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Wednesday, December 7, 2016

भड़के विद्रोही, बोले जमकर अपने कालेधन को सफ़ेद कर रही है BJP

भड़के विद्रोही, बोले जमकर अपने कालेधन को सफ़ेद कर रही है BJP

7 दिसम्बर 2016: स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि धन्नासेठों व कोरपोरेट घरानों की समर्थक पार्टी भाजपा की हरियाणा खट्टर सरकार किसानों, पंचायतों, नगर निकायो व वन विभाग सहित सरकारी विभागों की जमीन उद्योग व विकास के नाम पर मनमाने ढंग से हड़पकर पूंजीपतियोंं को देने का षडयंत्र का पूरा तानाबाना पहले ही बुन चुकी है। विद्रोही ने कहा कि पहले हरियाणा भाजपा सरकार के मंत्रीमंडल ने पंचायतों व नगर निकायो द्वारा प्रस्ताव पास करवाके पंचायती व नगर निकायो की जमीन को उद्योगों व विकास के नाम पर देने का रास्ता साफ किया और अब भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को दरकिनार करके गुजरात की तर्ज पर हरियाणा का अलग से भूमि अधिग्रहण कानून बनाने का निर्णय करके किसानों की जमीन भी मनमाने ढंग से हड़पने का रास्ता साफ करने की दिशा में कदम उठा दिया है। हरियाणा में अलग से भूमि अधिग्रहण कानून बनाने के बाद किसानों, पंचायतों, नगर निकायो, वनों के लिए आरक्षित जमीनों सहित विभिन्न सरकारी विभागों की जमीन को भी विकास के नाम पर उद्योगपतियों को देने का रास्ता साफ हो जायेगा।

विद्रोही ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के नाम परा मोदी-भाजपा सरकार आजादी के बाद देश का सबसे बडा घोटाला कर चुकी है, जिसमें भाजपा सांसदों व विधायकों तथा भाजपा-संघ समर्थक पूंजीपतियों ने अरबो रूपये का अपना काला धन जहां सफेद कर लिया, वहीें नोट बदलने व नई करेंसी देने तथा काले धन को सफेद करने के नाम पर अरबो रूपये कमाये जा रहे है। वहीं आम आदमी बैंकों में जमा अपने ही पैसों को पाने के लिए मारा-मारा फिर रहा है। सरकारी कर्मचारियों व पैंशन धारकों को बैंकों से अपना वेतन व पैंशन नही मिल पा रही है। यदि नोटबंदी घोटाला की जांच सु्रप्रीम कोर्ट निगरानी में विशेष जांच दल करे तो भाजपा-संघी देश के सबसे बड़े घोटालेबाज, भ्रष्टाचारी साबित हो जाएंगे। विद्रोही ने कहा कि नोटबंदी के महाघोटाले के बाद मोदी-भाजपा जिन राज्यों में सत्तारूढ़ है, उन राज्यों में भाजपा भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू करने की बजाय राज्य का अलग से भूमि अधिग्रहण कानून बना रही है और गुजरात में यह कानून बना भी दिया गया है। अन्य भाजपा शासित राज्य भी गुजरात की तर्ज पर नया भूमि अधिग्रहण कानून बना रहे है। 

हरियाणा की खट्टर सरकार भी उसी दिशा मेें काम करके ऐसी व्यवस्था कर रही है, जिससे भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की उपेक्षा करकेे किसानेां को अधिग्रहित भूमि का मुआवजा बाजार भाव से चार गुणा ज्यादा ना देने पड़े और किसानों व खेतिहार मजदूरों के पुनर्वास नियमों को कमजोर किया जा सके। वहीं बिना किसानों की सहमति के जब चाहे, तब सरकार किसानों की जमीन अपनी शर्तानुसार मनमाने भावों पर अधिग्रहित कर सके। विद्रोही नेे आरोप लगायण कि बाजार भाव से चार गुणा ज्यादा मुआवजा ना देने के लिए मुआवजा गुणना के ऐसे नियम बनाये जा रहे है जिससे कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 अनुसार नियमों के नाम पर चार गुणा ज्यादा मुआवजा ना देना पड़े। किसान व खेतिहार मजदूरों के पुनर्वास नियमों को कमजोर करने व जमीन अधिग्रहण करने पर 80 प्रतिशत किसानों की सहमति की धारा को कमजोर करने के बाद भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की आत्मा को ही मारकर किसानों को सरंक्षण देने वाले सभी उपायों को कमजोर करने का षडयंत्र रचा जा रहा है जिससे भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का होना या ना होना बेमानी हो जायेगा। 

Wednesday, November 16, 2016

हरियाणा के हर जिले में खुलेगा मैडिकल कालेज, खट्टर

हरियाणा के हर जिले में खुलेगा मैडिकल कालेज, खट्टर


चण्डीगढ़, 16 नवम्बर- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बेस अस्पताल की विस्तार शाखा अहीरवाल क्षेत्र में खोलने की संभावनाओं का वे केन्द्र सरकार से बातचीत करके पता लगाएंगे। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह द्वारा रखी गई बाईपास की मांग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस बाईपास का एयर सर्वे करवा लिया गया है और इसके निर्माण के लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से फंड उपलब्ध करवाने में राव इन्द्रजीत सिंह मदद करें, बाईपास के निर्माण पर पर लगभग 800 करोड़ रुपए का खर्च होने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री रेवाड़ी में आयोजित शहीद सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में अहीरवाल क्षेत्र के लोगों ने भाजपा का साथ दिया था, जिसके लिए भाजपा इस क्षेत्र की ऋणी रहेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव में दिए गए भारी समर्थन के कर्ज को हम अभी तक भूले नहीं है। एसवाईएल का पानी दक्षिणी हरियाणा में लाकर हम उस कर्ज का कुछ भाग उतारने का प्रयास करेंगे। केन्द्रीय राज्यमंत्री राव इन्द्रजीत सिंह द्वारा आयोजित इस समारोह में केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि थे। भाजपा हरियाणा प्रभारी डा. अनिल जैन भी इस समारोह में विशेष रूप से पहुंचे थे।

श्री मनोहर लाल ने इस मौके पर कहा कि प्रदेश में एक समान विकास के साथ-साथ अब बेरोजगारों को रोजगार के अवसर मुहैया कराने पर जोर दिया जाएगा ताकि युवाओं का भविष्य उज्जवल हो। गतवर्ष गुरुग्राम में आयोजित इनवेस्टर्स समिट से 600 एमओयू साईन हुए थे, जिससे प्रदेश में 7 लाख करोड़ रुपए का निवेश होने की संभावना है, जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा। रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नांगल चौधरी में एक हजार एकड़ में स्थापित होने वाले लॉजिस्टिक हब की स्थापना से नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सरकार द्वारा स्किल डवलैपमेंट पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है। 

हरियाणा प्रदेश के सैनिकों, पूर्व सैनिकों व शहीदों की वीरांगनाओं के कल्याण के लिए सरकार द्वारा अलग से विभाग बनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार सैनिकों के कल्याण को कटिबद्ध है और सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाकर उन्हें लाभांवित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार ने प्रदेश के शहीदों के आश्रितों को प्रदान की जाने वाली राशि को 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए किया है। उन्होंने कहा कि शहीदों की यादगार में अंबाला में 22 एकड़ जमीन पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के युद्ध स्मारक का निर्माण किया जा रहा है, जहां से 1857 की क्रांति का आगाज हुआ था। 


इसी क्षेत्र के लोगों ने अपना कीमती वोट देकर बीजेपी पार्टी को सत्ता के सिंहासन पर पहुंचाने का काम किया था। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक दिवस पर 16 नवंबर 1857 को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए नसीबपुर में 5 हजार सैनिक शहीद हो गए थे। 
उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में एक-एक मैडिकल कालेज खोला जाएगा। इसी निर्णय के अंतर्गत गांव मनेठी में एम्स की शाखा खुलवाने के लिए प्रयास किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बेस अस्पताल की विस्तार शाखा इस क्षेत्र में खोलने की संभावनाओं का भी वे केन्द्र सरकार से बातचीत करके पता लगाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पूरे प्रदेश का एक समान विकास करवाने के लिए वचनबद्ध है और प्रदेश के किसी क्षेत्र से भेदभाव नहीं होगा, चाहे वहां से हमारा विधायक है अथवा नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र विशेष में ही विकास करवाने के दिन अब लद चुके हैं।

उन्होंने कहा कि आज शहीद सम्मान रैली के साथ-साथ आज नैशनल प्रैस डे भी है। उन्होंने सभी पत्रकारों एवं छायाकारों को भी प्रैस दिवस की बधाई दी।
इस अवसर पर केन्द्रीय योजना, शहरी आवास एवं गरीबी उन्मूलन राज्यमंत्री राव इन्द्रजीत सिंह, हरियाणा भाजपा के प्रभारी डा. अनिल जैन, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी राज्य मंत्री डा. बनवारी लाल भाजपा प्रदेश कार्यकारणी सदस्य आरती राव, सांसद भिवानी-महेन्द्रगढ़ धर्मबीर सिंह, सोनीपत के सांसद रमेश कौशिक, विधायक नांगल चौधरी डा. अभय सिंह यादव, नारनौल के विधायक ओमप्रकाश, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, कोसली के विधायक बिक्रम सिंह यादव, राजस्थान के किशनगढ़ के विधायक डा. जसवंत सिंह, विधायक बहरोड़ राममेहर, राष्ट्रीय सचिव सुधा यादव, बीजेपी जिलाध्यक्ष योगेन्द्र पालीवाल, लक्ष्मण सिंह यादव, गोबिंद भारद्वाज चैयरमेन, मनीष मित्तल,  पूर्व मंत्री डा. एमएल रंगा, जिला परिषद चैयरमेन मंजू बाला, आरके जांगड़ा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Thursday, October 27, 2016

भाजपा मंत्री के तख्तापलट भाषण से हरियाणा भाजपा में हलचल

भाजपा मंत्री के तख्तापलट भाषण से हरियाणा भाजपा में हलचल

Rao Inderjit Singh, MP Union Minister of State

चंडीगढ़: जैसे सुबह सुबह बच्चे जल्द ब्रश कर नास्ते के लिए बैठ जाते हैं ठीक ऐसे हरियाणा के कुछ भाजपा नेता सुबह सुबह नहा धोकर पूजा पाठ करते हैं और खुद मुख्यमंत्री के रूप ने देखने की दुआएं करते हैं । हरियाणा के तीन चार बीजेपी नेता ऐसे हैं जो ऐसे सपने देख रहे हैं । ख़ास सूत्रों की माने तो हरियाणा में कल से तूफ़ान मचा हुआ है ।  केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत ने रेवाड़ी जिले में एक भाषण दिया जिसमे उन्होंने तख्तापलट का जिक्र किया जिससे बीजेपी नेताओं में हलचल मच गई है ।

 कल राव ने कहा कि अनेक सरकारों ने हमारे साथ अच्छा सलूक नहीं किया । उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के किसी बाबू से लेकर रिक्शा चलाने वाले से भी पूंछ लो तो बोलता है कि हरियाणा में  भाजपा की सरकार नहीं बनती अगर दक्षिण हरियाणा एक होकर भाजपा का झंडा ऊंचा नहीं करता। जब हमारे बूते पर भाजपा सरकार बनी है तो हमारी मांगों पर, योजनाओं को अमल करने का हक रखना चाहिए। किस हलके में कितनी बड़ी रैली होगी, जींद में बड़ा जलसा हो गया तो पैसा जींद में जाएगा, अगर रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ में बड़ा जलसा हुआ तो विकास हमारे यहां ज्यादा होगा। दो साल स्कीम बनाने में लगा दिए, तीन साल में अपनी मांगों को मनवाने के लिए अपनी ताकत दिखाओ जो विधानसभा व लोकसभा में दिखाई थी। हमारी हैसियत नहीं मिट जाए, आने वाली पीढ़ियों में यह संदेश जाए कि यह इलाका सरकार बना भी सकता है तो उसे गिरा भी सकता है, तख्ता पलट भी सकता है। इसी तख्ता पलट वाले संबोधन पर भाजपा में हलचल मची है आगे आगे देखिये होता है क्या?

Tuesday, October 4, 2016

दोगले चीन को दिया 500 करोड़ का झटका, रेवाड़ी के व्यापारियों ने कहा नही बेंचेंगे चीनी उत्पाद

दोगले चीन को दिया 500 करोड़ का झटका, रेवाड़ी के व्यापारियों ने कहा नही बेंचेंगे चीनी उत्पाद


चंडीगढ़: हरियाणा का रेवाड़ी जिला देश का ऐसा पहला जिला बनने जा रहा है जो इस दीवाली पर चीन के बने उत्पादों का सबसे पहले बहिस्कार करेगा । रेवाड़ी की बाजारों में दीवाली के आस पास चीन निर्मित सामानों को कुल पांच सौ करोड़ का कारोबार होता है लेकिन अब रेवाड़ी के व्यापारियों ने निर्णय लिया है आतंकवाद का साथ देने वाले चीन को सबक सिखाने के लिए चीन के सामानों का बहिस्कार कर उसे आर्थिक रूप से कमजोर करेंगे । 


कल रेवाड़ी के गोकुल बाजार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान विवेक ढींगरा के नेतृत्व में कई व्यापार मोटी चौक पर इकठ्ठा हुए और चौक पर चाइनीज लड़ियाँ और अन्य सामानों को आग के हवाले कर दिया । व्यापारियों ने कहा कि हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों का समर्थन कर चीन हमारे देश को तवाह कर रहा है इसलिए हम इसे आर्थिक मोर्चे पर ऐसी चोट पहुंचाएंगे जिसे वो हमेशा याद रक्खेगा । 

Sunday, October 2, 2016

Ved Prakash Vidrohi pay tribute to Mahatma Gandhi, Lal Bahadur Shastri on their birth anniversary

Ved Prakash Vidrohi pay tribute to Mahatma Gandhi, Lal Bahadur Shastri on their birth anniversary

2 अक्टूबर 2016: गांधी जयंती के अवसर पर स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने  माडल टाऊन स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पाजंली अर्पित करके राष्टï्रपिता महात्मा गांधी को अपनी श्रद्घाजंली दी। इस अवसर पर कपिल यादव, अमन कुमार, अजय कुमार, प्रदीप कुमार ने भी अपने श्रद्घासुमन अर्पित किए। इस अवसर विद्रोही ने कहा कि भारत को अंग्रेजों से आजादी राष्टï्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व व उनके दिखाये रास्ते पर चले आंदोलन के फलस्वरूप ही मिली। सत्य, अंहिसा व सत्याग्रह को हथियार बनाकर जिस तरह से महात्मा गांधी ने भारत से 200 वर्ष का अंग्रेजी शासन उखाडक़र देश को आजाद करवाया, वह पूरी दुनिया के लिए प्ररेणा का स्त्रोत है। सत्य, अंहिसा एवं सत्याग्रह को अपनाकर बड़ी से बड़ी ताकत को झुकाया जा सकता है, यह पूरी दुनिया ने भारत से ही सीखा। विद्रोही ने कहा कि समाज के अंतिम आदमी को आजादी का लाभ कैसे मिले, यही आजादी की मूल कसौटी बापू ने मानी थी। महात्मा गांधी का स्पष्टï मानना था कि योजना वहीं सही हो सकती है, जिससे समाज के अंतिम आदमी तक लाभ उसका लाभ पहुंचे।

 आजादी आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी जी द्वारा छेड़ा गया छुआछुत आंदोलन से दलित वर्ग को सदियों के शोषण से मुक्ति मिली थी। गांधी जी ने ग्राम स्वराज की परिकल्पना दुनिया के सामने रखी ताकि सत्ता का विकेन्द्रीयकरण होकर सबकों सत्ता का लाभ मिले। विद्रोही ने कहा कि गांधी जी धर्मनिरपेक्षता, साम्प्रदायिक सौहार्द व सामाजिक सदभाव के प्रबल समर्थक थे। आज भी 21वीं सदी में गांधी जी के विचार उतने ही प्रसांगिक है, जितने उनके जीवन काल में थे। गांधी जी के विचारों पर चलकर ही हम सही समाज का निर्माण कर सकते है जिससे गैरबराबरी व शोषण ना हो। गांधी जी के विचारों पर चलने का संकल्प लेकर ही हम गांधी जी को श्रद्घाजंली देने के सही पात्र बन सकते है।

 विद्रोही ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर माडल टाऊन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पाजंली अर्पित करके अपनी भावभीनी श्रद्घाजंली दी। विद्रोही ने कहा कि शास्त्री जी की सादगी, त्याग की भावना, उनका ईमानदारीपूर्ण जीवन व राष्टï्र के प्रति की गई सेवाओं को देश कभी नही भूला सकता। शास्त्री जी ने अपने 18 माह के प्रधानमंत्री के कार्यकाल में जो अमिट छाप देश पर छोड़ी व उनकी महानता का प्रतीक है। इस अवसर पर कपिल यादव, अमन कुमार, अजय कुमार, प्रदीप कुमार  ने भी अपने श्रद्घासुमन अर्पित किए।

Saturday, September 17, 2016

शहीदों के नाम पर रेवाड़ी में नौटंकी करने जा रही है भाजपा सरकार, विद्रोही

शहीदों के नाम पर रेवाड़ी में नौटंकी करने जा रही है भाजपा सरकार, विद्रोही


15 सितम्बर 2016: स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा राव तुलाराम व अन्य शहीदों को श्रद्धाजंली देने के लिए 23 सितम्बर को कई वर्षो बाद सरकारी स्तर पर कार्यक्रम करने व उसमें मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के शामिल होने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसा करके खट्टर जी ने एक तीर से दो निशाने साधे है। विद्रोही ने कहा कि कई वर्षो बाद 23 सितम्बर का कार्यक्रम सरकारी स्तर पर मनाया जा रहा है, जिसका स्वागत है। हालांकि 23 सितम्बर 2010 में उस समय के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा राव इन्द्रजीत सिंह द्वारा आयोजित कार्यक्रम में रेवाड़ी के राव तुलाराम स्टेडियम में विशाल जनसभा में भाग लेने रेवाडी आये थे, परन्तु वह कार्यक्रम सरकार की बजाय राव तुलाराम शहीदी समारोह समिति द्वारा गैरसरकारी स्तर पर आयोजित किया गया था। अब 6 वर्ष बाद सरकार स्वयं यह कार्यक्रम आयोजित कर रही है, इसका स्वागत है। पर यह सवाल उठना स्वभाविक है कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर वास्तव में शहीदों का सम्मान करने रेवाड़ी में 23 सितम्बर का कार्यक्रम आयोजित कर रहे है या शहीदों के नाम पर राजनीति कर रहे है? विद्रोही ने कहा कि उनकी बड़ी स्पष्ट राय है कि 23 सितम्बर को मुख्यमंत्री के द्वारा रेवाड़ी में राव तुलाराम की याद में शहीदी कार्यक्रम करने की घोषणा विशुद्ध राजनीतिक घोषणा व राव इन्द्रजीत सिंह को झटका देने की योजना का एक हिस्सा है। 

यदि भाजपा सरकार शहीदों के प्रति इतना ही सम्मान रखती तो भाजपा सरकार ने पिछले वर्ष 23 सितम्बर को सरकारी कार्यक्रम आयोजित क्यों नही किया? जमीनी सच्चाई यही है कि हरियाणा की सत्ता का रास्ता व भाजपा का ग्राफ दक्षिणी हरियाणा की अहीरवाल धरती से ही उठा था। विद्रोही ने कहा कि जब केन्द्रीय राज्यमंत्री राव इन्द्रजीत सिंह ने 16 नवम्बर को रेवाड़ी में राव तुलाराम की याद में बड़ी सभा करने की घोषणा कर दी तो उसकी काट में मुख्यमंत्री ने 23 सितम्बर को रेवाड़ी में शहीदी दिवस कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा से स्पष्ट है कि 16 नवम्बर का राव इन्द्रजीत सिंह का कार्यक्रम हो या 23 सितम्बर का मुख्यमंत्री खट्टर का रेवाडी कार्यक्रम हो, दोनो ही शहीदों का सम्मान करने की बजाय राजनीति करने करने वाले कदम है। 

विद्रोही ने सवाल किया कि एक ही सरकार के दो नेताओं द्वारा रेवाडी में 16 नवम्बर व 23 सितम्बर को शहीदी सम्मान के नाम पर दो अलग-अलग कार्यक्रम करना राजनीतिक नौटंकी और शहीदों के नाम पर आमजनों का भावनात्मक शोषण करना नही तो क्या है? यदि भाजपा सरकार शहीदों के सम्मान के प्रति ईमानदार व गंभीर है तो रेवाड़ी में दो अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित नही किये जाते? अपने को इलाके का हितैषी व शहीदों का सम्मान करने वाले के रूप में प्रदर्शित करने के लिए घात-प्रतिघात की राजनीति की जा रही है, जिसमें शहीदों के सम्मान की भावना दूर-दूर तक नही है।  विद्रोही ने अहीरवाल के आम लोगों से आग्रह किया कि वे गंभीरता से विचारे कि जो दल, सरकार व नेता इस तरह राव तुलाराम व शहीदों का नाम राजनैतिक लाभ के लिए घात-प्रतिघात, तिडक़मों की राजनीति के ताने-बाने बुन रहे हो, क्या वे शहीदों व ईलाक के हितैषी है या हितैषी होने की नौटंकी करकेे अपना-अपना राजनैतिक उल्लू साध रहे है?

Sunday, September 11, 2016

फिल्म डायरेक्टर ने लौटाया सिविल इंजीनियर का पर्स

फिल्म डायरेक्टर ने लौटाया सिविल इंजीनियर का पर्स


रेवाड़ी 11 सितंबर 2016 : आज एक फिल्म डॉयरेक्टर ने एक सिविल इंजीनियर का खोया हुआ पर्स लौटा कर न केवल ईमानदारी दिखाई बलिक सामाजिक कर्तव्य भी निभाया । हुआ यूं की हिंदी फीचर फिल्म के निर्माता निर्देशक उमेद खंडेलवाल शनिवार शाम को साल्हावास स्थित प्लेटिनम विला से निकल कर एनएच 71 से रेवाड़ी की ओर जा रहे थे रास्ते में वे लघुशंका के लिए एक खाली स्थान पर रुके तो उन्हें वहां एक पर्स पड़ा हुआ दिखाई दिया व उसके पास एटीएम कार्ड भी पड़ा हुआ था ।

पर्स में ज्यादा नकदी नहीं थी एक आधार कार्ड भी था । खंडेलवाल ने बैंक स्लिप पर लिखे फोन no पर किशनगढ़ बालावास के संदीप से संपर्क किया । संदीप ने बताया कि यह पर्स उसका है । आज खंडेलवाल ने प्लेटिनम विला में  पीड़ित संदीप को बुला कर पर्स सौंप दिया । संदीप ने कहा कि उन्हें आज इस बात की बेहद खुशी है कि आज भी ईमानदारी और सामाजिकता जिन्दा है । पेशे से सिविल इंजीनियर संदीप ने बताया कि संगवाड़ी गांव के पास उसका कार्य चल रहा है मोटर साइकिल चलाते समय पर्स गिर गया था जिसे उसने काफी तलाशा मगर कहीं नहीं मिला । इधर खंडेलवाल ने बताया कि एटीएम कार्ड पर उसका पासवर्ड भी लिखा है था व संदीप को आगाह किया कि कभी भी एटीएम का पासवर्ड कार्ड पर न लिखें । इस पर संदीप ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए खंडेलवाल का आभार व्यक्त किया ।इस मौके पर प्लेटिनम विला के सुरक्षाकर्मी किशोरम कुमार, गजराज सिंह और संदीप के साथ आये बाबा घिघड दास व   रोहताश कुमार उपस्थित थे  

बेख़ौफ़ हरियाणा के बदमाशों ने पुलिस चौकी के पास व्यापारी को मार डाला

बेख़ौफ़ हरियाणा के बदमाशों ने पुलिस चौकी के पास व्यापारी को मार डाला


Rewari Haryana 11 September 2016: भाजपा सरकार सत्ता में आने से पूर्व सुशासन देने के लंबे चौड़े दावे करते नहीं थकती थी, लेकिन अब रेवाड़ी में आकर सरकार के तमाम दावों की पोल खुल रही है। यहां सुशासन नहीं, बल्कि जंगलराज है। व्यापारियों से रंगदारी और लूट की वारदात होना अब आम बात हो गई है। ऐसे में शहर के व्यापारी भय के साए में काम करने को विवश हैं। यही कारण रहा कि आज सुबह सवेरे बाइक सवार दो बदमाशों ने एक व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी और उससे 5 लाख रूपए लूटकर मौके से फरार हो गए।

हालांकि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी एक कपड़ा व्यापारी को रंगदारी न देने के कारण उसके सेल्समैन हो गोली मार दी थी। व्यापारियों ने तब भी बाजार बंद कर चेतावनी दी थी कि अगर घटना की पुनरावृत्ति होती है तो वे कड़े कदम उठाएंगे, लेकिन तब उन्हें आश्वासन दिया था कि शहर में गश्त बढ़ाकर व्यापारियों को सुरक्षा मुहैया करा दी जाएगी। बदमाशों ने में पुलिस का भय कितना है, यह सब इस बात से पता लगता है कि पुलिस चौकी से मात्र 100 मीटर की दूरी पर ही बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं और पुलिस लकीर पीटने के सिवाय कुछ नहीं कर पाती।

आज सुबह भी ऐसा ही हुआ। गोकल गेट पुलिस चौकी से मात्र 100 मीटर की दूरी पर ही वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए और पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचने में काफी देर लगा दी, जिससे व्यापारियों में और गुस्सा भडक़ गया। सेल्समैन को गोली मारने की घटना भी इसी चौक के सामने की है। कुछ दिनों पूर्व ही दो व्यापारियों से दो बदमाशों ने रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने दो बदमाशों को पकडक़र उन्हें भी पकडऩे का दावा किया था, लेकिन पुलिस का यह दावा भी दावा ही रह गया। ऐसा कोई ही दिन खाली जाता होगा, जब शहर गोलियों की गंूज से न गूंजता हो।

आखिर व्यापारियों का गुस्सा फूट ही गया और पहले तो व्यापारियों ने ट्रामा सैंटर के सामने जमकर पथराव किया तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने सडक़ पर टायर फूंककर रोष प्रदर्शन किया। व्यापारी यहीं नहीं रूके। उन्होंने झज्जर चौक पहुंचकर रोड जाम कर दिया और फिर से नारेबाजी शुरू कर दी।
अब अगर बात करें पुलिस प्रशासन की तो पुलिस के आला अधिकारियों को अभी तक यही नहीं पता लगा कि आखिर लूट कितने की हुई है और अपराधी कौन हैं। पुलिस यह कहकर फिर अपना पल्ला झाड़ती नजर आ रही है कि अभी मामले का पता किया जा रहा है।

Friday, September 9, 2016

अच्छे दिन आएंगे बोलकर बुरे दिन लाती चली जा रही है BJP सरकार, विद्रोही

अच्छे दिन आएंगे बोलकर बुरे दिन लाती चली जा रही है BJP सरकार, विद्रोही


9 सितम्बर 2016: कांग्रेस पर केएमपी एक्सप्रैस-वे रोड़ समय पर न बनाने का आरोप लगाने वाली भाजपा खट्टर सरकार से स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने पूछा कि वे बताये कि कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रैस-वे का कुंडली से मानेसर तक बकाया रोड़ को भाजपा सरकार समय पर क्यों नही बना रही है और सम्बन्धित रोड़ निर्माण कम्पनी पर क्या एक्शन ले रही है? विद्रोही ने कहा कि कुंडली से मानेसर तक एक्सप्रैस वे निर्माण करने वाली भाजपा समर्थित राज्यसभा सदस्य सुभाष चन्द्रा की कम्पनी एस्सेल गु्रप ने सरकार को लिखित रूप से कहा है कि समय पर काम पूरा नही होगा उसे और समय चाहिए। 5 नवम्बर 2015 को जब सुभाष चन्द्रा की कम्पनी को खट्टर सरकार ने 2300 करोड़ रूपये लागत का 82.20 किलोमीटर सडक़ बनाने का ठेका दिया था तब यह शर्त रखी थी कि यह प्रोजेक्ट निश्चित समय सीमा में पूरा किया जाये। लेकिन जब कम्पनी अपने करार से पीछे हटकर और समय मांग रही है तो विद्रोही ने खट्टर सरकार से जानना चाहा कि समय पर केएमपी का निर्माण कार्य पूरा न करने पर क्या सरकार भाजपा समर्थित राज्यसभा सांसद सुभाष चन्द्रा की कम्पनी पर करार अनुसार जुर्माना लगायेगी?


विद्रोही ने मोदी सरकार द्वारा फ्लेक्सी स्कीम लागू करके दुरूंतों, राजधानी व शताब्दी एक्सप्रैस टेऊनों में 10 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक किराया बढ़ाकर रेल यात्रियों पर लगभग एक हजार करोड़ रूप्ये का अतिरिक्त बोझ लादने की कठोर आलोचना करते हुए इसे महंगाई की मार से मरते हुए आम आदमी पर एक और अनाश्वक बोझ बताया। अच्छे दिनों के नाम पर सत्ता में आई मोदी सरकार जून 2014 से अब तक रेल किरायों में 14.20 प्रतिशत व माल भाड़े में 11.35 प्रतिशत किराये की वृद्धि पहले ही कर चुकी है। वहीं रेल में मिलने वाले खान-पान की वस्तुएं महंगी कर चुकी है। टिकट रद्द कराने का चार्ज दुगना कर चुकी है और चोर दरवाजे से हर संभव बोझ रेल यात्रिओं पर डाल चुकी हैै। 

विद्रोही ने कहा कि 10 प्रतिशत सीटों की बिक्री के बाद हर 10 प्रतिशत सीटों पर फ्लैक्सी स्कीम के तहत बढ़ते रहने वाले किराये से अब रेल यात्रिओं का बजट डगमगाएगा और उन्हे यह भी पता नही चल पायेगा कि आखिर उन्हे कितना बढ़ा किराया देना होगा। वहीं इस बात की पूरी संभावना है कि दुरूंतो, शताब्दी व राजधानी टेऊनों के बाद मोदी सरकार अन्य टेऊनों पर भी फ्लैक्सी स्कीम लागू करके रेल यात्रिओं की कमर तोड़ेगी? विद्रोही ने आमजनों से पूछा कि यदि यही अच्छे दिन है तो बुरे दिन कैसे होते है, यह भी गंभीरता से विचारे?

Wednesday, September 7, 2016

खनन माफियाओं को संरक्षण देने वाले खट्टर के मंत्री उन्हें नहीं मानते CM, विद्रोही

खनन माफियाओं को संरक्षण देने वाले खट्टर के मंत्री उन्हें नहीं मानते CM, विद्रोही


7 सितम्बर 2016: स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही आरोप लगाया कि नैतिकता, पारदर्शिता, ईमानदारी से सरकार चलाने का दम भरने वाले हरियाणा के मुख्मयंत्री मनोहरलाल खट्टर गुडग़ांव लैंड डील मामलेेे में ढींगरा आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की बजाय सत्ता का दुरूपयोग करके लोकसम्पर्क विभाग से रिपोर्ट के नाम पर दुष्प्रचार करवाने पर उतर आये है। विद्रोही ने सवाल किया कि यह कौनसी नैतिकता व पारदर्शिता है कि ढींगरा आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की बजाय कुछ भक्त मीडिया में प्रायोजित खबरे प्लांट करवाके कांग्रेस के प्रति दुष्प्रचार अभियान चलाया जाये।

मुख्यमंत्री ढींगरा आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से क्यों बच रहे है? भाजपा एक अफवाहबाज व षडयंत्रकारी पार्टी है, यह खट्टर सरकार के शासन से स्पष्ट हो रहा है। सरकार दावे तो ईमानदारी, नैतिकता व पारदर्शिता के करती है, लेकिन उसके आचरण में यह दूर-दूर तक नजर नही आता है। विद्रोही ने आरोप लगाया कि सुचिता के नाम पर सरकार चलाने वाले खट्टरजी प्रदेश में अवैध खनन माफिया को सरंक्षण दे रहे है। अवैध खनन के आरोपों की निष्पक्ष जांच करवाने को तैयार नही है। फरीदाबाद में इनके नेताओं ने अवैध खनन करवा करोड़ों का गोलमाल किया, खनन अधिकारी खनन माफियाओं से लाखों हर माह डकार रहा है और खट्टर कहते हैं हमने ख़त्म कर दिया भ्रष्टाचार? भाजपा प्रदेश सरकार के मंत्री खट्टरजी को मुख्यमंत्री तक स्वीकारने को तैयार नही है, इसलिए खट्टर जी मंत्रीमंडल की बैठके करने की बजाय अनौपचारिक मंत्रीमंडल की बैठके करने को मजबूर है। प्रदेश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान चलाने की नौटंकी होती है, लेकिन प्रदेश देश में गैंगरेप में नम्बर वन बन जाता है। बसों में छात्राओं के साथ खुलेआम छेड़छाड़ होती है। छात्राए रास्ता रोकने, आंदोलन करने को मजबूर  होती है। विद्रोही ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था का इतना बुरा हाल है कि हत्या, डकैती, रेप, छेड़छाड, चेन स्नेचिंग रूटीन के अपराध बन गए है।

सीएम विन्डो में शिकायतों की नौटंकी होती है, लेकिन इसमें की गई शिकायतों को कूडेदान में फेंका जा रहा है। शिक्षा का भगवाकरण किया जा रहा है। संवैद्यानिक संस्थाओं पर संघीयों को थोपा जा रहा है। प्रदेशभर में अक्टूबर 2015 से मई 2016 तक बनी सडक़े घटिया माल के इस्तेमाल के कारण पहली ही बरसात में टूट गई व उनमें गड्डे पड़ गए। ईमानदारी, पारदर्शिता का दम भरने वाले खट्टजी सडक़ निर्माण में हुए भारी भ्रष्टाचार की जांच करवाने को तैयार नही है। विद्रोही ने मुख्यमंत्री से पूछा कि नैतिकता, पारदर्शिता का ढोल पीटने की बजाय सरकार अपने आचरण में इन शब्दों का पालन क्यों नही करती?

Tuesday, September 6, 2016

CLU मामले में विद्रोही ने दी CM खट्टर को चुनौती

CLU मामले में विद्रोही ने दी CM खट्टर को चुनौती


6 सितम्बर 2016: केन्द्रीय मंत्री चौ0 बीरेन्द्र सिंह की हुड्डा शासन में सभी सीएलयू मामलों की जांच करवाने की मांग पर प्र्रतिक्रिया प्रकट करते हुए स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने मांग की कि विगत 25 वर्षो में गुडग़ांव में दिये गए सभी सीएलयू की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता  में एक जांच आयोग बनाकर करवाई जाये ताकि सीएलयू मामलों में कांग्रेस, इनेलो, भाजपा सरकारों द्वारा अपनाई गई नीति व प्रक्रिया सामने आ सके। 

विद्रोही ने कहा कि पीक एंड चूज आधार पर सीएलयू मामलों की जांच करवाना बदले की राजनीति ही कहलाई जायेगी। वे स्वयं 15 वर्षो से मांग करते आ रहे है कि विगत 25 वर्षो में गुडगांव में दिये गए सभी सीएलयू की जांच निष्पक्षता व पारदर्शिता से करवाई जाये। भाजपा-चौटाला शासन व बंसीलाल शासन में सत्ता में शामिल रहे और उस समय दिये गए सीएलयू में अपनी भूमिका से भाजपा भाग नही सकती है। कांग्रेस शासन के सीएलयू की तो जांच लेकिन चौटाला व भाजपा शासन के सीएलयू की जांच न हो, यह कौनसी नैतिकता, ईमानदारी व पारदर्शिता है, समझ से परे है। 

विद्रोही ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर व भाजपा को खुली चुनौती दी कि यदि वे सीएलयू मामले में जरा भी ईमानदार है तो सबसे पहले अपनी पार्टी के केन्द्रीय मंत्रीयों, भाजपा खट्टर सरकार के मंत्रीयों, सांसदों, विधायकों व पूर्व सांसदों-विधायकों से शपथ पत्र लेकर सार्वजनिक रूप से बताये कि इन भाजपा मंत्रीयों-संतरियों ने अपने परिवारों व अति निटकतम रिश्तेदारों के नाम कभी सीएलयू लिया है या नही और लिया है तो कब और कहां लिया है। विद्रोही ने कहा कि दूसरों की जांच करने से पहले भाजपा नेताओं के लिए गए सीएलयू का ब्यौरा भी सार्वजनिक करके उनके ममालों की भी जांच करवाकर नैतिकता, निष्पक्षता, ईमानदारी व पारदर्शिता का उदाहरण भाजपा क्यों नही प्रस्तुत करती? सीएलयू मामलों में खट्टर सरकार व भाजपा जरा भी ईमानदार है तो विगत 25 वर्षो में गुडग़ांव में दिये गए सभी सीएलयू की जांच सुप्रीम कोर्ट से करवाले, कौन कितने पानी में है सभी का सच सामने आ जायेगा और सीएलयू में दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा।

विद्रोही ने हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एसएन अग्रवाल द्वारा खट्टर सरकार को पत्र लिखकर प्रदेश में विभिन्न जातियों की जनसंख्या व सरकारी-अर्धसरकारी नौकरियों में गु्रप ए से ग्रुप चार तक सभी सरकारी कर्मचारियों का जातिगत ब्यौरे के आंकड़े मांगने का स्वागत करते हुए इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया। विद्रोही ने कहा कि वे पिछले 7-8 साल से यही मांग करते आ रहे है कि नौकरियों में आरक्षण देने से पहले प्रदेश की हर जाति की जनसंख्या व नौकरियोंं में उनकी भागीदारी के आंकड़े जारी किये जाये। जातिगत जनसंख्या व नौकरियों में हिस्सेदारी के आंकड़े सार्वजनिक होते ही आरक्षण से सम्बन्धित 90 प्रतिशत समस्या अपने आप सुलझ जायेगी और यह भी तय हो जायेगा कि किस जाति को आरक्षण की जरूरत है और किसे नही। 

Tuesday, August 30, 2016

जुमले उछालने में हीरो और काम करने में जीरो हैं खट्टर, विद्रोही

जुमले उछालने में हीरो और काम करने में जीरो हैं खट्टर, विद्रोही


30 अगस्त 2016: स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने हंगामे के बीच अनावश्यक जल्दबाजी से विधानसभा में हरियाणा खेल परिषद बिल पारित करवाने की आलोचना करते हुए इसे भाजपा के सत्ता अंहकार का प्रतीक बताया। विद्रोही ने कहा कि प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा खेल परिषद बनाना अच्छा कदम है, इस बिल पर भला किसे आपत्ति हो सकती है। लेकिन जिस तरह विधायकों को बिल को पढऩे का आवश्यक समय दिये बिना ही हंगामे के बीच भाजपा सरकार ने इस बिल को अनावश्यक जल्दबाजी में पास करवाया है, वह बताता है कि भाजपा में लोकतांत्रिक भावना नही है। 

यदि विपक्षी विधायकों की मांग मानकर इस बिल को आनन-फानन में 29 अगस्त की बजाय 30 अगस्त को पास करवा लिया जाता तो कौनसा पहाड़ टूट जाता? जब सरकार खेलों व उभरते खिलाडियों को प्रोत्साहन देने के लिए हरियाणा खेल परिषद का गठन कर रही है तो विपक्ष को सकारात्मक-रचनात्मक सुझाव देने के लिए एक दिन का समय और दे देते तो कौनसा पहाड़ा टूट जाता। विद्रोही ने कहा कि वस्तुत: हरियाणा विधानसभा में हंगंामे के सिवाय कुछ नही होता। किसी भी मामले में गंभीरता से बहस सरकार करने नही देती। विधायी बिल पास करने के लिए विधायकों को समय नही दिया जाता। पिछले बजट सत्र में भी मात्र दस मिनट में सत्र के अंतिम दिन 9 बिल बिना चर्चा के पास कर दिये गए थे और अब हरियाणा खेल परिषद जैसे महत्वपूर्ण बिल को पारित करने में भी भाजपा सरकार ने वही हडबडी दिखाई। विद्रोही ने सवाल किया कि हरियाणा विधानसभा में बिलों को पारित करने में इतनी हडबड़ी क्यों दिखाई जाती है? क्या तो बिना चर्चा के चंद सैकिडों में बिल पास कर दिये जाते है और किसी बिल पर नाम मात्र की चर्चा भी होती है तो विधायकों को पढऩे व चर्चा के लिए अपेक्षित समय भी क्यों नही दिया जाता?

विद्रोही ने कहा कि पिछले माह 28-29 जुलाई को बरसात के कारण हुए जलभराव से गुडग़ांव में लगे 18-20 घंटे के महाजाम के बाद मुख्यमंत्री ने बड़े-बड़े दावे किये थे कि भविष्य में वर्षा होने पर जलभराव नही होगा व पानी निकासी मार्गो को दुरूस्त किया जायेगा। पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर रविवार-सोमवार को हुई वर्षा ने मुख्यमंत्री के दावों की पोल खोल दी है। गुडग़ांव सहित प्रदेश के हर शहर-कस्बे में पूर्व की तरह थोड़ी सी वर्षा से ही जलभराव हुआ। वर्षा के पानी को निकलने का कहीं मार्ग ही नही मिला। नाले-सीवर लाईन जाम रही, सडक़ों-घरों, मौहल्लों में पूर्व की तरह बरसाती पानी भरा गया। गुडग़ांव में टैऊफिक व्यवस्था फिर डगमगाई और बरसाती पानी से फिर जाम जैसी स्थिति पैदा हुई। मिनटों की दूरी घंटों में तय हुई। विद्रोही ने आरोप लगाया कि खट्टर सरकार दावे, वायदे व जुमले उछालने में तो उस्ताद है, लेकिन काम करने व अपनी की गई घोषणाओं व वायदों को पूरा करने में जीरो है। यह ऐसी नाकारा सरकार है, जिसकी कथनी और करनी में कोई तारतम्य नही है।

Sunday, August 28, 2016

हरियाणा पर संसद में बने कानून लागू होते है या नही खट्टर साहब?, विद्रोही

हरियाणा पर संसद में बने कानून लागू होते है या नही खट्टर साहब?, विद्रोही


28 अगस्त 2016: स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि निजामपुर-नारनौल में लाजिस्टिक हब बनाने के लिए एचएसआईडीसी द्वारा 30 लाख रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से सीधा किसानों से लगभग एक हजार एकड़ जमीन खरीदने की योजना से स्पष्ट है कि खट्टर-भाजपा सरकार भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की अवेहलना करके विकास के नाम पर भावनात्मक शोषण करके किसानों को खरीदी जाने वाली जमीन की पूरी कीमत ना देने का गैरकानूनी कार्य कर रही है। विद्रोही ने सवाल किया कि जब प्रदेश सरकार ही भूमि अधिग्रहण कानून की अवेहलना करके विकास के नाम पर सस्ती जमीन खरीदेगी तो फिर कानून व संविधान का औचित्य ही क्या है? कल प्रदेश के उद्योगपति कहेंगे कि वे अपने उद्योगों-संस्थानों के माध्यम से प्रदेश के लोगों को रोजगार दे रहे है, इसलिए श्रम कानूनों की परिपालना करने की बजाय मजदूरों से सहमति करके अपने स्तर पर तय करेंगे कि मजदूरों को क्या वेतन क्या सुविधाएं दी जाये। इसी तरह समाज के हर प्रभावशाली वर्ग, प्रदेश, राष्ट्र को दी जाने वाली सेवाओं के लिए कानून, संविधान की बजाय सेवा के नाम पर अपने-अपने अलग नियम क्यों नही बनायेगा? विद्रोही ने कहा कि यदि हरियाणा सरकार को भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली या खरीदी जाने वाली जमीन की कीमत किसानों को बाजार भाव से चार गुणा ज्यादा देनी ही नही तो संसद में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को बनाने का क्या औचित्य है? 
विद्रोही ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर से कहा कि वे स्पष्ट करे कि हरियाणा पर संसद में बने कानून लागू होते है या नही? हरियाणा देश के संघ का प्रदेश है या अलग देश है, जिस पर केन्द्र के बनाये कानून लागू नही होते? भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की उपेक्षा करके विकास के नाम पर लोगों को भावनात्मक शोषण करके किसानों से सीधी जमीन सस्ती दरों पर खरीदना ना केवल गैरकानूनी ही नही अपितु संविधान की धज्जियां उड़ाने वाला कदम भी है। सवाल उठता है कि कानून, संविधान की रक्षा करने की शपथ लेकर मुख्यमंत्री, मंत्री बनने वाले चुने हुए जनप्रतिनिधि यदि संविधान-कानून की अवेहलना करेंगे तो रक्षा कौन करेगा? वहीं विद्रोही ने सवाल किया कि कानून-संविधान की शपथ लेकर मुख्यमंत्री-मंत्री बनने वाले नेताओं को क्या शपथ की अवेहलना करने के बाद अपने पदों पर बने रहने का कोई नैतिक व संवैद्याानिक अधिकार है?

Saturday, August 27, 2016

सड़ता हरियाणा: अयोग्य, भ्रष्ट व चापलूस अधिकारियों से घिरे हुए है खट्टर

सड़ता हरियाणा: अयोग्य, भ्रष्ट व चापलूस अधिकारियों से घिरे हुए है खट्टर

27 अगस्त 2016: स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि रेवाड़ी सहित पूरे हरियाणा के शहर गदंगी से अटे पड़े है। नालियों की भयंकर बदबू से नागरिक परेशान है, लेकिन स्वच्छता अभियान के नाम पर झाडू लेकर मीडिया में चेहरे चमकाने की नौटंकी करने वाले मुख्यमंत्री, मंत्रीयों-संतरियों व भाजपा नेताओं का अता-पता नही है कि  वे किस बिल में घुसे है? विद्रोही ने सवाल किया कि जब सफाई करके लोगों को गदंगी से छुटकारा दिलवाने की जरूरत है, तब स्वच्छता अभियान की नौटंकी करने वाले भाजपाई सफाई करने को आगे क्यों नही आ रहे है? रेवाड़ी के नागरिक तो गंदगी व बदबू से इस कदर परेशान है कि वे ज्ञापन देकर सरकार से सफाई करवाने की गुहार लगा रहे है। पूरे हरियाणा की यही स्थिति है। मोनूसन के सीजन में शहर, कस्बों, गांवों में कहीं भी चले जाओ, चारो ओर गंदगी के ढेर लगे है। नालियां व सीवरेज जाम है, उनमें भयंकर बदबू आ रही है। नागरिक परेशान है और सफाई करने वाले गायब है। विद्रोही ने कहा कि भाजपा का सफाई अभियान सहित हर अभियान, नारा, वायदा, घोषणा एक जुमला बनकर रह गया है जो लोगों को गुमराह करने व मीडिया में सस्ता प्रचार पाने के लिए किया जाता है। भाजपा सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर है। सरकार-सुशासन गायब है। चारों ओर अव्यवस्था, अफरा-तफरी व गदंगी है।

विद्रोही ने कहा कि भाजपा खट्टर सरकार ने आरक्षण हिंसा पर प्रकाश सिंह कमेटी को अपनी दूसरी जांच रिपोर्ट देने से रोकर स्वयं साबित कर दिया है कि हरियाणा में हुई आरक्षण हिंसा के निर्माता, निर्देशक, मुख्य कलाकार, छायाकार, पब्लिसिटी निर्देशक सभी कुछ संघी-भाजपाई थे। प्रकाश सिंह कमेटी की पहली रिपोर्ट में मुख्यमंत्री कार्यालय, प्रशासन व पुलिस बेनकाब हो चुका है और खट्टर सरकार की नाकामी सबके सामने आ चुकी है। पहली रिपोर्ट से ही बैकफुट पर आ चुकी खट्टर सरकार को आशंका थी कि दूसरी रिपोर्ट ना केवल उसे पूरी तरह से बेनकाब कर देगी अपितु यह भी प्रमाणित हो सकता है कि इस जाट आरक्षण हिंसा के कर्ताधर्ता अप्रत्यक्ष रूप से खट्टर सरकार-भाजपाई व संघी ही थे। विद्रोही ने आरोप लगाया कि इसी डर से सरकार ने प्रकाश सिंह कमेटी को किसी भी तरह जांच की दूसरी रिपोर्ट देने से पूर्णतया रोक दिया है। 

रिटायर्ड डीजीपी प्रकाश सिंह ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री खट्टर जी अयोग्य, भ्रष्ट व चापलूस अधिकारियों व लोगों से घिरे हुए है। सरकार द्वारा नियुक्त जांच अधिकारी की यह तल्ख टिप्पणी अपने आप में खट्टर सरकार की दिशा-दशा की पोल खोलने के लिए काफी है। विद्रोही ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ईमानदार है या गैरईमानदार है, यह चर्चा बेमानी है। जमीनी सच्चाई यह है कि वे एक ऐसे असफल सीएम है जो अपने प्रशासन, पुलिस पर नकेल डालने, अच्छा प्रशासन देने व अपने चुनावी वायदे पूरे करने में पूर्णतया नाकाम रहे है। विद्रोही ने आरोप लगाया कि जाट आरक्षण के निर्माता-निर्देशक खट्टर सरकार-भाजपाई-संघी है, जिन्होंने अपनी राजनीतिक जड़े जमाने के लिए प्रदेश में आरक्षण हिंसा व जातिय तनाव पैदा करने का सुनियोजित षडयंत्र करने का पाप किया है। 

Tuesday, August 2, 2016

पहलवान नरसिंह के साथ साजिश करने वालों को बेनकाब करो, विद्रोही

पहलवान नरसिंह के साथ साजिश करने वालों को बेनकाब करो, विद्रोही

2 अगस्त 2016: स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने पहलवान नरसिंह यादव को डोप विवाद में नाडा से क्लीन चिट मिलने का स्वागत करते हुए इसे सत्य की जीत व साजिश की हार बताया। विद्रोही ने कहा कि नाडा से क्लीन चिट मिलने के बाद अब यह पता लगाया जाये कि डोप साजिश किसने रची थी। हरियाणा पुलिस इस मामले की जांच करने में अक्षम दिख रही है। इसलिए मुख्यमंत्री इस मामले की जांच तत्काल सीबीआई को सौंपे ताकि साजिशकर्ताओं के चेहरे बेनकाब हो सके। खिलाडी किसी जाति, धर्म, क्षेत्र या राज्य के नही होते अपितु वे पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते है और सभी को हर खिलाड़ी पर समान रूप से गर्व होता है। खेलों को राजनीति व साजिश से ऊपर माना जाता है। समाज में हर मामले में सभी को यही सलाह दी जाती है कि खिलाडी व खेल की भावना को अपनाओ। विद्रोही ने कहा कि आज यह साजिश नरसिंह यादव के साथ हुई है। कल किसी और खिलाडी के साथ भी हो सकती है। निजी हितों, निजी खुन्दकों के लिए ऐसी साजिश रचने वाले देश, खेल व खिलाडिय़ों के विरोधी है जिनका बेनकाब होना बेहद जरूरी है और चिन्हित करके उन्हे कठोर दंड भी देने की जरूरत है ताकि अन्यों को भी इससे सबक मिले और कोई भविष्य में ऐसी साजिश दोबारा ना रचे। विद्रोही ने प्रदेश व केन्द्र सरकार से आग्रह किया कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपे और साई केन्द्र सोनीपत में फैली साजिशों की गदंगी और दुव्र्यवस्था को तत्काल ठीक किया जाये।

Tuesday, July 26, 2016

हरियाणा में नहीं मिटा भ्रष्टाचार, विद्रोही

हरियाणा में नहीं मिटा भ्रष्टाचार, विद्रोही

Chandigarh: स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने भाजपा कार्यकर्ताओं के जिला प्रशिक्षण शिविर में वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के इस दावे को हास्यास्पद बताया कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है। विद्रोही ने वित्तमंत्री से सवाल किया कि यदि भजपा ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है तो दो राज्य मंत्रीयों को भ्रष्टाचार के आरोप में सरकार से क्यों हटाया गया है? वहीं यदि वित्तमंत्री के दावे अनुसार पूर्व सहकारिता मंत्री बिक्रम सिंह ठेकेदार ने 25 सालों से घाटे में चल रही सहकारिता मिलों को विगत दो वर्ष में लाभ में पहुचा दिया तो ऐसे योग्य, मेहनती व्यक्ति को भ्रष्टाचारी बताकर मंत्रीमंडल से क्यों हटा दिया गया? वहीं यदि भाजपा सरकार किसान हितैषी है तो किसानों को अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का मुआवजा भूमि अधिग्रहण कानून 2013 अनुसार बाजार भाव से चार गुणा ज्यादा देने की बजाय मुख्मयंत्री कलैक्टर रेट से केवल 20 प्रतिशत ज्यादा मुआवजा देने की बात क्यों कर रहे है? विद्रोही ने कहा कि यदि हरियाणा में भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार नही है तो सफाई अभियान के नाम पर करोड़ों रूपये फूंकने के बाद भी मोनसून वर्षा से शहर-कस्बा गंदगी, कीचड़-कूडे से क्यों अट गए? भाजपा शासन में बनाई गई सडक़ों पर पहली ही बरसात से गड्डे क्यों पड़ गए? सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देकर आम आदमी को काम क्यों करवाने पड़ रहे है? भाजपा सरकार में शामिल मंत्रीयों-संतरियों के सत्ता में आने के बाद रातो-रात सम्पत्ति कैसे बढ़ गई? उनके परिवारजन ठाठ-बाठ से कैसे जीने लगे? विद्रोही ने कहा कि सच्चाई यही है कि भाजपा शासन में भ्रष्टाचार, कुशासन, अत्याचार बढ़े है। सरकार पूर्णतया अफसल साबित हुई है और अधिकारी बेलगाम हुए है।