में तैनात जिला अटॉर्नी अमरजीत सिंह को रिक्त पद के समक्ष अधीक्षण अभियंता, यमुना जल सेवाएं मंडल, सिंचाई विभाग, नई दिल्ली के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है। 
        जिला अटॉर्नी भिवानी के कार्यालय में तैनात जिला अटॉर्नी शमशेर सिंह को जिला अटॉर्नी झज्जर के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        जिला अटॉर्नी सिरसा के कार्यालय में तैनात जिला अटॉर्नी ऊषा बिश्नोई को जिला अटार्नी, फतेहाबाद के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
       आबकारी एवं कराधान आयुक्त, पंचकूला के कार्यालय में तैनात जिला अटार्नी मदन लाल को रिक्त पद पर निदेशक अभियोजन, पंचकूला के कार्यालय स्थानांतरित ंिकया गया है।
        इसी प्रकार, जिला अटॉर्नी झज्जर के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटार्नी आजाद सिंह को रिक्त पद पर जिला अटॉर्नी, जींद के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        जिला अटॉर्नी नूह के कार्यालय में तैनात उप जिला अटॉर्नी सुरेश कुमार को जिला अटॉर्नी के झज्जर के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        पुलिस अधीक्षक, राज्य सतर्कता ब्यूरो, रोहतक के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटॉर्नी सुमेर सिंह हुड्डा को जिला अटॉर्नी नूह के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        जिला अटॉर्नी झज्जर के कार्यालय में तैनात उप जिला अटॉर्नी राम कुमार खंगवाल को जिला अटॉर्नी, यमुनानगर के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        जिला अटॉर्नी फतेहाबाद के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटॉर्नी अनिल कुमार लोहिया को जिला अटॉर्नी, झज्जर के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        जिला अटॉर्नी, हिसार के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटॉर्नी पूनम को जिला अटॉर्नी, सिरसा के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        जिला अटॉर्नी, कुरुक्षेत्र के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटॉर्नी सतीश कुमार मित्तल तथा जिला अटॉर्नी, पंचकूला के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटॉर्नी नरेंद्र कुमार भोरिया को एक-दूसरे के स्थान पर स्थानांतरित किया गया है।
        जिला अटॉर्नी नारनौल के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटॉर्नी रवीन्द्र नरवाल को  रिक्त पद पर जिला अटार्नी नूह के कार्यालय में  स्थानांतरित किया गया है। 
जिला अटॉर्नी पानीपत के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटॉर्नी नरेश कुमार को जिला अटॉर्नी रोहतक के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है। 
        जिला अटॉर्नी रोहतक के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटॉर्नी राजेश कुमार को   रिक्त पद पर जिला अटॉर्नी, नूह के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है। 
        जिला अटॉर्नी सोनीपत के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटॉर्नी राजीव कठपालिया को रिक्त पद पर जिला अटॉर्नी सिरसा के कार्यालय में लगाया गया है।
        जिला अटॉर्नी सिरसा के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटॉर्नी सुरेश कुमार कौशिक को रिक्त पद पर जिला अटॉर्नी झज्जर के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        जिला अटॉर्नी यमुनानगर के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटॉर्नी बलजीत सिंह को रिक्त पद पर जिला अटॉर्नी, सिरसा के कार्यालय में नियुक्त किया गया है।
        जिला अटॉर्नी यमुनानगर के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटॉर्नी गुलदेव कुमार को  जिला अटार्नी, नारनौल के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        जिला अटॉर्नी करनाल के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटॉर्नी पंकज को जिला अटॉर्नी, फतेहाबाद के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        पुलिस अधीक्षक, राज्य सतर्कता ब्यूरो, अंबाला के कार्यालय से जिला अटॉर्नी, नूह के कार्यालय में स्थानांतरणाधीन उप-जिला अटॉर्नी रजनीश रायजादा को पुलिस अधीक्षक, राज्य सतर्कता ब्यूरो, अंबाला के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
       अतिरिक्त निदेशक, अभियोजन, हरियाणा लीगल सैल, हरियाणा भवन, नई दिल्ली के कार्यालय से जिला अटॉर्नी मेवात के कार्यालय में स्थानांतरणाधीन उप-जिला अटार्नी, धर्मबीर सिंह को अतिरिक्त निदेशक, अभियोजन, हरियाणा लीगल सैल, हरियाणा भवन, नई दिल्ली के कार्यालय  में स्थानांतरित किया गया है। 
        जिला अटार्नी पानीपत के कार्यालय में तैनात उप-जिला अटॉर्नी देवेन्द्र सिंह को रिक्त पद पर जिला अटार्नी, सोनीपत के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        इसी प्रकार, जिला अटॉर्नी पलवल के कार्यालय में तैनात सहायक जिला अटॉर्नी बिजेन्द्र कुमार को रिक्त पद पर जिला अटॉर्नी हिसार के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है। 
        सचिव, आवास बोर्ड, पंचकूला के कार्यालय में तैनात सहायक जिला अटॉर्नी गौतम नरियाला को संपदा कार्यालय, हुडा, पंचकूला का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
        जिला अटॉर्नी करनाल के कार्यालय में तैनात सहायक जिला अटॉर्नी महीपाल को जिला नगर योजनाकार कुरुक्षेत्र के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
        जिला नगर योजनाकार कुरुक्षेत्र के कार्यालय में तैनात सहायक जिला अटॉर्नी रविन्द्र मलिक को रिक्त पद के समक्ष जिला अटॉर्नी, कैथल के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
       जिला अटॉर्नी हिसार (सब-डिवीजनल कोर्ट, हांसी)के कार्यालय में तैनात सहायक जिला अटॉर्नी प्रवीण कुमार को रिक्त पद के समक्ष नगर निगम, रोहतक के अतिरिक्त  कार्यभार के साथ पीजीआईएमएस, रोहतक के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
जिला अटॉर्नी नारनौल, सिविल कोर्ट महेन्द्रगढ़ के कार्यालय में तैनात सहायक जिला अटॉनी संजय सुहाग को जिला अटॉर्नी जींद के कार्यालय में स्थानान्तरित किया गया है।        
        भूमि अधिग्रहण अधिकारी, शहरी सम्पदा गुरुग्राम के कार्यालय में तैनात सहायक जिला अटॉर्नी सिद्धार्थ सेठी को उनके अपने कार्र्यभार के अतिरिक्त हुडा, गुरुग्राम का अतिरिक्त भार भी सौंपा गया है। 
       जिला अटॉर्नी कैथल के कार्यालय में तैनात सहायक जिला अटॉर्नी विक्रम सिंह को निदेशक, महिला एवं बाल विकास, पंचकूला के कार्यालय में स्थानान्तरित किया गया है।
उपायुक्त कैथल के कार्यालय में तैनात सहायक जिला अटॉर्नी सुरेन्द्र खटकड़ को अधीक्षक अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जींद के कार्यालय में स्थानान्तरित किया गया है।
पुलिस अधीक्षक सोनीपत के कार्यालय में तैनात सहायक जिला अटॉर्नी रणधीर सिंह को महाप्रबन्धक, हरियाणा रोडवेज, सोनीपत के कार्यालय में स्थानान्तरित किया गया है।
महाप्रबन्धक, हरियाणा रोडवेज, सोनीपत के कार्यालय मे तैनात सहायक जिला अटॉर्नी आनन्द मान को पुलिस अधीक्षक, सोनीपत के कार्यालय में स्थानान्तरित किया गया है।
निदेशक शहरी सम्पदा, पंचकूला के कार्यालय में तैनात सहायक जिला अटॉर्नी दिनेश कुमार को निदेशक, खजाना एवं लेखा विभाग, चण्डीगढ़ के कार्यालय में स्थानान्तरित किया गया है।
जिला अटॉर्नी झज्जर, सिविल कोर्ट बहादुरगढ़ के कार्यालय में तैनात सहायक जिला अटॉर्नी प्रदीप बूरा को जिला अटॉर्नी झज्जर के कार्यालय में स्थानान्तरित किया गया है। 
 जिला अटॉर्नी भिवानी के कार्यालय में तैनात सहायक जिला अटॉर्नी राहुल वर्मा को अधीक्षण अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, रोहतक के कार्यालय में तैनात किया गया है। 
जिला अटॉर्नी रेवाड़ी के कार्यालय मेें तैनात सहायक जिला अटॉर्नी आत्म प्रकाश को प्रधानाचार्य पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रोहतक के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है। 
जिला अटॉर्नी रेवाड़ी के कार्यालय में तैनात सहायक जिला अटॉर्नी सुधीर जाखड़ को जिला अटॉर्नी रोहतक के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है। 
 ‘थ्री-डी’ सुरक्षा के बाद भी राजकुमार सैनी की रैली में पिस्तौल लेकर पहुँच गया युवक

‘थ्री-डी’ सुरक्षा के बाद भी राजकुमार सैनी की रैली में पिस्तौल लेकर पहुँच गया युवक

Chandigarh 29 May 2017: कुरुक्षेत्र के भाजपा सांसद राजकुमार सैनी शायद अब बड़े सपने देखने लगे हैं | कल रोहतक में उनकी जनसभा में भावी सीएम के नारे लगे | रोहतक में कल भगवान् परशुराम जयन्ती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जबरजस्त भीड़ देख सैनी खुशी से गदगद दिखे लेकिन इस रैली में एक युवक पिस्तौल लेकर पहुँच गया | ये युवक जैसे ही मीडिया गैलरी में पहुंचा पुलिस कर्मियों उसपर नजर पड़ गई और उसे तुरंत पकड़ लिया गया लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया क्यू कि युवक एक ब्राम्हण नेता का सुरक्षा गार्ड था और उसके पास पिस्तौल रखने का लाइसेंस भी था |  हालांकि इस घटना के बाद सांसद सैनी की सुरक्षा पर सवाल जरूर उठे। गौरतलब है कि सांसद सैनी को ‘थ्री-डी’ सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। रैली में आए लोगों को कार्यक्रम स्थल के अंदर बगैर तलाशी लिए नहीं जाने दिया जा रहा था।

लोकतंत्र सुरक्षा मंच के बैनर तले शुगर मिल ग्राउंड में हुई रैली स्थल के चारों तरफ पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। रैली में सांसद सैनी के मुख्य मंच के सामने 30 मीटर तक लोहे की जालियां लगाई गई थीं। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान से ही सैनी और जाट नेताओं के बीच विवाद चल रहा है। दोनों ही एक-दूसरे पर आरोप लगाने से भी पीछे नहीं हटते हैं। खुफियां एजेंसियों ने सरकार को अलर्ट किया हुआ था। रैली में किसी तरह का कोई विवाद या झगड़ा न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। पुलिस के आला अधिकारी लगातार रिपोर्ट हासिल कर रहे थे।